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रीठा, आंवला और शिकाकाई से बनाएं केमिकल-फ्री शैंपू, जानें बनाने की विधि और हेयरफॉल से जुड़ा सचट्रेंड्स
9 सित॰ 2026, 4:42 pm (1 घंटे पहले)· 2

रीठा, आंवला और शिकाकाई से बनाएं केमिकल-फ्री शैंपू, जानें बनाने की विधि और हेयरफॉल से जुड़ा सच

घर पर मात्र 50 रुपये के रीठे, आंवले और शिकाकाई की मदद से प्राकृतिक शैंपू तैयार किया जा सकता है। यह मिश्रण सैपोनिन के प्रभाव से बालों की सफाई करता है, लेकिन इसे हेयरफॉल का रामबाण इलाज मानने से बचना चाहिए।

बालों की नियमित देखभाल के लिए हर महीने महंगे और रसायनों से भरे बाजारू शैंपू पर बड़ी रकम खर्च करना अनिवार्य नहीं है। भारतीय घरों में सदियों से पारंपरिक नुस्खों का इस्तेमाल होता रहा है, जिनमें प्राकृतिक सामग्रियां बालों को पोषण देने और उनकी सफाई के लिए बेहद प्रभावी मानी जाती हैं। दादी-नानी के जमाने से चले आ रहे इस घरेलू उपाय में रीठा, आंवला और शिकाकाई का मेल सबसे प्रमुख स्थान रखता है। रीठे में सैपोनिन नामक एक प्राकृतिक तत्व पाया जाता है, जो पानी के संपर्क में आते ही हल्का झाग उत्पन्न करता है। यह तत्व बालों में जमा अतिरिक्त तेल, पसीना और गंदगी को सौम्यता से बाहर निकालने का काम करता है। यदि आप भी रासायनिक उत्पादों के स्थान पर एक सुरक्षित और प्राकृतिक विकल्प की तलाश कर रहे हैं, तो घर पर तैयार किया जाने वाला यह आयुर्वेदिक शैंपू एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है।

आयुर्वेदिक घटकों की विशेषताएं और आर्थिक लाभ

प्राकृतिक सामग्रियों से बने इस शैंपू की सबसे बड़ी खासियत इसकी सरलता और कम लागत है। बाजार में मिलने वाले महंगे बोतलबंद शैंपू की तुलना में इसे तैयार करने का खर्च बेहद कम आता है। महज 50 रुपये के रीठे से आप कई बार इस्तेमाल करने लायक क्लींजर तैयार कर सकते हैं। रीठा जहां सैपोनिन के जरिए बालों की सफाई करता है, वहीं आंवला बालों को प्राकृतिक मजबूती प्रदान करता है और शिकाकाई बालों को मुलायम बनाए रखने में मदद करती है। हालांकि, किसी भी प्राकृतिक सामग्री का उपयोग करने से पहले यह समझना आवश्यक है कि प्राकृतिक होने का अर्थ यह बिल्कुल नहीं है कि यह हर किसी की त्वचा या स्कैल्प के लिए पूरी तरह अनुकूल ही होगा। जिन लोगों की स्कैल्प अधिक संवेदनशील होती है, उन्हें इस मिश्रण को पूरे सिर पर लगाने से पहले एक बार पैच टेस्ट जरूर कर लेना चाहिए ताकि किसी भी तरह की एलर्जी या जलन से बचा जा सके।

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शैंपू तैयार करने के लिए आवश्यक सामग्री और अनुपात

घर पर यह पारंपरिक आयुर्वेदिक शैंपू बनाने के लिए बहुत अधिक सामान की आवश्यकता नहीं होती है। इसे तैयार करने के लिए निम्नलिखित बुनियादी सामग्रियों की आवश्यकता होती है

  • सूखे रीठे: 8 से 10 सूखे रीठे लें और उनके भीतर मौजूद बीजों को पूरी तरह से निकाल दें।
  • सूखा आंवला: 5 से 6 सूखे आंवले के टुकड़े लें।
  • सूखी शिकाकाई: 5 से 6 सूखी शिकाकाई की फलियां लें।
  • पानी: लगभग 2 से 3 कप साफ पानी का उपयोग करें।

इन सभी सामग्रियों की मात्रा को आप अपने बालों की कुल लंबाई, घनत्व और व्यक्तिगत आवश्यकता के अनुसार थोड़ा कम या ज्यादा कर सकते हैं। लंबे बालों के लिए पानी और घटकों की मात्रा में आनुपातिक बढ़ोतरी की जा सकती है।

तैयार करने की चरण-दर-चरण विधि

इस घरेलू शैंपू को बनाने की प्रक्रिया बहुत ही आसान है, लेकिन इसके लिए थोड़ा धैर्य और समय की आवश्यकता होती है। सबसे पहले एक साफ बर्तन में बीजरहित 8 से 10 रीठे, 5 से 6 सूखे आंवले और 5 से 6 सूखी शिकाकाई को निकाल लें। अब इस बर्तन में 2 से 3 कप साफ पानी डालकर सामग्रियों को पूरी तरह डुबो दें और इसे रातभर यानी लगभग 8 से 10 घंटे के लिए ऐसे ही छोड़ दें। रातभर भीगने के कारण ये सूखे फल पानी को सोखकर नरम हो जाते हैं और इनके भीतर मौजूद सभी प्राकृतिक पोषक तत्व पानी में आसानी से घुलने लगते हैं।

