फिल्म जगत में अपनी फिल्मों से ज्यादा अपने बेबाक और तीखे बयानों के लिए जाने जाने वाले राम गोपाल वर्मा एक बार फिर से सुर्खियों में आ चुके हैं। हाल ही में उन्होंने टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले को लेकर भी एक बड़ा बयान दिया था जिसमें उन्होंने कहा था कि वह कोई आम आपराधिक हमला नहीं था। अब उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक ऐसा संदेश साझा कर दिया है जिसके बाद इंटरनेट पर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। इस बार उन्होंने अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को आपस में जोड़ते हुए एक तुलनात्मक पोस्ट शेयर की है।
सोशल मीडिया पर हमेशा सक्रिय रहने वाले राम गोपाल वर्मा हर समसामयिक मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखते हैं और उनका यही अंदाज उनके चाहने वालों के बीच काफी चर्चित रहता है। इस बार उन्होंने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट के जरिए दोनों बड़े अपराधियों की पृष्ठभूमि से जुड़ा एक दिलचस्प पहलू सबके सामने रखा है। उन्होंने अपनी इस वायरल पोस्ट में लिखा है कि अब तक के सबसे खूंखार गैंगस्टरों माने जाने वाले दाऊद इब्राहिम और लॉरेंस बिश्नोई के बीच सबसे बड़ी समानता यह है कि वे दोनों ही एक पुलिस अधिकारी के बेटे हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति के परिवार या माता-पिता का पेशा यह तय नहीं करता है कि उनके बच्चे भविष्य में किस मार्ग पर आगे बढ़ेंगे।
मुंबई पुलिस से जुड़ा था दाऊद इब्राहिम का पारिवारिक इतिहास
दाऊद इब्राहिम के शुरुआती जीवन की बात करें तो उनके पिता इब्राहिम कासकर मुंबई पुलिस में हेड कांस्टेबल के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। सत्तर और अस्सी के दशक के दौरान मुंबई के अपराध जगत में दाऊद का नाम धीरे-धीरे उभरकर सामने आने लगा था। समय के साथ उसने अपनी पकड़ मजबूत करते हुए डी-कंपनी के नाम से एक बहुत बड़ा आपराधिक नेटवर्क खड़ा कर लिया था, जिसकी गूंज भारत ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुनाई दी। दाऊद के खिलाफ हत्या, जबरन वसूली, अवैध तस्करी और आतंकवाद जैसे कई संगीन मामलों में गंभीर आरोप दर्ज हैं। साल 1993 में मुंबई में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के बाद से ही वह भारतीय जांच एजेंसियों की सबसे बड़ी सूची में वांछित चल रहा है और उसका वह दौर आज भी इतिहास में दर्ज है।
हरियाणा पुलिस के कांस्टेबल के बेटे हैं लॉरेंस बिश्नोई
दूसरी तरफ, गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का पारिवारिक बैकग्राउंड भी कुछ ऐसा ही है क्योंकि उनके पिता भी पुलिस विभाग में कार्यरत रह चुके हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार उनके पिता हरियाणा पुलिस में कांस्टेबल के रूप में भर्ती हुए थे और सेवा दे चुके हैं। लॉरेंस का जन्म पंजाब के फाजिल्का जिले में हुआ था और अपनी पढ़ाई के दिनों में ही वह छात्र राजनीति की तरफ आकर्षित हो गए थे, जिसके बाद उनका नाम धीरे-धीरे कई आपराधिक मुकदमों में आने लगा। वर्तमान में लॉरेंस बिश्नोई के गिरोह पर हत्या, रंगदारी और हथियारों की तस्करी जैसे अपराधों में शामिल होने के गंभीर आरोप हैं। बहुचर्चित पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले में भी इसी गिरोह से जुड़े लोगों के नाम सामने आए थे, जिसके बाद से विभिन्न राज्यों की पुलिस और जांच एजेंसियां लगातार इनके नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए कार्रवाई करती रही हैं।
दोनों का दौर और कार्यशैली है बिल्कुल अलग
भले ही राम गोपाल वर्मा ने दोनों के पारिवारिक पेशे में एक समानता ढूंढ निकाली हो, लेकिन दाऊद इब्राहिम और लॉरेंस बिश्नोई का दौर, उनकी कार्यशैली और आपराधिक वारदातों की परिस्थितियां एक-दूसरे से काफी अलग हैं। दाऊद का प्रभाव मुख्य रूप से मुंबई के पुराने अंडरवर्ल्ड और वैश्विक स्तर पर फैले सिंडिकेट से जुड़ा रहा है, जबकि लॉरेंस बिश्नोई का गिरोह मुख्य रूप से देश के कई राज्यों में फैले मामलों और आधुनिक अपराधों की वजह से चर्चा का केंद्र बना रहता है। दोनों की पीढ़ियों और अपराध की दुनिया में उतरने के तौर-तरीके अलग होने के बावजूद इनकी पृष्ठभूमि को लेकर यह नई चर्चा शुरू हो गई है।
















