सिने जगत के महानायक अमिताभ बच्चन और दिग्गज गायक-अभिनेता किशोर कुमार ने अपने दौर में न केवल साथ काम किया बल्कि कई अवसरों पर एक-दूसरे से मुलाकात भी की। इसी सिलसिले में अमिताभ बच्चन ने अब उनसे जुड़े कुछ बेहद खास संस्मरण दर्शकों के सामने रखे हैं। इन यादों में एक मजेदार फोन कॉल का वाकया भी शामिल है, जब किशोर कुमार ने अमिताभ की आवाज सुनकर उन्हें अपना बेटा समझ लिया था। इसके अलावा, अमिताभ ने उनके घर जाने का पुराना प्रसंग भी याद किया, जहां गायक ने बेहद गर्मजोशी और प्यार के साथ उनका स्वागत किया था।
लोकप्रिय क्विज शो कौन बनेगा करोड़पति सीजन 18 के आगामी एपिसोड में अमिताभ बच्चन एक बार फिर किशोर कुमार को याद करते हुए नजर आएंगे। इस दौरान उन्होंने बातचीत करते हुए कहा कि वह एक बेहद दिलदार इंसान थे। उनसे कई मर्तबा मुलाकात हुई और हर बार उनका अंदाज बेहद प्यार भरा होता था। अमिताभ ने यह भी साझा किया कि उन्हें किशोर कुमार के साथ रिकॉर्डिंग स्टूडियो में वक्त बिताने और बैठने का सुनहरा अवसर भी मिला था।
किशोर कुमार ने दिखाया अपने कैसेट्स का विशाल संग्रह
अपनी यादों के पिटारे से किस्सा निकालते हुए अमिताभ बच्चन ने बताया कि एक बार किशोर कुमार ने उन्हें अपने घर पर आमंत्रित किया था। उस जमाने में वीडियो कैसेट्स का नया दौर चल रहा था और किशोर दा को इन्हें इकट्ठा करने का बेहद शौक था। किशोर कुमार ने अपने उस आवास पर दुनिया भर की फिल्मों और वीडियो कैसेट्स का पूरा कलेक्शन उन्हें दिखाया था। वह अपने इस अनूठे संग्रह को लेकर काफी उत्साहित थे और बड़े गर्व के साथ अपनी उस दुनिया से उन्हें रूबरू करा रहे थे।
इसके बाद अमिताभ बच्चन ने किशोर कुमार के साथ हुई एक दिलचस्प फोन कॉल का किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि एक रोज जब उन्होंने फोन पर अपना परिचय देते हुए कहा कि वह अमित बोल रहे हैं, तो किशोर कुमार ने पलभर में समझ लिया कि यह फोन उनके अपने बेटे और जाने-माने गायक अमित कुमार का ही है। इस छोटी सी गफलत ने दोनों के बीच एक प्यारा सा किस्सा छोड़ दिया, जिसे आज भी याद किया जाता है।
खंडवा से आए कंटेस्टेंट ने साझा किए शहर के जज्बात
शो के दौरान मंच पर मौजूद प्रतियोगी वीरेंद्र जायसवाल, जो सीधे किशोर कुमार के जन्मस्थान खंडवा से ताल्लुक रखते हैं, ने महान गायक और उनके शहर के बीच के अनूठे रिश्ते पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि किशोर कुमार के गाने खंडवा के बाशिंदों के दिलों में इस कदर रचे-बसे हैं कि उनका नाम लेते ही लोग स्वतः उनके गीत गुनगुनाने लगते हैं।
वीरेंद्र ने आगे बताया कि किशोर कुमार ने अपनी जिंदगी में गायक, अभिनेता, लेखक और मनोरंजन की दुनिया से जुड़े अनगिनत अन्य क्षेत्रों में भी अपनी बहुमुखी प्रतिभा का लोहा मनवाया। शायद ही कोई ऐसा क्षेत्र बचा हो, जिसमें किशोर कुमार ने अपनी अमिट छाप न छोड़ी हो। आज भी खंडवा में उनके जन्मदिन यानी 4 अगस्त को किसी बड़े पर्व की तरह खास अंदाज में मनाया जाता है, जहां शहर के विभिन्न इलाकों में लोग उनके बेहतरीन गीत गाकर उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं।
नवजात के कान में गूंजता है किशोर का नाम
बातचीत को आगे बढ़ाते हुए प्रतियोगी ने एक बेहद भावुक और हैरान करने वाली बात साझा की। उन्होंने कहा कि खंडवा में जब भी किसी परिवार में नए बच्चे का जन्म होता है, तो उसके कानों में सबसे पहले 'किशोर' नाम ही सुनाया जाता है। इस एक परंपरा से इस बात का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि किशोर कुमार का अपने शहर और वहां के लोगों के साथ कितना गहरा, आत्मीय और अटूट रिश्ता रहा है।



