अगली सुबह इस भीगे हुए मिश्रण वाले बर्तन को गैस पर रखें और धीमी आंच पर उबलने दें। इसे तेज आंच पर पकाने के बजाय धीमी आंच पर लगभग 10 से 15 मिनट तक उबालना चाहिए। जैसे-जैसे पानी उबलेगा, इसका रंग गहरा और गाढ़ा होता जाएगा तथा सामग्रियां एकदम सॉफ्ट हो जाएंगी। जब पानी का रंग पूरी तरह बदल जाए, तो गैस बंद कर दें और बर्तन को नीचे उतारकर पूरी तरह ठंडा होने के लिए रख दें।

जब मिश्रण कमरे के तापमान पर आ जाए, तब अपने हाथों की मदद से रीठे, आंवले और शिकाकाई को अच्छी तरह से मसलें। हाथों से हल्के-हल्के दबाने पर इन फलों का बचा हुआ पूरा अर्क पानी में घुल जाता है और पानी के ऊपर हल्का प्राकृतिक झाग बनने लगता है। इसके बाद एक बारीक छलनी या किसी साफ सूती कपड़े की मदद से इस पूरे तरल को छान लें। छने हुए तरल को एक साफ और सूखी बोतल में भरकर रख लें। ध्यान रखें कि इस घर पर बने शैंपू में किसी भी प्रकार का रासायनिक प्रिजर्वेटिव (संरक्षक) नहीं मिलाया जाता है, इसलिए इसे बहुत अधिक मात्रा में बनाकर हफ्तों तक स्टोर करने के बजाय छोटी-छोटी मात्रा में बनाना ही बुद्धिमानी है। यदि संग्रहीत किए गए शैंपू से किसी प्रकार की दुर्गंध आने लगे, उसका रंग बदल जाए या उसमें फफूंदी के संकेत दिखें, तो उसका उपयोग तुरंत बंद कर दें।

उपयोग करने का सही तरीका और सावधानियां

रीठा शैंपू को बालों में लगाने की प्रक्रिया सामान्य शैंपू से थोड़ी अलग होती है। सबसे पहले बालों को साधारण पानी से अच्छी तरह से गीला कर लें। इसके बाद तैयार किए गए तरल शैंपू को अपनी स्कैल्प पर धीरे-धीरे डालें। उंगलियों के पोरों की मदद से स्कैल्प की 3 से 5 मिनट तक हल्के हाथों से मसाज करें ताकि जड़ों में जमा तेल और गंदगी अच्छी तरह साफ हो सके। मसाज करने के बाद बालों को साफ पानी से पूरी तरह धो लें।

यह ध्यान रखना आवश्यक है कि रीठा शैंपू कमर्शियल शैंपू की तरह बहुत अधिक घना झाग उत्पन्न नहीं करता है। इसमें मौजूद सैपोनिन बिना ज्यादा झाग बनाए भी बालों की गहराई से सफाई करने में पूरी तरह सक्षम होता है। इसलिए झाग न बनने पर शैंपू की मात्रा बार-बार न बढ़ाएं। यदि धोते समय या धोने के बाद आपके बाल अत्यधिक रूखे या उलझे हुए महसूस होते हैं, तो बाल धोने के तुरंत बाद बालों के सिरों पर किसी हल्के कंडीशनर का उपयोग किया जा सकता है।

हेयरफॉल और रीठा शैंपू से जुड़ी वास्तविकता

रीठा, आंवला और शिकाकाई से बना यह मिश्रण आपकी स्कैल्प को साफ और सेहतमंद रखने में मदद कर सकता है, लेकिन इसे बाल झड़ने की समस्या का सीधा या जादुई इलाज मान लेना सही नहीं होगा। बाल झड़ने के पीछे कई आंतरिक और बाह्य कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। अत्यधिक मानसिक या शारीरिक तनाव, आहार में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी, शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव, आनुवंशिक कारण अथवा स्कैल्प से जुड़ा कोई फंगल इंफेक्शन भी हेयरफॉल की मुख्य वजह हो सकता है। यदि आपके बाल बहुत तेजी से या लगातार अत्यधिक मात्रा में झड़ रहे हैं, तो केवल घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय किसी त्वचा रोग विशेषज्ञ या ट्राइकोलॉजिस्ट से परामर्श लेना ही सबसे उचित कदम होगा।

सवाल-जवाब

रीठा शैंपू बनाने में कितना खर्च आता है?
इसे बनाने के लिए केवल 50 रुपये की लागत में आवश्यक सामग्री खरीदी जा सकती है, जिससे कई बार इस्तेमाल लायक शैंपू तैयार हो जाता है।
घर पर बने शैंपू के लिए किन सामग्रियों की जरूरत होती है?
इसके लिए 8 से 10 सूखे रीठे (बीज निकले हुए), 5 से 6 सूखे आंवले, 5 से 6 सूखी शिकाकाई और 2 से 3 कप पानी की आवश्यकता होती है।
रीठा और शिकाकाई वाले मिश्रण को कितनी देर उबालना चाहिए?
रातभर भिगोने के बाद इस मिश्रण को धीमी आंच पर करीब 10 से 15 मिनट तक उबालना चाहिए।
सिर धोते समय कितनी देर मसाज करनी चाहिए?
गीले बालों में शैंपू लगाने के बाद उंगलियों के पोरों से स्कैल्प पर करीब 3 से 5 मिनट तक हल्की मसाज करनी चाहिए।
क्या रीठा शैंपू से बाल झड़ना पूरी तरह बंद हो जाता है?
नहीं, रीठा शैंपू स्कैल्प की सफाई करता है लेकिन यह हेयरफॉल का इलाज नहीं है। बाल झड़ने की समस्या तनाव, पोषण या हार्मोनल कारणों से हो सकती है।
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