पार्क मेडी वर्ल्ड लिमिटेड के शेयरों में बुधवार, 9 सितंबर को तेजी दर्ज की गई। कंपनी ने उत्तर प्रदेश में अपने स्वास्थ्य सेवा नेटवर्क के विस्तार को लेकर एक बड़ी घोषणा की है। कंपनी प्रयागराज में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत 550 बेड की क्षमता वाला मल्टी-सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल विकसित करने की योजना बना रही है। शेयर बाजार में व्यापक गिरावट के दबाव के बावजूद निवेशकों ने इस परियोजना के ऐलान का सकारात्मक स्वागत किया, जिससे शेयर हरे निशान पर बंद होने में सफल रहा।
शेयर बाजार में प्रदर्शन और कारोबार का हाल
बुधवार, 9 सितंबर को कारोबार के अंत में पार्क मेडी वर्ल्ड लिमिटेड का शेयर 282.55 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। इसमें पिछले बंद भाव के मुकाबले 0.30 रुपये यानी 0.11% की हल्की बढ़त दर्ज की गई। शेयर में यह बढ़त ऐसे समय में आई जब घरेलू शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी भारी बिकवाली के दबाव में थे। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल के कारण बाजार का माहौल सुस्त बना हुआ था। इसके बावजूद कंपनी के शेयर में मजबूती देखने को मिली।
सब्सिडियरी कंपनी का गठन और कॉरपोरेट संरचना
इस महत्वाकांक्षी अस्पताल परियोजना को लागू करने के लिए पार्क मेडी वर्ल्ड ने एक नई पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी का गठन किया है। इस नई संस्था का नाम पार्क मेडिसिटी प्रयागराज लिमिटेड रखा गया है। यह नई कंपनी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में प्रस्तावित 550 बेड वाले अस्पताल के निर्माण, प्रबंधन और संचालन का पूरा काम संभालेगी।
कंपनी ने प्रारंभिक कॉरपोरेट संरचना के तहत पार्क मेडिसिटी प्रयागराज लिमिटेड में 100% हिस्सेदारी हासिल कर ली है। इसके लिए 0.15 करोड़ रुपये का शुरुआती निवेश किया गया है, जिसके तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 1,50,000 इक्विटी शेयर खरीदे गए हैं। यह नई कंपनी पीपीपी मॉडल के तहत हेल्थकेयर बुनियादी ढांचे का विस्तार करने की रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
प्रोजेक्ट की लागत, फंडिंग और सरकारी रियायत
हालांकि नई सहायक कंपनी में शुरुआती इक्विटी निवेश काफी छोटा है, लेकिन अस्पताल निर्माण की पूरी परियोजना का अनुमानित बजट लगभग 200 करोड़ रुपये है। कंपनी इस बड़े प्रोजेक्ट के लिए बाहरी कर्ज पर निर्भर रहने के बजाय इसे आंतरिक स्रोतों (इन्टर्नल एक्रूअल्स) से फंड करने की योजना बना रही है।
इसके अलावा इस प्रोजेक्ट को राज्य सरकार का भी मजबूत समर्थन मिल रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार पीपीपी मॉडल के तहत बनाए जा रहे इस अस्पताल के लिए 76.52 करोड़ रुपये की रियायत प्रदान करेगी। यह सरकारी सहायता परियोजना की वित्तीय व्यवहार्यता को बढ़ाने और निर्माण प्रक्रिया को सुगम बनाने में मदद करेगी।
भूमि आवंटन और भविष्य में विस्तार की योजनाएं
यह 550 बेड का आधुनिक अस्पताल प्रयागराज में नगर निगम द्वारा आवंटित 3.22 एकड़ की जमीन पर तैयार किया जाएगा। इस भूमि पर सुपर-स्पेशलिटी इलाज, आधुनिक डायग्नोस्टिक सेंटर और इन-पेशेंट सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
अनुबंध में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जमीन विस्तार का विकल्प भी शामिल किया गया है। कमर्शियल ऑपरेशंस डेट (सीओडी) यानी अस्पताल के व्यावसायिक परिचालन शुरू होने के पांचवें वर्ष से कंपनी के पास अतिरिक्त 2.47 एकड़ भूमि प्राप्त करने का विकल्प होगा। कंपनी के अनुसार, जमीन आवंटन में यह प्रावधान रखा गया है ताकि आने वाले वर्षों में मांग बढ़ने पर स्वास्थ्य सेवाओं का आसानी से विस्तार किया जा सके।


















