कोलंबिया के राष्ट्रपति अलबेलार्डो डी ला एस्प्रिएला ने देश में वैध आग्नेयास्त्रों को सार्वजनिक रूप से ले जाने पर लगी लंबी रोक को हटाने वाले एक शासकीय अध्यादेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। जून में आयोजित राष्ट्रपति चुनाव में अपराध पर कड़ा रुख अपनाने का वादा करके सत्ता में आए अलबेलार्डो डी ला एस्प्रिएला ने अपने चुनावी अभियान के प्रमुख वादे को पूरा किया है। नए अध्यादेश के लागू होने के बाद, जिन नागरिकों के पास सरकारी अनुमति पत्र और वैध लाइसेंस मौजूद हैं, वे अब बिना किसी अतिरिक्त विशेष मंजूरी के अपने पंजीकृत हथियारों को घर से बाहर ले जा सकेंगे। अध्यादेश पर हस्ताक्षर करते हुए राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि अपराधियों के पास अत्याधुनिक हथियार हों और आम नागरिक अपनी सुरक्षा न कर सकें, यह स्थिति पूरी तरह से अनुचित है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति का दिया गया शब्द ही उसका सम्मान होता है और उन्होंने जनता से किया गया अपना वादा निभाया है।
10 साल पुराने अस्थायी प्रतिबंध का अंत
सार्वजनिक स्थानों पर लाइसेंस वाले हथियार ले जाने पर यह प्रतिबंध सबसे पहले दिसंबर 2015 में तत्कालीन राष्ट्रपति हुआन मैनुअल संतोस के कार्यकाल के दौरान लगाया गया था। उस समय सरकार ने इसे क्रिसमस और नए साल के त्योहारों के दौरान हिंसा रोकने और सार्वजनिक सुरक्षा सुधारने के उद्देश्य से एक अल्पकालिक उपाय के रूप में लागू किया था। हालांकि, यह अस्थायी प्रतिबंध हर साल आगे बढ़ाया जाता रहा और अगले 10 वर्षों तक प्रभावी बना रहा।
दिलचस्प बात यह है कि राजनीतिक रूप से विपरीत विचारधारा वाले राष्ट्रपतियों ने भी इस निलंबन को लगातार जारी रखा। कंजर्वेटिव नेता इवान ड्यूक और वामपंथी राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो, दोनों के ही कार्यकालों में इस प्रतिबंध का नवीनीकरण किया गया। इस कानून के तहत लाइसेंस धारक केवल अपने घर के भीतर ही हथियार रख सकते थे। यदि किसी नागरिक को अपना बंदूक सार्वजनिक स्थान पर ले जाना होता था, तो उसे विशेष अनुमति पत्र के लिए अलग से आवेदन करना पड़ता था। राष्ट्रपति अलबेलार्डो डी ला एस्प्रिएला ने तर्क दिया कि उनका नया अध्यादेश केवल एक ऐसी प्रशासनिक बाधा को हटाता है जिसे कभी भी स्थायी रूप से लागू करने का इरादा नहीं था।
7 लाख लाइसेंस धारकों पर असर और राजनीतिक विरोध
इस नए शासकीय आदेश का सीधा लाभ कोलंबिया में उन लगभग 700,000 लोगों को मिलेगा जिनके पास पहले से ही बंदूक का वैध लाइसेंस मौजूद है। अब यदि इन नागरिकों का लाइसेंस और दस्तावेज पूरी तरह से अद्यतन हैं, तो वे बिना किसी अतिरिक्त बाधा के अपने पंजीकृत हथियार को घर से बाहर ले जा सकते हैं। राष्ट्रपति ने आश्वस्त किया है कि इस फैसले से देश में हथियारों की अंधाधुंध छूट नहीं मिलेगी, क्योंकि कौन व्यक्ति हथियार का मालिक बन सकता है, इस पर सख्त सरकारी नियंत्रण और पृष्ठभूमि जांच की प्रक्रिया पहले की तरह ही लागू रहेगी।
दूसरी ओर, संसद और विपक्षी दलों ने इस निर्णय पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। ग्रीन अलायंस पार्टी के सीनेटर एरियल एविला ने इस कदम को एक अत्यंत गंभीर गलती करार दिया है। सीनेटर एविला का तर्क है कि कानूनी रूप से रखे गए हथियार भी चोरी या दुरुपयोग के कारण अंततः अपराधियों के हाथों में पहुंच सकते हैं। इसके अलावा, उन्होंने एक नैतिक प्रश्न उठाते हुए कहा कि समाज में केवल राज्य के सुरक्षा बलों के पास ही हथियार होने चाहिए और नागरिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल सरकार और पुलिस तंत्र को ही संभालनी चाहिए।
अवैध हथियारों और आपराधिक गिरोहों पर सरकारी कार्रवाई
विपक्ष की चिंताओं का जवाब देते हुए राष्ट्रपति अलबेलार्डो डी ला एस्प्रिएला ने स्पष्ट किया कि इस निर्णय से देश की आंतरिक सुरक्षा पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता आम कानून का पालन करने वाले नागरिकों को प्रताड़ित करना नहीं, बल्कि अवैध रूप से हथियार रखने वाले आपराधिक संगठनों को निशाना बनाना है।
राष्ट्रपति ने सुरक्षा बलों की उपलब्धियों का ब्योरा देते हुए बताया कि चालू वर्ष में अब तक कोलंबियाई अधिकारियों ने 15,000 से अधिक अवैध आग्नेयास्त्रों को जब्त किया है। जब्त किए गए इन हथियारों में से अधिकांश हथियार पूर्व फ़ार्क विद्रोही गुट के बागी धड़ों और कुख्यात गल्फ़ क्लैन आपराधिक गिरोह के सदस्यों के पास से बरामद किए गए थे। सरकार का दावा है कि अवैध नेटवर्क पर इस प्रकार की सीधी कार्रवाई से अपराध पर लगाम लगेगी और वैध लाइसेंस धारकों को आत्मरक्षा का अधिकार भी प्राप्त होगा।

















