फिल्म और टेलीविजन जगत के अनुभवी अभिनेता राकेश बेदी ने अपने व्यक्तित्व अधिकारों यानी पर्सनैलिटी राइट्स के संरक्षण के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में गुहार लगाई है। बुधवार, 23 सितंबर को उनकी याचिका जस्टिस अनूप जयराम भंभानी की अदालत के समक्ष सूचीबद्ध की गई थी। इस मामले का उल्लेख अदालत में होने के बाद इसे बौद्धिक संपदा यानी इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी डिवीजन के मामलों की सुनवाई करने वाली एक समर्पित बेंच के पास स्थानांतरित कर दिया गया।
पांच दशकों का शानदार अभिनय सफर
राकेश बेदी भारतीय मनोरंजन जगत में एक बेहद जाना-पहचाना नाम हैं, जिन्होंने 1970 के दशक से अब तक 150 से अधिक फीचर फिल्मों, कई चर्चित टेलीविजन धारावाहिकों और अनगिनत स्टेज नाटकों में अपनी कला का प्रदर्शन किया है। वे विशेष रूप से 'चश्मे बद्दूर' और 'मेरा दामाद' जैसी यादगार फिल्मों में अपने शानदार कॉमिक टाइमिंग और हास्य किरदारों के लिए जाने जाते हैं। इसके अलावा जासूसी एक्शन-थ्रिलर फिल्म 'धुरंधर' में जमील जमाली के किरदार में उनके गंभीर अभिनय को दर्शकों और आलोचकों से भरपूर सराहना हासिल हुई थी।
टेलीविजन के पर्दे पर भी उनका प्रभाव बेहद गहरा रहा है। उन्होंने भारतीय टीवी के इतिहास के कुछ सबसे लोकप्रिय धारावाहिकों में प्रमुख भूमिकाएं निभाई हैं, जिनमें 'ये जो है जिंदगी', 'श्रीमान श्रीमती', 'यस बॉस', 'भाभी जी घर पर हैं' और लंबे समय से चल रहा कॉमेडी शो 'तारक मेहता का उल्टा चश्मा' शामिल हैं। इन प्रसिद्ध किरदारों के जरिए उनकी छवि और आवाज घर-घर में पहचानी जाती है।
सिनेमा, खेल और राजनीति से जुड़े दिग्गजों की याचिकाएं
कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI तकनीक के विस्तार और डिजिटल माध्यमों पर पहचान के दुरुपयोग को लेकर मनोरंजन तथा अन्य क्षेत्रों के प्रतिष्ठित चेहरे लगातार कानूनी कदम उठा रहे हैं। दिल्ली हाईकोर्ट इससे पहले भी विभिन्न क्षेत्रों के कई दिग्गजों के पर्सनैलिटी राइट्स की हिफाजत के निर्देश जारी कर चुका है। इनमें अभिनेत्री तब्बू, क्रिकेटर अभिषेक शर्मा और युवराज सिंह, कांग्रेस नेता शशि थरूर तथा आंध्र प्रदेश के डिप्टी सीएम पवन कल्याण के नाम शामिल हैं।
इसके साथ ही अदालत ने 'बोट' के को-फाउंडर और एंटरप्रेन्योर अमन गुप्ता, तेलुगु सिनेमा के सुपरस्टार अल्लू अर्जुन, मलयालम अभिनेता मोहनलाल, आध्यात्मिक उपदेशक अनिरुद्धाचार्य, गायक जुबिन नौटियाल, पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर, अभिनेत्री काजोल देवगन, अभिनेता आर माधवन और एनटीआर जूनियर के अधिकारों को भी कानूनी संरक्षण प्रदान किया है। इसी क्रम में फिल्म स्टार सलमान खान ने भी अपनी पहचान की सुरक्षा को लेकर अदालत में मुकदमा दायर किया हुआ है।
विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित चेहरों को मिला अदालती संरक्षण
अदालत की विभिन्न पीठों ने 'द आर्ट ऑफ लिविंग' फाउंडेशन के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर, तेलुगु स्टार नागार्जुन, बॉलीवुड अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन, अभिनेता अभिषेक बच्चन और फिल्म निर्माता करण जौहर के पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण आदेश पारित किए हैं।
डिजिटल युग में फर्जी सामग्री की रोकथाम के तहत पत्रकार सुधीर चौधरी के मामले में भी अदालत ने राहत प्रदान की थी, जिन्होंने सोशल मीडिया मंचों पर अपने खिलाफ प्रसारित किए जा रहे भ्रामक और AI-जनरेटेड वीडियो के प्रसार को रोकने की मांग की थी। वहीं, कंटेंट क्रिएशन के क्षेत्र में चर्चित पॉडकास्टर राज शमानी के पक्ष में अदालत ने 'जॉन डो' आदेश पारित करते हुए माना कि वे भारत में डिजिटल क्रिएशन के क्षेत्र का एक प्रमुख चेहरा हैं और उनकी पहचान का अनधिकृत इस्तेमाल रोका जाना जरूरी है।


















