राजस्थान के ऐतिहासिक शहर अलवर में स्वास्थ्य, प्रकृति और पर्यटन को एक मंच पर लाने वाले प्रतिष्ठित आयोजन का शंखनाद हो चुका है। अलवर टाइगर मैराथन के तीसरे संस्करण की औपचारिक शुरुआत शुक्रवार को शहर के प्रसिद्ध मूसी महारानी की छतरी परिसर में संपन्न हुई। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य केवल खेलकूद को बढ़ावा देना नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से वन्यजीवों की रक्षा, पर्यावरण की संभाल और अलवर की अनूठी संस्कृति को वैश्विक पटल पर स्थापित करना है। इस भव्य कार्यक्रम में देश भर से बड़ी संख्या में खेल प्रेमियों और प्रकृति संरक्षकों के जुटने की उम्मीद जताई जा रही है।
केंद्रीय मंत्री और अभिनेता ने किया संयुक्त शुभारंभ
इस बहुप्रतीक्षित आयोजन का उद्घाटन केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव और मैराथन के ब्रांड एंबेसडर तथा प्रसिद्ध अभिनेता रणदीप हुड्डा ने मिलकर किया। इस अवसर पर कार्यक्रम में आधिकारिक शुभंकर सरिस्का वीर का अनावरण किया गया और मैराथन की विशेष टी-शर्ट भी लॉन्च की गई। भूपेन्द्र यादव ने इस मौके पर अपने संबोधन में कहा कि यह मैराथन किसी सामान्य खेल गतिविधि से कहीं आगे की सोच है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फिट इंडिया मूवमेंट को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का काम कर रही है। उन्होंने स्वस्थ नागरिकों के निर्माण के साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की बात पर विशेष जोर दिया।
सरिस्का वीर का संदेश और ऐतिहासिक महत्व
कार्यक्रम के दौरान लॉन्च किया गया आधिकारिक शुभंकर सरिस्का वीर क्षेत्र के वन्यजीवों और जंगलों के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाने का मुख्य माध्यम बनेगा। शुभंकर ने मंच पर पहुंचकर केंद्रीय मंत्री और अभिनेता को मैराथन की टी-शर्ट भेंट की, जिसके बाद अतिथियों ने संयुक्त रूप से इसका अनावरण किया। भूपेन्द्र यादव ने सरिस्का टाइगर रिजर्व के धार्मिक, प्राचीन और प्राकृतिक महत्व को रेखांकित करते हुए याद दिलाया कि यह क्षेत्र देश के पहले टाइगर रिलोकेशन का गवाह रहा है। उन्होंने इसे राजस्थान की सांस्कृतिक धरोहर का एक अहम हिस्सा बताया जो देश की प्राकृतिक संपदा को समृद्ध करता है।
रणदीप हुड्डा ने की अलवर की वैश्विक पहचान की बात
मैराथन के ब्रांड एंबेसडर की जिम्मेदारी निभा रहे रणदीप हुड्डा ने इस पहल को अलवर के लिए एक बड़ा अवसर बताया। उन्होंने कहा कि इस दौड़ के जरिए शहर की ऐतिहासिक इमारतों, प्राकृतिक नजारों, खान-पान और स्थानीय संस्कृति को देश-दुनिया में नई पहचान मिलेगी। उन्होंने जनता से अपील की कि आगामी 7 फरवरी को होने वाले इस आयोजन में लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और इसे एक जन आंदोलन का रूप दें। उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए केंद्रीय मंत्री और स्थानीय प्रशासन के प्रयासों की भी सराहना की।
इस बार शहर के भीतर दौड़ेगा अलवर और तय हुई चार श्रेणियां
मैराथन संयोजक अरुण जैन ने आयोजन से जुड़े आंकड़े साझा करते हुए बताया कि पिछले संस्करणों में इसे अभूतपूर्व सफलता मिली थी। शुरुआती संस्करण में जहां 7 हजार लोगों ने हिस्सा लिया था, वहीं दूसरे संस्करण में यह संख्या बढ़कर लगभग 20 हजार तक पहुंच गई थी। इस बार इस आंकड़े को और आगे ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। खास बात यह है कि इस बार मैराथन का पूरा रूट अलवर शहर के मुख्य इलाकों से होकर गुजरेगा ताकि स्थानीय नागरिक भी सीधे तौर पर इस उत्सव का हिस्सा बन सकें। प्रतिभागियों की सुविधा के लिए कुल चार श्रेणियां तय की गई हैं, जिनमें 21 किलोमीटर की हाफ मैराथन, 10 किलोमीटर की दौड़, 5 किलोमीटर की शक्ति रन और 2 किलोमीटर की पैरा रन शामिल हैं। इस आयोजन के लिए पंजीकरण प्रक्रिया 18 अक्टूबर से ही लाइव की जा चुकी है, जिसमें स्कूल, कॉलेज, सेना, पुलिस, वन विभाग और व्यापारिक संगठनों को जोड़ा जा रहा है।
पर्यटन विभाग और वी-शक्ति ट्रस्ट का एमओयू तथा विशेष सम्मान
इस पूरे आयोजन को भव्यता देने के लिए राजस्थान पर्यटन विभाग और वी-शक्ति ट्रस्ट के बीच एक आधिकारिक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। पर्यटन विभाग की तरफ से अतिरिक्त निदेशक राजेश शर्मा और वी-शक्ति ट्रस्ट की तरफ से प्रज्ञा यादव ने दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए। इस गरिमामयी समारोह के दौरान मुंबई हमले के समय अदम्य वीरता का परिचय देने वाले अलवर के निवासी कमांडो सुनील जोधा और अजमेर की प्रसिद्ध अल्ट्रा रनर सुफिया सोफी को शॉल ओढ़ाकर तथा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर महापौर सुमनलता अग्रवाल और रामगढ़ विधायक सुखवंत सिंह सहित कई गणमान्य लोग और युवा उपस्थित रहे।

















