दिवाली के त्योहारी सीजन के दौरान सिनेमाघरों में दर्शकों की भारी भीड़ को देखते हुए तमिलनाडु सरकार ने फिल्म उद्योग के पक्ष में अहम प्रशासनिक फैसला लिया है। राज्य के मुख्यमंत्री थलापति विजय ने 3 नवंबर, मंगलवार को एक औपचारिक सरकारी आदेश जारी करते हुए नई रिलीज होने वाली तमिल फिल्मों के लिए प्रतिदिन 6 प्रदर्शन आयोजित करने की हरी झंडी दे दी है। यह विशेष प्रबंध प्रत्येक नई फिल्म के रिलीज दिवस से लेकर लगातार सात दिनों तक वैध रहेगा, जिससे त्योहारी सप्ताह में सिनेमा प्रेमियों को सुबह-सवेरे से लेकर देर रात तक बड़े पर्दे पर फिल्में देखने की सुविधा मिलेगी।
सुबह 6 बजे से रात के ढाई बजे तक का नया समय चक्र
प्रशासनिक अधिसूचना के अनुसार सिंगल स्क्रीन सिनेमाघरों और मल्टीप्लेक्स परिसरों में स्क्रीनिंग का दैनिक दायरा काफी बढ़ा दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत पहला शो सुबह 6 बजे शुरू किया जा सकेगा, जबकि अंतिम शो की समय सीमा अगले दिन तड़के 2.30 बजे तक तय की गई है। राज्य में पिछले 3 वर्षों से अधिक समय से अहले सुबह के शो आयोजित करने पर पूर्ण रोक लगी हुई थी। आगामी त्योहारी लाइनअप में शामिल ‘सीन’, ‘मूकुथी अम्मान 2’ और ‘रामायण’ जैसी बहुप्रतीक्षित फिल्मों के सिनेमाघरों में पहुंचने से ठीक पहले इस प्रतिबंध को हटा लिया गया है।
उद्योग संगठनों की मांग पर त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई
सिनेमा उद्योग के विभिन्न निकायों की ओर से लगातार किए जा रहे अनुरोध के बाद यह नीतिगत बदलाव लागू किया गया है। सरकारी विज्ञप्ति के ब्योरे के मुताबिक, तमिल फिल्म एक्टिव प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन, तमिल फिल्म प्रोड्यूसर्स काउंसिल तथा तमिलनाडु थिएटर एंड मल्टीप्लेक्स ओनर्स एसोसिएशन ने शासन के समक्ष संयुक्त रूप से अपनी मांगें प्रस्तुत की थीं। इन प्रमुख मांगों में नई प्रस्तुतियों के लिए प्रतिदिन 6 शो की छूट देने का आग्रह सबसे प्रमुख था। प्रोड्यूसर और डिस्ट्रीब्यूटर जी. धनंजय ने इस त्वरित निर्णय की सराहना की और बताया कि 27 अक्टूबर को संबंधित मंत्री के समक्ष यह गुहार लगाई गई थी, जिस पर प्रशासन ने एक सप्ताह के भीतर सकारात्मक कदम उठा दिया। उन्होंने कहा, “यह इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे एक सरकार अपने लोगों और इंडस्ट्री के कल्याण के लिए तुरंत कदम उठाती है।”
सिनेमा नियमन नियमों में क्रमिक बदलाव का सफर
राज्य में सिनेमा प्रदर्शनों का संचालन ऐतिहासिक रूप से तमिलनाडु सिनेमाज (रेगुलेशन) रूल्स 1957 के प्रावधानों के अंतर्गत होता रहा है। इस मूल नियमावली के तहत थिएटर्स में सामान्य दिनों में रोजाना अधिकतम चार स्क्रीनिंग की अनुमति निर्धारित थी। हालांकि, मौजूदा शासन के सत्ता संभालने के उपरांत नियमों में लचीलापन लाते हुए नई रिलीज फिल्मों के पहले सप्ताह में 5 शो चलाने की छूट प्रदान की गई थी। इसके अतिरिक्त सप्ताहांत के दिनों, सार्वजनिक अवकाशों और पारंपरिक त्योहारों के अवसरों पर भी 5 प्रदर्शनों की अनुमति पहले से मिल रही थी, जिसे अब बढ़ाकर 6 शो के नए स्तर पर पहुंचा दिया गया है।


















