फिल्म जगत में अपनी एक अलग और स्थाई जगह बनाना किसी के लिए भी एक बड़ी चुनौती से कम नहीं होता है। जब कोई शख्स शाही परिवार की भव्यता और आराम को छोड़कर कला और अभिनय के कठिन रास्ते को चुनता है, तो उसका सफर लोगों के लिए बेहद प्रेरणादायक बन जाता है। मशहूर अदाकारा राइमा सेन कुछ इसी तरह की पृष्ठभूमि से आती हैं, जिनका सीधा जुड़ाव एक पुराने राजघराने से रहा है। शाही ठाट-बाठ के बीच परवरिश पाने के बावजूद उन्होंने चकाचौंध और ग्लैमर की इस दुनिया में अपनी कड़ी मेहनत के दम पर अपनी एक अनूठी पहचान गढ़ी है।
राजसी परिवार से जुड़ा है खानदान
मुंबई में 7 नवंबर 1979 को जन्मी राइमा सेन का पारिवारिक इतिहास काफी समृद्ध और शाही रहा है। उनके पिता भरत देव वर्मा त्रिपुरा के शाही परिवार से ताल्लुक रखते हैं। इसके अलावा उनके परिवार की जड़ें देश के कई अन्य प्रतिष्ठित घरानों से भी जुड़ी हुई हैं। उनकी दादी इला देवी कूच बिहार की राजकुमारी थीं और उनकी परदादी यानी इला देवी की छोटी बहन गायत्री देवी जयपुर की महारानी के रूप में जानी जाती थीं। इस तरह उन्हें बचपन से ही एक अत्यंत प्रतिष्ठित और शाही माहौल मिला, जहां हर सुख-सुविधा आसानी से उपलब्ध थी।
अभिनय की विरासत और शुरुआती सफर
शाही पृष्ठभूमि होने के बावजूद राइमा सेन का झुकाव हमेशा से अभिनय की तरफ रहा, जिसके पीछे उनके परिवार की फिल्मी पृष्ठभूमि का भी बड़ा हाथ था। उनकी मां मुनमुन सेन अपने दौर की जानी-मानी अभिनेत्री रही हैं, जबकि उनकी नानी सुचित्रा सेन बंगाली सिनेमा की महान और लीजेंड्री हीरोइन मानी जाती थीं। घर के अंदर ही अभिनय का ऐसा माहौल मिलने की वजह से उन्हें कला की दुनिया विरासत में मिल गई थी। उन्होंने अपने अभिनय सफर की आधिकारिक शुरुआत साल 1999 में आई फिल्म गॉडमदर से की थी, जिसमें उनके काम को समीक्षकों और दर्शकों द्वारा काफी सराहा गया। इस पहली फिल्म के बाद उन्होंने फिल्म दमन में भी अपनी अदाकारी का जलवा बिखेरा।
हिंदी और बंगाली सिनेमा में अहम मुकाम
मुख्यधारा के बंगाली सिनेमा में राइमा ने कई यादगार फिल्मों में काम किया, जिसमें निर्देशक रितुपर्णो घोष की फिल्म चोखेर बाली शामिल है। इस फिल्म में उन्होंने ऐश्वर्या राय के साथ स्क्रीन शेयर की थी और उनके अभिनय की बहुत प्रशंसा हुई थी। इसके अतिरिक्त उन्होंने बैशे श्राबोन, नौका डूबी, हृद मझारे और माछ मिष्टी एंड मोर जैसी महत्वपूर्ण बंगाली फिल्मों में भी अपनी अदाकारी की छाप छोड़ी। साल 2005 में उन्होंने विद्या बालन और सैफ अली खान के साथ फिल्म परिणीता में काम किया, जिसने उन्हें हिंदी सिनेमा जगत में एक बहुत बड़ी और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।
ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी बिखेरा जलवा
बड़े पर्दे के साथ-साथ राइमा ने समय के साथ बदलते दौर को अपनाते हुए डिजिटल और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर भी अपने अभिनय का सफर जारी रखा। उन्होंने द जापानी वाइफ, हनीमून ट्रेवल्स प्राइवेट लिमिटेड, द वैक्सीन वॉर और मिस्ट्री चेज जैसी तमाम अलग-अलग जॉनर की फिल्मों में काम करके अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया। इसके अलावा उनके डिजिटल प्रोजेक्ट्स की बात करें तो उन्होंने हैलो!, द लास्ट ऑवर और माई जैसी चर्चित वेब सीरीज में भी मुख्य भूमिकाएं निभाईं, जहां उनके अभिनय को दर्शकों का भरपूर प्यार और सराहना मिली।



















