मिडटर्म चुनाव के बाद डोनाल्ड ट्रंप का बयान, शेयर बाजार में गिरावट के लिए डेमोक्रेट्स को ठहराया जिम्मेदारहेल्दी फल खाने के बाद भी क्यों होने लगती है गैस और एसिडिटी, जानिए इसके मुख्य कारणआईआईटी दिल्ली की छात्रा का कमाल, प्लास्टिक डिस्पोजल का ढूंढ निकाला इको-फ्रेंडली विकल्पवीपीएन इस्तेमाल करते समय बार-बार आने वाले कैप्चा से कैसे पाएं छुटकारा, ये हैं तीन आसान तरीकेभारतीय टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ रचा नया इतिहास, एक साल में दर्ज की 11वीं ऐतिहासिक जीतबीकानेर में विदेशी पर्यटकों की धूम, रेगिस्तान की सैर और लोक धुनों पर थिरक रहे सैलानीरूखे और बेजान बालों से हैं परेशान, तो फेंकने के बजाय केले के छिलके से बनाएं असरदार हेयर टॉनिकमूलांक 5 राशिफल 8 नवंबर 2026: जिद और तीखी बहस से बचना होगा जरूरीमूलांक 6 राशिफल 8 नवंबर 2026: प्रेम संबंधों में स्वार्थी रवैया बन सकता है परेशानी की बड़ी वजहपलो आल्टो नेटवर्क्स कर रही है ५० करोड़ डॉलर में क्लच के अधिग्रहण की बात
सलमान खान की इन फिल्मों में नजर आई पिता-पुत्र के रिश्तों की अनूठी और भावुक दास्तानमनोरंजन
8 नव॰ 2026, 7:18 am (1 घंटे पहले)· 0

सलमान खान की इन फिल्मों में नजर आई पिता-पुत्र के रिश्तों की अनूठी और भावुक दास्तान

सिल्वर स्क्रीन पर सलमान खान ने कई बार पिता और बेटे के जटिल रिश्तों को बेहद खूबसूरती से जिया है, जो दर्शकों को रुलाने के साथ-साथ सोचने पर मजबूर कर देते हैं।

सिनेमा जगत में पारिवारिक रिश्तों और भावनाओं को परदे पर उतारने की बात आती है, तो सलमान खान की कई ऐसी फिल्में जेहन में ताजा हो जाती हैं जो पिता और बेटे के बीच के अनोखे समीकरण को गहराई से टटोलती हैं। इन कहानियों में कभी एक लापरवाह युवक को अचानक पिता बनने की जिम्मेदारी का अहसास होता है, तो कभी कोई बेटा अपने माता-पिता के प्रति ऐसा समर्पण दिखाता है जो अपनों से भी बढ़कर होता है। इन फिल्मों का दायरा केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के कई अनछुए पहलुओं और संवेदनाओं को भी बखूबी छूता है।

जब प्यार किसी से होता है और सूरज धनराजगीर की कहानी

साल 1998 में रिलीज हुई फिल्म ‘जब प्यार किसी से होता है’ में दीपक सरीन ने एक ऐसे युवा की कहानी को पर्दे पर उतारा है जिसकी जिंदगी ऐशो-आराम और बेपरवाही से भरी होती है। इस फिल्म में सलमान खान ने ‘सूरज धनराजगीर’ का किरदार निभाया था, जो अपनी ही मस्ती में जीने वाला एक लापरवाह इंसान होता है। हालांकि, उसकी इस रंगीन दुनिया में तब भूचाल आ जाता है जब कबीर नामक एक छोटा बच्चा अचानक उसकी जिंदगी में प्रवेश करता है और खुद को उसका बेटा होने का दावा करता है। इस पूरी यात्रा के दौरान सूरज के भीतर एक गैर-जिम्मेदार शख्स से लेकर एक फिकرمंद पिता बनने तक का भारी बदलाव देखने को मिलता है। दर्शक इस मर्मस्पर्शी फिल्म को अमेज़न प्राइम और यूट्यूब पर देख सकते हैं, जो रिश्तों की अहमियत को बेहद करीब से दिखाती है।

ये भी पढ़ें

बाबुल में पिता और बेटे के साथ ससुर-बहू का अनूठा रिश्ता

रवि चोपड़ा द्वारा निर्देशित फिल्म ‘बाबुल’ एक ऐसा सामाजिक और पारिवारिक ड्रामा है जो रिश्तों के कई अलग-अलग पहलुओं को एक साथ पिरोता है। इस प्रोजेक्ट में सलमान खान ने अविनाश “अवि” कपूर नाम के एक बेहद खुशमिजाज और आधुनिक विचारों वाले युवक का किरदार निभाया था। उनके साथ इस बड़े प्रोजेक्ट में अमिताभ बच्चन, हेमा मालिनी, रानी मुखर्जी और जॉन अब्राहम जैसे दिग्गज कलाकार मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। कहानी तब एक गंभीर मोड़ लेती है जब अवि की शादी मालविका से होने और एक बच्चा होने के बाद, एक दुखद सड़क हादसे में अवि की अकाल मृत्यु हो जाती है। इसके बाद कहानी का मुख्य फोकस पिता यानी अमिताभ बच्चन पर शिफ्ट हो जाता है जो समाज की तमाम रूढ़ियों और बाधाओं से लड़ते हुए अपनी विधवा बहू के पुनर्विवाह का बीड़ा उठाते हैं, और यह भावुक प्रस्तुति प्राइम वीडियो पर उपलब्ध है।

