भारतीय रसोई में रोटी या चपाती का भोजन में विशेष महत्व होता है। हालांकि, व्यस्त जीवनशैली के कारण रोज हर वक्त ताजा आटा गूंथना काफी समय लेने वाला काम साबित होता है। यही वजह है कि अधिकांश लोग समय की बचत करने के लिए एक ही बार में अधिक मात्रा में आटा गूंथकर रेफ्रिजरेटर में संभाल कर रख लेते हैं। इससे जरूरत पड़ने पर बिना किसी देरी के फटाफट रोटियां तैयार की जा सकती हैं। लेकिन अगर आटे को सही तरीके से स्टोर न किया जाए, तो वह बहुत जल्द अपनी ताजगी खो देता है, उसका रंग काला पड़ने लगता है और उसमें से दुर्गंध आने लगती है। ऐसे खराब या खट्टे आटे का सेवन स्वास्थ्य के लिए भी नुकसानदेह हो सकता है। आटे की गुणवत्ता को 24 से 48 घंटे तक बनाए रखने के लिए गूंथने से लेकर स्टोरेज तक की पूरी प्रक्रिया में सही तकनीक अपनाना बेहद जरूरी है।
आटा गूंथने की सही तकनीक और पानी का तापमान
आटे को लंबे समय तक खराब होने से बचाने की शुरुआत उसे गूंथने के सही तरीके से ही हो जाती है। आटा तैयार करते समय उबलते हुए या बहुत अधिक गर्म पानी का उपयोग करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे आटे की बनावट प्रभावित हो सकती है। इसके स्थान पर हल्के गुनगुने पानी का प्रयोग करना सबसे उपयुक्त माना जाता है। पानी को हमेशा धीरे-धीरे और थोड़ी-थोड़ी मात्रा में ही आटे में मिलाना चाहिए। एक साथ ज्यादा पानी डाल देने से आटा जरूरत से ज्यादा ढीला, चिपचिपा और संभालने में मुश्किल हो सकता है।
इसके अलावा, आटे को पर्याप्त समय देकर अच्छी तरह मथना भी एक महत्वपूर्ण चरण है। आटे को लगभग 5 से 10 मिनट तक लगातार और सही दबाव के साथ गूंथना चाहिए। ऐसा करने से आटे के भीतर सही लोच पैदा होती है, जिससे रोटियां बेहद नरम और फूली हुई बनती हैं। ध्यान रखें कि तैयार आटे का संतुलन बिल्कुल सटीक होना चाहिए; वह न तो अत्यधिक सख्त होना चाहिए और न ही बहुत ज्यादा ढीला या पिलपिला।
सतह को सूखने और काला होने से रोकने के उपाय
जब आटा अच्छी तरह से गूंथकर तैयार हो जाए, तो उसकी ऊपरी परत को सूखने से बचाना सबसे बड़ी चुनौती होती है। जब आटा हवा के संपर्क में आता है, तो उसकी सतह की नमी वाष्पित हो जाती है, जिससे उस पर एक सख्त पपड़ी जम जाती है और कालापन आने लगता है। इस समस्या से निपटने के लिए आटे की ऊपरी सतह पर हल्की सी मात्रा में घी या तेल लगा देना चाहिए। यह तेल या घी आटे के ऊपर एक सुरक्षात्मक परत बना देता है, जो नमी को अंदर ही रोककर रखती है।
इसके पश्चात, आटे को कभी भी खुला नहीं छोड़ना चाहिए। इसे हमेशा एक साफ सूती कपड़े, ढक्कन अथवा क्लिंग रैप की मदद से अच्छी तरह से ढककर रखना आवश्यक है। यदि आटे को खुला छोड़ दिया जाए, तो रेफ्रिजरेटर की ठंडी और शुष्क हवा उसकी नमी को तेजी से सोख लेती है, जिससे आटा जल्दी खराब हो जाता है और इस्तेमाल के लायक नहीं रहता।
रेफ्रिजरेटर में स्टोरेज और दोबारा इस्तेमाल करने का सही तरीका
गूंथे हुए आटे को सुरक्षित रखने के लिए सही बर्तन का चुनाव करना बहुत जरूरी है। आटे को रखने के लिए हमेशा पूरी तरह से साफ और एयरटाइट स्टील, कांच या फिर फूड-ग्रेड कंटेनर का ही उपयोग करें। कंटेनर का ढक्कन अच्छी तरह से बंद करके ही उसे रेफ्रिजरेटर में रखना चाहिए। एयरटाइट डिब्बे में बंद रहने के कारण आटा सामान्य कमरे के तापमान की तुलना में रेफ्रिजरेटर में अधिक समय तक तरोताजा और सुरक्षित बना रहता है।
जब आपको रोटियां बनानी हों, तो आटे को फ्रिज से निकालते ही तुरंत बेलना शुरू न करें। फ्रिज से बाहर निकालने के बाद आटे को लगभग 20 से 30 मिनट तक कमरे के तापमान पर ऐसे ही रखा रहने दें। जब आटा सामान्य तापमान पर आ जाए, तब उसे हल्के हाथों से दोबारा थोड़ा सा मथ लें। ऐसा करने से आटे की ठंडक खत्म हो जाती है, वह दोबारा लचीला और नरम हो जाता है, जिससे पतली और गोल रोटियां आसानी से बेली जा सकती हैं।


















