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विश्व स्वास्थ्य संगठन ने की भारतीय स्वास्थ्य मॉडल की तारीफ, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और आशा कार्यकर्ताओं के काम को सराहाभारत
10 सित॰ 2026, 10:39 am (59 मिनट पहले)· 2

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने की भारतीय स्वास्थ्य मॉडल की तारीफ, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और आशा कार्यकर्ताओं के काम को सराहा

विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर भारत की स्वास्थ्य क्षेत्र में हुई प्रगति की सराहना की है। उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और आशा कार्यकर्ताओं के नेटवर्क को बड़ी सफलता बताया।

वैश्विक मंच पर भारतीय चिकित्सा व्यवस्था की बढ़ती साख और उसके सफल प्रयासों का एक बार फिर लोहा माना गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में हासिल की गई उल्लेखनीय प्रगति की खुले दिल से सराहना की है। उन्होंने विशेष रूप से जमीनी स्तर पर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, मातृ और शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा में सुधार तथा गैर-संचारी रोगों की रोकथाम के लिए उठाए गए कदमों की जमकर तारीफ की है।

दिली में हुई उच्चस्तरीय बैठक

यह महत्वपूर्ण मुलाकात एशियाई देश तिमोर-लेस्ते की राजधानी दिली में संपन्न हुई, जहां विश्व स्वास्थ्य संगठन दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्रीय समिति का 79वां सत्र आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस के बीच द्विपक्षीय चर्चा हुई। इस बैठक में भारत की घरेलू स्वास्थ्य उपलब्धियों के साथ-साथ विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ चल रहे उसके दीर्घकालिक और मजबूत सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

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सोशल मीडिया पर साझा किए विचार

बैठक के तुरंत बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन प्रमुख ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने लिखा कि भारतीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर देश के स्वास्थ्य ढांचे में आई प्रभावशाली तेजी के लिए बधाई दी गई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश ने माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य के साथ-साथ गैर-संचारी गंभीर बीमारियों के खिलाफ चल रही जंग में ऐतिहासिक और उल्लेखनीय सफलताएं अपने नाम की हैं।

आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की भूमिका

चर्चा के दौरान आयुष्मान आरोग्य मंदिर पहल की विशेष रूप से सराहना की गई। इस अनूठी पहल के माध्यम से देश के कोने-कोने में रहने वाले आम नागरिकों की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं और शुरुआती जांच सुविधाओं तक सीधी पहुंच बहुत आसान हो गई है। टेड्रोस ने बताया कि लगभग 1.6 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के जरिए देश के दूरदराज इलाकों में भी उच्च रक्तचाप, मधुमेह और आम प्रकार के कैंसर की समय रहते जांच की सुविधा सीधे लोगों के घरों के करीब उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही जिन मरीजों को आगे के विशेष उपचार की आवश्यकता होती है, उनके लिए एक व्यवस्थित रेफरल तंत्र भी सुचारू रूप से काम कर रहा है।

आशा कार्यकर्ताओं का मजबूत नेटवर्क

विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक ने देश की ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली आशा कार्यकर्ताओं के विशाल नेटवर्क की भी जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ये महिला कार्यकर्ता स्वास्थ्य सेवाओं को सीधे समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने का काम बखूबी कर रही हैं। खासकर महिलाओं, गर्भवती माताओं और छोटे बच्चों को जीवन के विभिन्न चरणों में जरूरी मदद मुहैया कराने में इनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है।

मातृ और शिशु मृत्यु दर में सुधार

टेड्रोस ने उल्लेख किया कि भारत की आशा कार्यकर्ता इस बात का बेहतरीन उदाहरण हैं कि कैसे सामुदायिक सहभागिता से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावी ढंग से घर-घर पहुंचाई जा सकती हैं। ये महिला कार्यकर्ता गर्भधारण के शुरुआती चरण से लेकर किशोरावस्था तक माताओं और बच्चों का लगातार सहयोग करती हैं। इसी का परिणाम है कि टीकाकरण के दायरे में लगातार विस्तार हुआ है और अस्पतालों या अधिकृत स्वास्थ्य केंद्रों में होने वाले सुरक्षित प्रसव की दर 78 प्रतिशत से बढ़कर सीधे 93 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जिससे मातृ और शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में लगातार सुधार दर्ज किया जा रहा है।

टीबी उन्मूलन और वैश्विक सहयोग

इस उच्चस्तरीय बैठक में देश से तपेदिक यानी टीबी को पूरी तरह खत्म करने के चल रहे प्रयासों पर भी विस्तार से मंथन हुआ। इस दिशा में भारत व्यापक स्तर पर आधुनिक जांच तकनीकों, बेहतर रोगी पहचान, त्वरित उपचार और मजबूत जनस्वास्थ्य कदमों के जरिए अपने प्रयासों को और अधिक तेज कर रहा है। दोनों नेताओं ने चिकित्सा उत्पादों की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावशीलता की गारंटी देने के लिए उनके विनियामक तंत्र को और ज्यादा सख्त और प्रभावी बनाने के विषयों पर भी विचार साझा किए। इसके अलावा वैश्विक स्वास्थ्य प्राथमिकताओं पर भारत द्वारा दिए जा रहे निरंतर सहयोग की भी समीक्षा की गई।

पारंपरिक चिकित्सा और महामारी समझौते पर चर्चा

टेड्रोस ने वैश्विक स्वास्थ्य पहलों में भारत की अग्रणी और महत्वपूर्ण भूमिका की भी सराहना की। इसमें पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों के क्षेत्र में आपसी सहयोग के साथ-साथ विश्व स्वास्थ्य संगठन के महामारी समझौते के अंतर्गत पैथोजन एक्सेस एंड बेनिफिट शेयरिंग प्रणाली पर चल रही अहम बातचीत भी शामिल है। यह पूरी बैठक ऐसे समय में हुई जब दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के तमाम स्वास्थ्य मंत्री और प्रतिनिधि दिली में क्षेत्रीय समिति के 79वें सत्र में भाग लेने के लिए एकत्र हुए हैं।

सवाल-जवाब

विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख ने किससे मुलाकात की?
डब्लूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की।
यह बैठक किस देश में आयोजित की गई थी?
यह बैठक एशियाई देश तिमोर-लेस्ते की राजधानी दिली में आयोजित की गई थी।
डब्लूएचओ प्रमुख ने किन योजनाओं की विशेष रूप से प्रशंसा की?
टेड्रोस ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर पहल और देश की आशा कार्यकर्ताओं के विशाल नेटवर्क की सराहना की।
देश में कितने आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हैं?
लगभग 1.6 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से लोगों को घर के करीब जांच सुविधाएं मिल रही हैं।
अस्पतालों में होने वाले प्रसव की दर बढ़कर कितनी हो गई है?
टीकाकरण के विस्तार और बेहतर सेवाओं के कारण संस्थागत प्रसव की दर 78 प्रतिशत से बढ़कर 93 प्रतिशत हो गई है।
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