सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अंजलि अरोड़ा ने एक हालिया बातचीत के दौरान सार्वजनिक मंचों पर मिली बदनामी और अपनी छवि को पहुंचे नुकसान पर खुलकर बात की है। यूट्यूबर प्रियंका शर्मा के साथ बातचीत करते हुए वह अपनी निजी ज़िंदगी और करियर पर पड़े बुरे असर को याद कर भावुक हो गईं। अंजलि का दावा है कि उनकी सार्वजनिक छवि को बिगाड़ने में अभिनेत्री कंगना रनौत की बहुत बड़ी भूमिका रही है, जिसकी वजह से उन्हें लंबे समय तक नकारात्मक माहौल का सामना करना पड़ा।
रियलिटी शो के मंच पर हुआ अपमान
अंजलि अरोड़ा के अनुसार, वह पहली सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर थीं जिन्हें एक बड़े रियलिटी शो 'लॉक अप' का हिस्सा बनने का मौका मिला था। इस शो की मेजबानी कंगना रनौत कर रही थीं। मंच पर हुई बातचीत को याद करते हुए अंजलि ने कहा कि कंगना ने नेशनल टीवी पर उनकी बेइज्जती की थी। इस अपमानजनक बातचीत का सीधा असर जनता के बीच उनकी छवि पर पड़ा।
अंजलि ने उस घटना का ब्योरा देते हुए बताया कि कंगना रनौत ने उनके काम और फॉलोइंग पर सवाल उठाए थे। कंगना ने उनसे सीधे तौर पर पूछा था कि वह आखिर ऐसा क्या काम करती हैं जिससे उनके इतने फॉलोअर्स बन गए हैं। इसके साथ ही कंगना ने अपनी तुलना करते हुए कहा था कि इतने लंबे समय से मनोरंजन जगत में सक्रिय रहने के बावजूद उनके खुद के इतने फॉलोअर्स नहीं हैं। अंजलि का मानना है कि इस तरह के बयानों ने दर्शकों के मन में उनके प्रति एक गलत धारणा स्थापित कर दी।
वायरल फेम और 'कच्चा बादाम' का सफर
सोशल मीडिया की दुनिया में अंजलि अरोड़ा को 'कच्चा बादाम गर्ल' के रूप में पहचान मिली थी। एक बंगाली गाने पर बनाए गए उनके डांस वीडियो ने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया था, जिसके बाद वह रातोंरात स्टार बन गई थीं। उनके डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर हजारों फॉलोअर्स जुड़ गए और उन्हें व्यापक लोकप्रियता मिली। इसी सोशल मीडिया फॉलोइंग के दम पर उन्हें रियलिटी शो में एंट्री मिली थी, जहां से उनके करियर का एक नया चरण शुरू हुआ था।
सीता के किरदार पर उठा विवाद और फिल्म की असफलता
अंजलि अरोड़ा की फिल्म 'महाकाव्य श्री रामायण कथा' पिछले महीने सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। इस पौराणिक प्रोजेक्ट में उन्होंने माता सीता की अहम भूमिका निभाई थी। हालांकि, यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों को आकर्षित करने में पूरी तरह नाकाम रही और सिनेमाघरों से चुपचाप गायब हो गई। फिल्म के प्रदर्शन से ज्यादा चर्चा उसकी कास्टिंग को लेकर हुई थी।
फिल्म के पर्दे पर आने से पहले ही अंजलि अरोड़ा की कास्टिंग को लेकर भारी विरोध शुरू हो गया था। सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल खड़े किए थे कि एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को माता सीता जैसे पवित्र और पूज्य किरदार में क्यों लिया गया। इस बात को आधार बनाकर इंटरनेट पर लोगों ने उनकी पुरानी छवि का हवाला दिया और उन्हें लगातार निशाना बनाया।
ऑनलाइन ट्रोलिंग और नफरत भरे संदेशों का दर्द
ट्रोलिंग और अपनी छवि पर बात करते हुए अंजलि की आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने बताया कि उनकी कास्टिंग पर उंगली उठाते हुए लोगों ने बेहद भद्दे और आपत्तिजनक कमेंट्स किए। आज भी उनके सोशल मीडिया हैंडल्स पर लगातार अभद्र टिप्पणियां पोस्ट की जाती हैं। अंजलि ने ऐसे लोगों की सोच की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि स्क्रीन के पीछे छिपकर महिलाओं को निशाना बनाने और उन्हें परेशान करने वालों की मानसिकता किसी रेपिस्ट जैसी होती है।

















