कन्नड़ सिनेमा के जाने-माने अभिनेता यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म टॉक्सिक: ए फेरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स बॉक्स ऑफिस पर अपनी उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन करने में नाकाम रही है। निर्देशक गीतू मोहनदास के साथ मिलकर यश ने इस फिल्म की पटकथा के सह-लेखन में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। अभिनेता ने अपने करियर के पूरे चार साल इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को दिए थे, लेकिन सिनेमाघरों में रिलीज होने के बाद फिल्म का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन बेहद निराशाजनक रहा। इस असफलता के अलावा, फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों की ओर से काफी नकारात्मक समीक्षाएं भी मिलीं, जिसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर इसकी व्यापक ट्रोलिंग शुरू हो गई। फिल्म के निर्माताओं को इस स्तर के नकारात्मक फीडबैक की बिल्कुल भी आशंका नहीं थी।
यश का फोन कॉल और जयदेव मोहन का खुलासा
हाल ही में फिल्म टॉक्सिक की डबिंग टीम का हिस्सा रहे सुपरवाइजर जयदेव मोहन ने प्रजावाणी के यूट्यूब चैनल पर दिए एक विशेष इंटरव्यू में फिल्म के फ्लॉप होने के बाद के माहौल पर विस्तार से चर्चा की। जयदेव मोहन ने बताया कि फिल्म के सिनेमाघरों में आने के बाद से उनकी यश के साथ आमने-सामने मुलाकात तो नहीं हो सकी है, लेकिन फोन पर उनकी दो बार विस्तृत बातचीत जरूर हुई है। जयदेव ने कहा कि जब उन्होंने दर्शकों की तीखी प्रतिक्रियाएं और ट्रोलिंग देखी, तो वे स्वयं काफी भावुक हो गए थे। इसके बाद जब यश ने उन्हें फोन किया, तो अभिनेता ने बेहद शांत लेकिन गंभीर लहजे में उनसे कहा कि ज्यादा मत सोचो, इसे दर्शकों पर छोड़ देते हैं, उनकी जैसी इच्छा होगी वैसा ही सही, हमें आगे अभी और काम करना है। जयदेव ने साझा किया कि भले ही यश ऊपर से मजबूत दिख रहे थे, लेकिन उनकी आवाज में छिपा हुआ दर्द साफ महसूस किया जा सकता था।
दर्शकों की सर्वोच्चता और ऑनलाइन पाइरेसी का झटका
जयदेव मोहन ने सिनेमा उद्योग में दर्शकों की भूमिका पर बात करते हुए स्पष्ट कहा कि फिल्म जगत में सबसे बड़ा महाप्रभु केवल और केवल दर्शक ही होते हैं। यदि दर्शक किसी फिल्म को पसंद करते हैं तो उसे सिर-आंखों पर बिठाते हैं, और यदि उन्हें कंटेंट पसंद नहीं आता तो वे उसे सिरे से नकार देते हैं। उन्होंने कहा कि पूरी टीम ने अपनी ओर से एक बेहतरीन फिल्म बनाने का ईमानदार प्रयास किया था, लेकिन यह कहानी दर्शकों के दिलों को छूने में असमर्थ रही। इसके साथ ही जयदेव ने फिल्म को लगे एक और बड़े झटके का जिक्र किया जो कि पाइरेसी का था। उन्होंने बताया कि फिल्म रिलीज होते ही इंटरनेट पर अवैध रूप से लीक हो गई थी। फिल्म की सुरक्षा टीम अब तक लगभग 3 लाख पाइरेसी लिंक्स को इंटरनेट से हटा चुकी है, जिससे इसकी कमाई पर सीधा असर पड़ा।
उद्योग में यश के स्टारडम पर जयदेव मोहन का रुख
जब इंटरव्यू के दौरान जयदेव मोहन से यह सवाल पूछा गया कि क्या भारतीय फिल्म उद्योग के कुछ अन्य कलाकार या प्रतिद्वंद्वी यश के स्टारडम को नुकसान पहुंचाने या खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं, तो उन्होंने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया। जयदेव ने दृढ़तापूर्वक कहा कि यश का डिफेंस मेकेनिज्म पूरी तरह से तैयार रहता है और उनके स्टारडम को इस तरह आसानी से खत्म करना किसी के लिए भी संभव नहीं है। उन्होंने दावा किया कि सिनेमा जगत में यश को हराना आसान काम नहीं है और वे इस कठिन समय से उबरकर जल्द ही वापसी करेंगे।
बजट, बॉक्स ऑफिस आंकड़े और स्टार कास्ट
फिल्म टॉक्सिक: ए फेरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स एक बड़े बजट की गैंगस्टर ड्रामा फिल्म थी, जिसका निर्देशन गीतू मोहनदास ने किया था। इस फिल्म में यश के अलावा नयनतारा, तारा सुतारिया, रुक्मणि वसंत, संजीदा शेख और कियारा आडवाणी जैसे कई बड़े कलाकारों ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस भव्य फिल्म का निर्माण बजट लगभग 500 करोड़ रुपये बताया गया था। हालांकि, इतने बड़े पैमाने और बड़े स्टार कास्ट के बावजूद फिल्म घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 250 करोड़ रुपये का आंकड़ा भी पार नहीं कर सकी, जिससे इसके निवेशकों को भारी वित्तीय घाटा उठाना पड़ा है।
ओटीटी डील में भारी नुकसान और नया प्लान
बॉक्स ऑफिस पर असफलता के बाद फिल्म के निर्माताओं को डिजिटल स्ट्रीम अधिकार बेचे जाने के मामले में भी बड़ा आर्थिक झटका लगा है। रिलीज से पहले फिल्म के निर्माताओं के पास 150 करोड़ रुपये की डिजिटल डील का ऑफर उपलब्ध था, लेकिन मेकर्स को उम्मीद थी कि वे इसके लिए कम से कम 200 करोड़ रुपये हासिल कर लेंगे। फिल्म के फ्लॉप हो जाने और नकारात्मक समीक्षाओं के कारण ओटीटी प्लेटफॉर्म्स द्वारा दिया जाने वाला यह ऑफर घटकर मात्र 30 करोड़ रुपये पर आ गया है। इस भारी आर्थिक नुकसान की भरपाई करने के लिए फिल्म की मेकिंग टीम अब टॉक्सिक का एक नया, अनएडिटेड वर्जन ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज करने की योजना पर विचार कर रही है, ताकि दर्शकों को आकर्षित कर नुकसान को कुछ हद तक कम किया जा सके।



















