रियालिटी शो के मंच पर अभिनेत्री कनिका मान ने अपनी जिंदगी के उस बेहद परेशान करने वाले दौर का जिक्र किया, जब वह कॉलेज के पहले साल में थीं और एक हिंसक रिश्ते के चंगुल में फंस गई थीं। उस समय की घटनाओं को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि वह लगातार एक ऐसे खौफ में जी रही थीं जहां उन्हें हर समय अपनी जान जाने का खतरा सताता रहता था। उनका तत्कालीन साथी किस कदर अनियंत्रित और आक्रामक व्यवहार करता था, इसकी दास्तान सुनकर मंच पर मौजूद अन्य सभी प्रतियोगी भी सन्न रह गए।
कॉलेज के शुरुआती दिनों में दोस्ती और रिश्ते की शुरुआत
कनिका मान ने बताया कि वह एक ऐसे पारंपरिक पारिवारिक माहौल से ताल्लुक रखती हैं जहां लड़कियों को बहुत अधिक आजादी नहीं मिलती थी। जब उन्होंने कॉलेज में कदम रखा, तो उन्होंने देखा कि अन्य लड़कियां देर रात तक अपने दोस्तों या प्रेमियों से फोन पर लंबी बातचीत करती थीं। इसी माहौल को देखकर उनके मन में भी एक साथी बनाने की इच्छा जागी।
इसी उत्सुकता में उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर अपना खाता तैयार किया। वहां बातचीत के दौरान जिस पहले लड़के ने उनकी तरफ थोड़ा भी ध्यान दिया, कनिका ने उसी के साथ अपना रिश्ता जोड़ लिया। हालांकि उन्हें उस वक्त बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि सोशल मीडिया पर हुई यह शुरुआत आगे चलकर उनके लिए जानलेवा मानसिक प्रताड़ना और अंतहीन डर का कारण बन जाएगी।
क्लासरूम में दखल और सार्वजनिक रूप से हिंसा
समय बीतने के साथ उस लड़के की मानसिकता पूरी तरह शक्की और हिंसक हो गई। वह हर वक्त कनिका की गतिविधियों पर निगरानी रखने लगा और बिना किसी सूचना के अचानक उनके क्लासरूम में घुस आता था। कनिका ने उस दर्दनाक घटना का उल्लेख किया जब उन्होंने सिंगल स्ट्रैप वाली पोशाक पहनी थी। सिर्फ इस साधारण सी बात पर वह इतना भड़क गया कि उसने क्लास में सभी लोगों के सामने उन्हें जोर का थप्पड़ जड़ दिया।
उस दौरान कनिका ने हाल ही में अपने कान छिदवाए थे, जिसके चलते उस तेज प्रहार से उनके कान से खून रिसने लगा। कनिका के अनुसार सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह रही कि सरेआम हुई इस मारपीट को देखकर भी वहां मौजूद किसी भी व्यक्ति ने आगे आकर बीच-बचाव करने का प्रयास नहीं किया। वह लड़का हर छोटी बात पर उनके पिता को फोन करके झूठी बातें बताने की धमकी देता था। एक अवसर पर उसने फोन मिलाया भी, मगर संयोग से उनके पिता ने कॉल नहीं उठाया। कनिका ने कहा कि अगर उस दिन उनके पिता वह फोन उठा लेते, तो शायद उन्हें उस प्रताड़ना से बहुत पहले ही छुटकारा मिल जाता।
चाकू की नोक पर खौफनाक हरकत और मांग भरने की जिद
कनिका मान उस वक्त कानून की पढ़ाई कर रही थीं और आठ से नौ महीने की कानूनी शिक्षा ने उन्हें अपने अधिकारों और कानूनी रास्तों को समझने का हौसला दिया था। उन्होंने उस अंतिम और सबसे भयानक घटना का ब्योरा दिया जिसने इस पूरे सिलसिले को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया।
सर्दियों के दिन थे और उस लड़के ने हुडी पहन रखी थी। वह कनिका के हॉस्टल से लेकर उनके विभाग की इमारत तक लगातार पीछा करते हुए आ धमका। जैसे ही कनिका इमारत के प्रवेश द्वार की ओर बढ़ने लगीं, उसने पीछे से तेजी से झटके के साथ उनका हाथ पकड़कर खींचा। इसके बाद उसने अपनी जेब से चाकू निकाल लिया। उसने एक हाथ से कनिका के बाल दबोचे और दूसरे हाथ से खुद के शरीर पर चाकू से तीन से चार गहरे कट लगा लिए। वह चिल्लाने लगा कि वह अपने इसी बहते खून से कनिका के बालों में सिंदूर भरेगा।
कानूनी कार्रवाई और परिवार का मिला सहारा
इस भयानक मंजर को देखकर कनिका समझ गईं कि अब खामोश रहने का मतलब अपनी जान गंवाना होगा। उन्होंने तुरंत वहां उपस्थित एक व्यक्ति से पुलिस को फोन लगाने को कहा। पुलिस का जिक्र आते ही वह लड़का बुरी तरह सहम गया और घबरा गया। कुछ ही देर में पुलिस मौके पर पहुंची और उसे अपनी हिरासत में ले गई। इसके बाद उसे दो से तीन दिनों तक जेल की सलाखों के पीछे रहना पड़ा।
जेल से रिहा होने के उपरांत उस लड़के के परिवार वालों ने कनिका को अलग-अलग तरीकों से डराना और धमकाना शुरू कर दिया। कनिका ने स्वीकार किया कि वह अपने परिवार को यह सब सच बताने से बहुत झिझकती थीं और डरती थीं। लेकिन जब उन्होंने हिम्मत जुटाकर अपने परिजनों को पूरी सच्चाई बताई, तो उनके माता-पिता और परिजनों ने बिना किसी हिचकिचाहट के उनका पूरा साथ दिया और उनका संबल बने।


















