जयपुर में ‘मिर्जापुर: द मूवी’ नामक फिल्म इन दिनों बड़े परदे पर दिखाई जा रही है, जिसके एक गाने को लेकर गहरा विवाद खड़ा हो गया है। इस फिल्म में महाराणा प्रताप के त्याग, शौर्य और स्वाभिमान को समर्पित ‘शूरवीर’ गाने का इस्तेमाल किया गया है, जिस पर आपत्ति जताई जा रही है। राजस्थान के नेता राजेन्द्र राठौड़ ने इस पूरे मामले में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के चेयरपर्सन शशि शेखर वेम्पति को एक आधिकारिक पत्र भेजा है, जिसमें फिल्म निर्माताओं के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने और गाने को हटाने की मांग की गई है। उनका कहना है कि ऐसे महान ऐतिहासिक व्यक्तित्व से जुड़े गीतों को इस तरह से पेश करना पूरी तरह से गलत है।
गैंगस्टर्स और नशेड़ियों से जोड़ने का आरोप
राजेन्द्र राठौड़ की ओर से भेजे गए पत्र में मुख्य रूप से यह बात उठाई गई है कि फिल्म के भीतर ‘शूरवीर’ गाने का प्रयोग अपराधियों, गैंगस्टर्स और नशेड़ी किरदारों के संदर्भ में किया जा रहा है। उनके मुताबिक, महाराणा प्रताप केवल मेवाड़ या राजस्थान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे देश के लिए वे वीरता, त्याग और स्वाभिमान के अद्वितीय प्रतीक माने जाते हैं। ऐसे पूजनीय और महान ऐतिहासिक चरित्र को समर्पित किसी भी गीत या रचना को अपराधियों की गतिविधियों और उनके चित्रण के साथ जोड़ना किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने इसे राजस्थान की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत और देश की भावनाओं पर बड़ा आघात बताया है।
गीत की मूल भावना को विकृत करने की बात
बीजेपी नेता ने अपने इस पत्र में विस्तार से इस बात पर भी जोर दिया है कि जिस गीत की मूल रचना और प्रस्तुति का उद्देश्य महाराणा प्रताप के अदम्य साहस को नमन करना था, उसके अर्थ और गरिमा को फिल्म के कलाकारों के माध्यम से पूरी तरह से बदल दिया गया है। फिल्म के दृश्यों में शूरवीर और गैंगस्टर्स के चाल-चलन और हरकतों के बीच एक सीधा संबंध दिखाने की कोशिश की गई है। राठौड़ का मानना है कि इस तरह के चित्रण से न केवल उस गीत की मूल भावना और गरिमा विकृत होती है, बल्कि महाराणा प्रताप के सम्मान को भी गहरी ठेस पहुंचती है। उन्होंने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड से अपील की है कि वह इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करे।
गायक अशोक मंडा भी जता चुके हैं कड़ा विरोध
इस पूरे विवाद के बीच राजस्थानी गायक अशोक मंडा, जिन्हें रैपरिया बालम के नाम से भी जाना जाता है, इस गाने को लेकर पहले ही सार्वजनिक रूप से अपनी आपत्ति दर्ज करवा चुके हैं। राजेन्द्र राठौड़ ने अपने पत्र में इस बात का विशेष रूप से उल्लेख किया है कि मूल गायक ने भी यह साफ कर दिया है कि उन्होंने यह गीत पूरी तरह से महाराणा प्रताप को समर्पित करते हुए बनाया था और फिल्म में इसके इस्तेमाल से पहले उनसे किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी। राठौड़ ने सेंसर बोर्ड से यह मांग दोहराई है कि फिल्म से ‘शूरवीर’ गीत के बोलों को तुरंत हटाया जाए ताकि समाज की भावनाएं और ऐतिहासिक धरोहर सुरक्षित रह सकें।



