बागबान में गोद लिए बेटे आलोक का मिसाल पेश करना

पारिवारिक ड्रामा फिल्मों का जिक्र हो और रवि चोपड़ा की ‘बागबान’ का नाम न आए, ऐसा भारतीय सिनेमा में मुमकिन नहीं है। इस बहुचर्चित फिल्म का मुख्य ताना-बाना राज मल्होत्रा और उनकी पत्नी के इर्द-गिर्द बुना गया है, जिन्हें बुढ़ापे के पड़ाव पर उनके अपने ही सगे बेटे घर से बेदखल कर देते हैं और उनका अपमान करते हैं। एक तरफ जहां खून के रिश्ते अपने माता-पिता को केवल एक बोझ और मुसीबत समझते हैं, वहीं दूसरी तरफ कहानी में एक अनाथ और गोद लिए हुए बेटे ‘आलोक’ का किरदार सामने आता है जिसे सलमान खान ने निभाया है। आलोक अपने पेरेंट्स के प्रति सच्ची श्रद्धा, अटूट निष्ठा और समर्पण का ऐसा उदाहरण पेश करता है जो दर्शकों की आंखें नम कर देता है, और यह फिल्म पारिवारिक मूल्यों का एक मजबूत दस्तावेज बन जाती है।

दबंग में चुलबुल पांडे और प्रजापति पांडे के बीच की खटास

अभिनव कश्यप और बाद में अरबाज खान तथा प्रभुदेवा के निर्देशन में आगे बढ़ी ‘दबंग’ फ्रेंचाइजी ने बॉक्स ऑफिस पर एक नया इतिहास रचा, जिसमें सलमान खान के निभाए गए आइकॉनिक पुलिस अधिकारी ‘चुलबुल पांडे’ के तेवर ने सबका दिल जीता। इस एक्शन थ्रिलर के केंद्र में सिर्फ पुलिस और बदमाशों की भिड़ंत नहीं है, बल्कि चुलबुल और उनके सौतेले पिता प्रजापति पांडे के बीच का उलझा हुआ और जटिल पारिवारिक समीकरण भी है। शुरुआती दौर में चुलबुल के दिल में अपने सौतेले पिता के प्रति गहरी कड़वाहट, गुस्सा और मानसिक दूरी साफ दिखाई देती है, जो कहानी के आगे बढ़ने के साथ कम होती है। जैसे-जैसे वक्त बीतता है, पुरानी गलतफहमियों की परतें उतरती हैं और दोनों के बीच एक बेहद मजबूत, आदरणीय और गहरा पिता-पुत्र का रिश्ता कायम होता है, जिसे प्राइम पर आसानी से देखा जा सकता है।

हीरोज की रोड-ट्रिप और हवलदार बलकार सिंह का बलिदान

समीर कर्णिक के निर्देशन में बनी फिल्म ‘हीरोज़’ एक ऐसी अनूठी रोड-ट्रिप एंथोलॉजी है जिसमें दो युवा फिल्म छात्र भारतीय सेना के उन वीर जवानों के परिवारों तक पहुंचते हैं जिन्होंने देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी थी। इन छात्रों का मकसद उन शहीदों के आखिरी पत्रों को उनके अपनों तक सुरक्षित पहुंचाना होता है। इस लंबी यात्रा के पहले पड़ाव पर वे पंजाब की धरती पर कदम रखते हैं, जहां उनकी मुलाकात शहीद हवलदार बलकार सिंह के परिवार और उनके छोटे बेटे जस्सी से होती है। बलकार सिंह की भूमिका में सलमान खान का यह संक्षिप्त लेकिन बेहद असरदार और जज्बातों से भरा रूप दर्शकों के दिलों पर एक गहरी छाप छोड़ता है, जो देश के लिए जान देने वाले सैनिकों के परिवारों के दर्द को बयां करता है।

सवाल-जवाब

सलमान खान ने फिल्म ‘जब प्यार किसी से होता है’ में किस किरदार को निभाया था?
सलमान खान ने इस फिल्म में सूरज धनराजगीर का किरदार निभाया था जो एक लापरवाह और अमीर युवा था।
फिल्म ‘बाबुल’ का निर्देशन किसने किया था?
फिल्म ‘बाबुल’ का निर्देशन रवि चोपड़ा ने किया था।
फिल्म ‘बागबान’ में सलमान खान द्वारा निभाए गए किरदार का नाम क्या था?
सलमान खान ने इस फिल्म में आलोक नाम के एक गोद लिए हुए बेटे का किरदार निभाया था।
फिल्म ‘दबंग’ में चुलबुल पांडे के सौतेले पिता का नाम क्या था?
फिल्म में चुलबुल पांडे के सौतेले पिता का नाम प्रजापति पांडे था।
फिल्म ‘हीरोज़’ में सलमान खान ने किस सैनिक की भूमिका निभाई थी?
सलमान खान ने इस फिल्म में शहीद हवलदार बलकार सिंह की भूमिका निभाई थी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp