सोशल मीडिया पर 'द रेबेल किड' के नाम से मशहूर लोकप्रिय कंटेंट क्रिएटर अपूर्वा मुखीजा ने नेटफ्लिक्स के रियलिटी शो 'लॉक अप: सच या सजा' (लॉक अप 2) में अपने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े कुछ बेहद चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। इस शो में वाइल्डकार्ड के तौर पर अपूर्वा की एंट्री के बाद से ही प्रशंसकों को उनके और सूफी मोतीवाला के बीच एक तीखे आमने-सामने की उम्मीद थी। दोनों कंटेंट क्रिएटर्स के बीच पहले सोशल मीडिया पर एक लंबी और कटु बहस हो चुकी थी। हालांकि, शो के भीतर आते ही अपूर्वा ने अपनी गहरी भावनाओं को सामने रखकर सभी को हैरान कर दिया। उन्होंने खुलासा किया कि भले ही बाहर उनका विवाद जगजाहिर है, लेकिन उनकी जिंदगी के सबसे मुश्किल वक्त में सूफी ने ही उनका सबसे बड़ा सहारा बनकर उनकी मदद की थी।
लॉक अप 2 में कड़वाहट का अंत और भावुक पल
अपूर्वा मुखीजा और सूफी मोतीवाला के पुराने विवादों को देखते हुए दर्शक किसी बड़े झगड़े की उम्मीद कर रहे थे। लेकिन इसके उलट, शो के दौरान दोनों के बीच एक बेहद भावुक और संवेदनशील बातचीत देखने को मिली। अपूर्वा ने सूफी से पुरानी कड़वाहट को भूलकर बात की और बताया कि कैसे मुश्किल दौर में उन्होंने सूफी की कमी को बहुत महसूस किया था। उन्होंने स्वीकार किया कि उनके बीच दूरियां भले ही बढ़ गई थीं, लेकिन सूफी एकमात्र ऐसे इंसान थे जिन्होंने संकट के समय उनका बिना किसी शर्त के साथ दिया था। इस बातचीत ने सोशल मीडिया की चकाचौंध के पीछे छिपे डिप्रेशन और अकेलेपन के मुद्दे को एक बार फिर सामने ला खड़ा किया है।
'इंडियाज गॉट लेटेंट' विवाद के बाद बिगड़ी थी मानसिक स्थिति
अपूर्वा ने शो में उस कठिन समय को याद किया जब वह 'इंडियाज गॉट लेटेंट' विवाद के बाद गंभीर मानसिक तनाव और डिप्रेशन से गुजर रही थीं। इस विवाद के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर भारी ट्रोलिंग और आलोचना का सामना करना पड़ा था, जिससे वह पूरी तरह से टूट चुकी थीं। उन्होंने बेहद भावुक होकर सूफी से कहा, "अगर तुम उस वक्त मेरे साथ नहीं होते, तो शायद मैं अपनी जान दे देती।" अपूर्वा ने साफ तौर पर कहा कि उस गंभीर संकट से अकेले बाहर निकल पाना उनके लिए नामुमकिन था और सूफी की मौजूदगी ने ही उन्हें एक नया जीवन दिया था।
सूफी ने बयां किया अपना पक्ष और पुराना लगाव
अपूर्वा की इस बात को सुनकर सूफी काफी भावुक हो गए और उन्होंने अपूर्वा को इस तरह की आत्मघाती बातें न करने की सलाह दी। सूफी ने भी खुलकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं और कहा कि अपूर्वा के साथ उनकी दोस्ती उनकी जिंदगी के सबसे अच्छे और यादगार दौर में से एक थी। उन्होंने याद किया कि जब वे मुंबई आए थे, तो अपूर्वा के साथ के कारण ही उन्हें पहली बार ऐसा लगा था कि उनका कोई अपना करीबी दोस्त है और एक मजबूत सोशल सर्कल है। सूफी ने भी यह स्वीकार किया कि दोस्ती खत्म होने के बाद उन्होंने भी अपूर्वा को काफी मिस किया था।
करण जौहर के शो 'द ट्रेटर्स' से शुरू हुआ था विवाद
इन दोनों दोस्तों के बीच अनबन की कहानी पुरानी है। अपूर्वा मुखीजा और सूफी मोतीवाला पहले करण जौहर के रियलिटी शो 'द ट्रेटर्स' में एक साथ नजर आए थे। इसी शो के बाद दोनों के आपसी रिश्तों में दरार आनी शुरू हुई, जो धीरे-धीरे एक बड़े सार्वजनिक विवाद में बदल गई। विवाद बढ़ने पर सूफी ने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट लिखकर अपनी स्थिति साफ की थी। उन्होंने कहा था कि उन्होंने कभी भी लोकप्रियता या फेम हासिल करने के लिए अपूर्वा की दोस्ती का इस्तेमाल नहीं किया। सूफी ने स्पष्ट किया था कि उन्होंने अपनी दोस्ती खत्म करने का फैसला केवल इसलिए लिया था क्योंकि उनके साथ किए जा रहे व्यवहार से वे आहत थे।


















