प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के वडोदरा में हजारों युवाओं की मौजूदगी के बीच एक विशाल जनसभा को संबोधित किया, जहाँ उन्होंने देश की युवा शक्ति को आत्मनिर्भरता का आधार बताया। इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। वहीं दूसरी ओर, देश की राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन में एक पीजी हॉस्टल की इमारत गिरने के हादसे के बाद प्रशासन हरकत में आया है और नगर निगम ने खतरनाक इमारतों के खिलाफ सीलिंग व बुलडोजर की कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी बीच, महाराष्ट्र में आगामी नवरात्रि उत्सव से पहले गरबा पंडालों में प्रवेश नियमों और पहचान पत्र जांच को लेकर विश्व हिंदू परिषद तथा विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक विवाद गहरा गया है।
वडोदरा में पीएम मोदी का यूथ कनेक्ट और 35 हजार करोड़ की सौगात
वडोदरा में आयोजित इस कार्यक्रम की रूपरेखा और माहौल पूरी तरह से ऊर्जावान नजर आया। जनसभा स्थल पर बने केंद्रीय रैंप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक अलग अंदाज में प्रवेश किया, जबकि पृष्ठभूमि में फिल्म 'धुरंधर' का संगीत बज रहा था। इस आयोजन के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म 'बुक माय शो' के जरिए पंजीकरण की व्यवस्था की गई थी। बुकिंग की प्रक्रिया शुरू होने के महज एक घंटे के भीतर ही सभी सीटें भर गईं और लगभग 42 हजार युवा प्रतीक्षा सूची में रह गए, जिसके बाद आगे का पंजीकरण रोकना पड़ा।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कुल 35 हजार करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में सबसे प्रमुख वडोदरा से मुंबई स्थित जवाहर लाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट तक फैले समर्पित माल गलियारे का उद्घाटन रहा। इस रेल मार्ग पर डबल स्टैक कंटेनर मालगाड़ियों का परिचालन किया जाएगा, जिससे देश के लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को बड़ी गति मिलेगी।
नकारात्मकता फैलाने वालों पर साधा निशाना
युवाओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की युवा पीढ़ी अब किसी भी प्रकार के 'झूठ की गूंज' या भ्रामक प्रचार के बहकावे में आने वाली नहीं है। उन्होंने आलोचकों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ लोग हमेशा मुंह फुलाकर बैठते हैं और हर सकारात्मक काम में कमियां तलाशना ही उनका स्वभाव बन चुका है। ऐसे नकारात्मक रवैये से भारत की विकास यात्रा और आत्मनिर्भरता के संकल्प पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
पूर्ववर्ती सरकारों की कार्यशैली से तुलना करते हुए प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि पूर्व में सिर्फ घोषणाएं की जाती थीं जो सरकारी फाइलों तक सीमित रह जाती थीं। इसके विपरीत, वर्तमान में बुलेट ट्रेन जैसी रफ्तार से विकास कार्य जमीन पर उतारे जा रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश में विश्वस्तरीय राजमार्गों और आधुनिक रेल नेटवर्क का निर्माण तीव्र गति से पूरा किया जा रहा है।
छात्रों के मुद्दों, परीक्षा सुधार और नए सेक्टरों पर भरोसा
प्रधानमंत्री ने दिल्ली के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स तथा वडोदरा के कार्यक्रमों का हवाला देते हुए कहा कि सरकार युवाओं की वास्तविक चिंताओं से पूरी तरह अवगत है। प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने और आवास व्यवस्था जैसी समस्याओं का जिक्र करते हुए उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रणाली को पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए विशेषज्ञों की एक उच्चस्तरीय समिति लगातार कार्य कर रही है। इसके अतिरिक्त, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की मांगों को भी स्वीकार किया गया है।
युवाओं के लिए भविष्य के अवसरों को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), अंतरिक्ष विज्ञान, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर जैसे उभरते हुए क्षेत्रों में सरकार के रोडमैप को साझा किया। उन्होंने याद दिलाया कि 'परीक्षा पर चर्चा' और खेल हस्तियों के साथ नियमित संवाद के माध्यम से युवाओं के साथ सीधा जुड़ाव स्थापित करने का प्रयास वर्षों से जारी है।
दिल्ली में पीजी हादसा: दो गिरफ्तारियां और नए कानून का खाका
राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हाल ही में एक पीजी हॉस्टल की इमारत ढहने की घटना के बाद शासन और प्रशासन सख्त कदम उठा रहा है। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए पीजी संचालक और निर्माण ठेकेदार को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही दुर्घटनाग्रस्त इमारत से सटी हुई एक अन्य असुरक्षित संरचना को गिराने का काम शुरू कर दिया गया है।
छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार हॉस्टलों और पीजी को विनियमित करने के लिए एक नया कानून लाने की तैयारी में है। शहरी विकास मंत्री आशीष सूद की अध्यक्षता में गठित एक विशेष समिति इस विधेयक का मसौदा तैयार कर रही है, जिसे आगामी दो महीनों के भीतर दिल्ली विधानसभा में पेश किया जाएगा।
एमसीडी की छापेमारी: 51 इमारतें खतरनाक पाई गईं, 27 पर डिमोलिशन ऑर्डर
दिल्ली नगर निगम ने लक्ष्मी नगर, ललिता पार्क और शकरपुर जैसे छात्र बहुल क्षेत्रों में व्यापक निरीक्षण अभियान शुरू किया है। एमसीडी के अधिकारी भवनों की अग्निशमन मंजूरी (फायर एनओसी), अनुमति संबंधी दस्तावेजों और ढांचागत मजबूती की जांच कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान कई हॉस्टलों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जैसे एक मंजिल पर दस-दस कमरे बनाना, तीन-तीन बेड ठूंसना और पक्की दीवारों की जगह प्लाईवुड के पार्टिशन लगाना।
नगर निगम ने नियमों का उल्लंघन करने वाले 35 पीजी संचालकों को नोटिस जारी किए हैं। तीन अलग-अलग क्षेत्रों में की गई छापेमारी के दौरान 51 इमारतों को असुरक्षित और खतरनाक श्रेणी में पाया गया, जिनमें से 27 इमारतों को तुरंत ध्वस्त करने के लिखित आदेश जारी कर दिए गए हैं।
असुरक्षित हॉस्टल और छात्रों की व्यावहारिक परेशानियां
प्रशासनिक कार्रवाई के बावजूद क्षेत्र में कई पीजी मालिक अपनी असुरक्षित इमारतों पर कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं, जिससे नगर निगम के अधिकारियों को बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा समस्या उन छात्रों के सामने खड़ी हो गई है जिन्हें तुरंत कमरा खाली करने का नोटिस मिला है, जबकि दूसरा मकान ढूंढना काफी कठिन साबित हो रहा है। इसके अलावा, कई हॉस्टल संचालक छात्रों द्वारा जमा की गई अग्रिम राशि (एडवांस सिक्योरिटी डिपॉजिट) वापस करने से इनकार कर रहे हैं।
दिल्ली में सीमित आवास सुविधाओं के कारण बड़ी संख्या में छात्र बिना पर्याप्त वेंटिलेशन और सुरक्षा उपायों वाले छोटे कमरों में रहने को मजबूर हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाने के बजाय दिल्ली आने वाले छात्रों के लिए किफायती और सुरक्षित आवास व्यवस्था का एक स्थाई मास्टर प्लान बनाना आवश्यक है।
महाराष्ट्र में गरबा आयोजनों पर वीएचपी की गाइडलाइन्स और विवाद
महाराष्ट्र में आगामी नवरात्रि पर्व को लेकर विश्व हिंदू परिषद ने सामूहिक गरबा आयोजकों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन नियमों के तहत गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने, प्रवेश द्वार पर आधार कार्ड की जांच करने और पहचान सत्यापित होने के बाद तिलक लगाने तथा कलावा बांधने की हिदायत दी गई है। संगठन के प्रतिनिधियों का तर्क है कि गरबा एक धार्मिक अनुष्ठान और देवी पूजा का अवसर है, न कि मनोरंजन का माध्यम।
शिवसेना और बीजेपी के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी
वीएचपी की इस पहल पर महाराष्ट्र की राजनीति में घमासान शुरू हो गया है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने इन दिशा-निर्देशों का कड़ा विरोध किया है। आदित्य ठाकरे ने सवाल उठाया कि क्या कुछ संगठन हिंदुत्व के ठेकेदार हैं जो आम लोगों के पहचान पत्र जांचेंगे। वहीं उद्धव ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी और सहयोगी संगठनों पर निशाना साधते हुए उन्हें 'नकली हिंदू' करार दिया और माहौल खराब करने की साजिश का आरोप लगाया।
इसके जवाब में महाराष्ट्र सरकार के मंत्री नीतेश राणे ने पलटवार करते हुए कहा कि गरबा पंडालों में आने वाले सभी लोगों से हनुमान चालीसा का पाठ कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो लोग गरबा उत्सव में शामिल होना चाहते हैं, उन्हें पहले घर वापसी कर हिंदू धर्म अपनाना चाहिए। नेताओं के बीच जारी इस आरोप-प्रत्यारोप के कारण धार्मिक उत्सव के माहौल पर राजनीतिक विवाद का साया मंडरा रहा है।



















