राजधानी दिल्ली में आयोजित एक बड़े संगीतमय कार्यक्रम के दौरान उस समय बेहद भावुक माहौल बन गया, जब मशहूर गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने बीच प्रस्तुति में ही अपना गायन रोक दिया। मंच पर गाते हुए अचानक उनका ध्यान चारों तरफ मुस्तैदी से पहरा दे रहे सुरक्षाबलों पर गया। उन्होंने न केवल इन जवानों के कड़े परिश्रम की खुलकर सराहना की, बल्कि वहां ड्यूटी निभा रहीं एक महिला सीआरपीएफ अधिकारी के साथ एक ऐसा आत्मीय पल साझा किया जिसने स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों की आंखें नम कर दीं।
मंच पर प्रस्तुति रोककर जवानों को किया सलाम
राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार, 30 अक्टूबर को आयोजित इस लाइव कार्यक्रम में जब दर्शक संगीत की धुनों पर झूम रहे थे, तभी दिलजीत ने कुछ समय के लिए अपने सुर थाम लिए। उन्होंने आयोजन स्थल पर तैनात पुलिस और अन्य अर्धसैनिक बलों के योगदान को रेखांकित करते हुए उन्हें आदरपूर्वक सलामी दी। इसके तुरंत बाद उन्होंने सामने मौजूद विशाल जनसमूह से सुरक्षाकर्मियों के सम्मान में जोर-जोर से तालियां बजाने का आह्वान किया, जिसका दर्शकों ने पूरे उत्साह के साथ समर्थन किया।
महिला सीआरपीएफ अधिकारी से बातचीत और मां की याद
सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा किए गए एक वीडियो में गायक सुरक्षाकर्मियों की भूमिका पर अपने विचार रखते नजर आते हैं। दिलजीत ने वहां मौजूद लोगों से कहा कि इन जवानों की मुस्तैदी की बदौलत ही नागरिक पूरी तरह बेखौफ होकर ऐसे आयोजनों का आनंद ले पाते हैं। सुरक्षा के इसी महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि यदि ये जवान यहां तैनात न हों, तो कोई भी सुरक्षित महसूस नहीं कर पाएगा।
इसके बाद उन्होंने परिसर में पहरा दे रहीं एक महिला सीआरपीएफ अधिकारी को मंच पर आमंत्रित किया। उनसे आत्मीय संवाद करते हुए गायक बेहद भावुक हो गए। उन्होंने साझा किया कि व्यस्तता के चलते वह पूरे साल में अपनी मां से सिर्फ एक या दो बार ही भेंट कर पाते हैं। ऐसे में जब उनकी नजर ड्यूटी पर मुस्तैद उस महिला अधिकारी पर पड़ी, तो उन्हें ऐसा आभास हुआ मानो साक्षात उनकी मां ही उनके सामने आ खड़ी हुई हों।
मां के फोन का भावनात्मक प्रसंग और आशीर्वाद
दिलजीत ने दर्शकों के साथ यह बात भी बांटी कि कार्यक्रम वाले दिन ही सुबह उनकी मां का फोन आया था। मां ने बातचीत के दौरान उनसे अपनी सेहत और खान-पान का ध्यान रखने को कहा था, जिस पर गायक ने उन्हें आश्वस्त किया था कि सब कुछ मंगलमय होगा और चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
मंच पर उपस्थित महिला अधिकारी की ओर मुखातिब होकर उन्होंने स्नेहपूर्वक उनके सिर पर हाथ रखा और कहा कि उन्हें उनमें अपनी मां का ही स्वरूप दिखाई दे रहा है। गायक के इस आदरपूर्ण और ममतामयी भाव को देखकर पूरा परिसर करतल ध्वनि से गूंज उठा। इस मार्मिक क्षण के बहाने उन्होंने विशाल जनसमूह की सुरक्षा में मुस्तैद समूची सुरक्षा टुकड़ी के प्रति दिल से आभार प्रकट किया।
प्रशासन, मेट्रो और आयोजन से जुड़ी एजेंसियों का धन्यवाद
संगीतमय शाम के समापन के पश्चात दिलजीत ने डिजिटल मंचों पर संदेश साझा करके दिल्ली के प्रशंसकों और इस विशाल आयोजन को निर्बाध रूप से संचालित करने वाली प्रशासनिक इकाइयों की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से दिल्ली पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) तथा बुकमायशो लाइव की प्रबंधकीय टीमों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित की। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली के संगीत प्रेमियों के प्रति अपने अगाध स्नेह का इजहार भी किया।
उल्लेखनीय है कि बीते कुछ महीनों के दौरान राजधानी की कानून-व्यवस्था से जुड़ी दिल्ली पुलिस खासी सुर्खियों में रही थी, खासकर जंतर-मंतर पर घटित विरोध प्रदर्शनों के समय। इसी वर्ष जुलाई के महीने में संसद मार्ग की तरफ बढ़े प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के मध्य हुई नोकझोंक के दृश्य भी डिजिटल माध्यमों पर प्रसारित हुए थे। तनावपूर्ण पृष्ठभूमि के बाद एक बड़े सार्वजनिक जलसे में कलाकारों द्वारा सुरक्षा एजेंसियों को मिले इस खुले सम्मान ने व्यापक स्तर पर जनसामान्य का ध्यान अपनी ओर खींचा है।


















