नीम करौली बाबा के जीवन से प्रेरित विशाल चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी फिल्म 'हनुमान अंश' बॉक्स ऑफिस पर पिछले 40 दिनों से अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए है। रिलीज से पहले जिस प्रोजेक्ट को स्ट्रीमिंग कंपनियों से कोई खास तवज्जो नहीं मिली थी, उसी फिल्म के शानदार प्रदर्शन ने अब पूरे बाजार का गणित बदल दिया है। टिकट खिड़की पर दर्शकों की बढ़ती भीड़ को देखकर अब कई प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स इसके अधिकार खरीदने की दौड़ में शामिल हो चुके हैं।
थिएट्रिकल रिलीज की स्पष्ट रणनीति और शुरुआती चुनौतियां
फिल्म की निर्माता रागिनी सोना के अनुसार जब इस सिनेमाई प्रोजेक्ट पर काम शुरू हुआ था, तब टीम का फोकस किसी डायरेक्ट स्ट्रीमिंग समझौते पर नहीं था। निर्माताओं की सोच पहले दिन से एकदम स्पष्ट थी कि इस कहानी को सिर्फ बड़े पर्दे के दर्शकों के सामने ही पेश किया जाना चाहिए। निर्माण के दौरान ही सिनेपोलिस के मयंक श्रॉफ डिस्ट्रीब्यूशन पार्टनर के रूप में इस यात्रा से जुड़े, जिससे टीम का हौसला बढ़ा।
शुरुआत में फिल्म को देशभर में केवल 350 से 400 स्क्रीन्स ही मिल पाई थीं। सीमित स्क्रीन काउंट की वजह से शुरुआती दौर में थोड़ी चिंता जरूर थी, लेकिन समय बीतने के साथ सकारात्मक प्रतिक्रिया ने रास्ते आसान कर दिए। शुरुआती दिन घरेलू बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ने केवल 10 लाख रुपये की कमाई के साथ बेहद धीमी शुरुआत की थी। हालांकि बाद के हफ्तों में माउथ पब्लिसिटी के दम पर कलेक्शन में भारी उछाल दर्ज किया गया और 12 सितंबर तक फिल्म ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 200 करोड़ रुपये का बड़ा आंकड़ा पार कर लिया।
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की होड़ और 100 करोड़ की डील की सच्चाई
फिल्म के बॉक्स ऑफिस पर चमत्कारी सफर के बाद अब कई दिग्गज स्ट्रीमिंग कंपनियां इसके पोस्ट थिएट्रिकल राइट्स हासिल करने के लिए संपर्क कर रही हैं। रागिनी सोना ने साझा किया कि अब एक समय में तीन-तीन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स इस फिल्म को अपने कैटलॉग में जोड़ने की इच्छा जाहिर कर रहे हैं। उन्होंने इसे दर्शकों के उस भरोसे का नतीजा बताया जो उन्होंने फिल्म की सादगी और विषयवस्तु पर जताया है।
हाल के दिनों में बाजार में ऐसी चर्चाएं भी जोरों पर थीं कि 'हनुमान अंश' के लिए 100 करोड़ रुपये की विशाल डिजिटल डील तय हो चुकी है। हालांकि निर्माता रागिनी सोना ने इन सभी अटकलों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि ऐसी किसी डील पर मुहर नहीं लगी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि टीम का पूरा ध्यान इस समय फिल्म के सिनेमाघरों में चल रहे सफल प्रदर्शन पर टिका हुआ है और किसी भी तरह की जल्दबाजी से बचा जा रहा है।
कहानी की ताकत और बजट का अनुशासन
फिल्म की इस अप्रत्याशित सफलता पर अभिनेता सोनू सूद ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने रेखांकित किया था कि सिनेमा को केवल भारी भरकम बजट, स्टार चेहरों या ग्लैमर के भरोसे नहीं, बल्कि जमीनी कहानियों के आधार पर तैयार किया जाना चाहिए। निर्माता रागिनी सोना ने इस दृष्टिकोण पर सहमति जताते हुए कहा कि अब पूरी फिल्म इंडस्ट्री को यह अहसास हो रहा है कि सिर्फ पैसे के दम पर सफलता नहीं खरीदी जा सकती।
रागिनी ने निर्देशन संभाल रहे विशाल चतुर्वेदी को शुरुआत में ही बजट पर कड़ा नियंत्रण रखने की सलाह दी थी। उनका मानना था कि लागत बेकाबू होने पर स्वतंत्र प्रोजेक्ट्स दबाव में आ जाते हैं। हालांकि जहां दृश्यों की प्रामाणिकता और वास्तविक लोकेशंस के लिए जरूरी था, वहां निर्देशक को पूरी रचनात्मक स्वतंत्रता दी गई। इसी सादगी और असली परिवेश ने दर्शकों के साथ एक भावनात्मक जुड़ाव स्थापित किया। फिलहाल फिल्म की किसी भी डिजिटल रिलीज डेट या पार्टनर का आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है, इसलिए इसे घर बैठे देखने के इच्छुक दर्शकों को अभी निर्माताओं की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।



















