अलवर जिले के सरिस्का क्षेत्र से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जहां खेती के दौरान एक बड़ा वन्यजीव दिखाई देने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। सुकल गांव में एक किसान अपने खेत में बाजरे की फसल की कटाई कर रहा था, तभी उसकी नजर एक विशालकाय मादा अजगर पर पड़ी। इतने बड़े आकार के जीव को अचानक सामने देखकर किसान के होश उड़ गए और उसने तुरंत आसपास के लोगों को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद पूरे इलाके में सतर्कता बरतने की बात कही गई।
बाजरा कटाई के दौरान हुआ आमना-सामना
घटना के समय सुकल गांव का एक स्थानीय किसान अपने खेत में शांतिपूर्वक बाजरा काट रहा था। काम के दौरान जैसे ही उसने फसल के बीच हलचल देखी और करीब से निरीक्षण किया, तो उसका सामना लगभग 11 फुट लंबे अजगर से हुआ। खेत में काम कर रहे मजदूरों और किसानों के लिए अचानक इतने भारी-भरकम जीव को देखना किसी बड़े खतरे से कम नहीं था। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए ग्रामीणों ने खुद कोई जोखिम उठाने के बजाय समझदारी का परिचय दिया और फौरन वन विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना दी।
वन विभाग और रेस्क्यू टीम की त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही अकबरपुर क्षेत्रीय वन अधिकारी हेमेन्द्र राजावत को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया गया। इसके बाद वन विभाग की एक टीम तुरंत सुकल वन क्षेत्र के उस खेत में पहुंची जहां अजगर मौजूद था। मौके पर पहुंचकर अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और यह सुनिश्चित किया कि बिना किसी जल्दबाजी के अजगर को सुरक्षित बाहर निकाला जाए, ताकि इंसानों और वन्यजीव दोनों को कोई नुकसान न पहुंचे। अभियान को सफलता पूर्वक पूरा करने के लिए वन विभाग ने वाइल्डलाइफ रिसर्च एंड रेस्क्यू सेंटर के अध्यक्ष विवेक जसाईवाल से संपर्क किया और उनकी टीम को भी मौके पर बुलाया।
सुरक्षित रेस्क्यू के बाद प्राकृतिक आवास में वापसी
वन विभाग के कर्मचारियों और स्थानीय ग्रामीणों के आपसी सहयोग से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। टीम ने पूरी सावधानी बरतते हुए करीब 16 वर्ष से अधिक उम्र की आंकी गई इस 11 फुट लंबी मादा अजगर को अपने नियंत्रण में ले लिया। अजगर को सुरक्षित तरीके से पकड़ने के बाद उसे एक उपयुक्त वाहन में लादकर उसके प्राकृतिक आवास के अनुकूल वन क्षेत्र में ले जाया गया। अंत में वन विभाग की टीम ने इस विशाल अजगर को सिलीसेढ़ वन क्षेत्र में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया, जिससे बिना किसी अप्रिय घटना के पूरे अभियान का सफलतापूर्वक समापन हुआ।
सरिस्का क्षेत्र में वन्यजीवों की आवाजाही और जरूरी सबक
सरिस्का का यह पूरा भूभाग विभिन्न प्रकार के वन्यजीवों के लिए एक महत्वपूर्ण और समृद्ध प्राकृतिक क्षेत्र माना जाता है। इस प्रकार के संरक्षित और जंगली इलाकों के आसपास बसे गांवों और खेतों में अक्सर वन्यजीवों का भटककर पहुंच जाना आम बात है। सुकल गांव की यह घटना एक बार फिर इंसान और वन्यजीवों के बीच के उस संवेदनशील संपर्क को उजागर करती है, जहां सावधानी ही बचाव का सबसे बड़ा साधन है। ग्रामीणों की सूझबूझ और समय पर दी गई सूचना के कारण ही इस विशाल अजगर की जान बचाई जा सकी और उसे उसके प्राकृतिक माहौल में वापस भेजा जा सका। यह घटना सभी के लिए एक बड़ा उदाहरण है कि ग्रामीण इलाकों या खेतों में कभी भी कोई वन्यजीव दिखाई दे, तो उसे खुद भगाने या पकड़ने की कोशिश करने के बजाय तुरंत वन विभाग को सूचित करना चाहिए ताकि दोनों पक्षों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।


















