भारतीय सिनेमा के सबसे भव्य प्रोजेक्ट्स में शुमार बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रामायण' बड़े पर्दे पर दस्तक देने के लिए पूरी तरह तैयार है। केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानी CBFC ने फिल्म को बिना किसी बदलाव या कट के U सर्टिफिकेट जारी कर दिया है, जिसका अर्थ है कि पारिवारिक दर्शक और हर आयु वर्ग के लोग इसे सिनेमाघरों में एक साथ देख सकेंगे। नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी इस पौराणिक गाथा की आधिकारिक अवधि 195 मिनट यानी 3 घंटे 15 मिनट तय की गई है। शुक्रवार को सेंसर बोर्ड से हरी झंडी मिलने के बाद अब इस बहुप्रतीक्षित महाकाव्य की थिएट्रिकल रिलीज का रास्ता पूरी तरह साफ हो चुका है।
दो भागों की गाथा का पहला अध्याय और प्रमुख किरदार
इस पूरे प्रोजेक्ट को दो अलग-अलग हिस्सों में तैयार किया जा रहा है, जिसमें से यह पहला भाग 5 नवंबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में पेश किया जाएगा। इस पहले अध्याय में रणबीर कपूर ने भगवान राम, साई पल्लवी ने माता सीता और यश ने रावण की भूमिका निभाई है। लॉस एंजिलिस में आयोजित प्रीमियर के बाद से ही फिल्म को लेकर सकारात्मक माहौल बना हुआ है। 195 मिनट के लंबे रनटाइम के साथ यह सिनेमाई महागाथा दर्शकों को एक विस्तृत और भव्य अनुभव देने का दावा करती है।
एडवांस बुकिंग में जबरदस्त रुझान, NCR सबसे आगे
सिनेमाघरों में उतरने से पहले ही टिकट खिड़की पर दर्शकों का भारी उत्साह साफ दिखाई दे रहा है। 31 अक्टूबर तक सामने आए आंकड़ों के अनुसार फिल्म ने एडवांस बुकिंग के जरिए 19.30 करोड़ रुपये का संग्रह कर लिया है। यदि ब्लॉक्ड सीटों को अलग कर दिया जाए, तब भी यह शुद्ध आंकड़ा 16 करोड़ रुपये तक पहुंचता है। प्री-सेल्स कलेक्शन के मामले में देश भर के शहरों में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी NCR अव्वल रहा है, जहां अकेले 3.21 करोड़ रुपये के टिकट बिक चुके हैं। रिलीज की तारीख नजदीक आने के साथ टिकटों की बिक्री में और बड़ी बढ़त की संभावना जताई जा रही है।
4000 करोड़ का भारी-भरकम बजट और भव्य पैमाना
यह परियोजना भारतीय सिनेमा के इतिहास के सबसे महंगे निर्माणों में शामिल है, जिसके दोनों भागों को तैयार करने में लगभग 4000 करोड़ रुपये की लागत बताई जा रही है। हालांकि, इस कुल लागत का दोनों हिस्सों में किस तरह से विभाजन हुआ है, इसका ब्यौरा पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। रावण की भूमिका निभा रहे अभिनेता यश ने इस संबंध में पहले बताया था कि इस कुल राशि में व्यापक प्रचार और प्रमोशन का खर्च भी शामिल है। सेंसर बोर्ड की मंजूरी और शुरुआती टिकट बिक्री के मजबूत रुझान के बाद अब सिनेमा उद्योग और दर्शकों की निगाहें इसके पहले दिन की कुल कमाई पर टिकी हुई हैं।






















