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भारत तक सीधी ट्रेन चलाने का रूस का प्लान, पाकिस्तान और ईरान से होकर गुजर सकता है नया रेल कॉरिडोरयूरोप
9 अग॰ 2026, 9:21 pm (35 दिन पहले)· 1

भारत तक सीधी ट्रेन चलाने का रूस का प्लान, पाकिस्तान और ईरान से होकर गुजर सकता है नया रेल कॉरिडोर

रूस के उप-प्रधानमंत्री मरात खुसनुलिन ने रूस से भारत तक सीधी रेल लाइन बिछाने का सुझाव दिया है, जो पाकिस्तान और ईरान जैसे देशों से होते हुए हिंद महासागर तक पहुंचेगी।

रूस और भारत के बीच भविष्य में रेल संपर्क स्थापित करने की एक नई चर्चा शुरू हो चुकी है। रूस के उप-प्रधानमंत्री मरात खुसनुलिन ने एक साक्षात्कार में रूस से भारत तक सीधी ट्रेन सेवा शुरू करने के विचार को सामने रखा है। इस महत्वाकांक्षी प्रस्ताव के तहत, एक ऐसा रेल कॉरिडोर विकसित करने पर विचार किया जा रहा है जो जमीन के रास्ते रूस को सीधे भारत से जोड़ेगा।

संभावित रूट और देशों की रूपरेखा

इस प्रस्तावित रेल नेटवर्क के मार्ग को लेकर मरात खुसनुलिन ने विस्तार से जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि यह वैकल्पिक परिवहन मार्ग मुख्य रूप से तुर्कमेनिस्तान, ईरान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के भूभाग से होकर गुजर सकता है। इस पूरी योजना का मुख्य उद्देश्य भारत तक एक विश्वसनीय कनेक्टिविटी प्रदान करना है, जिससे दोनों देशों के बीच माल ढुलाई और व्यापार का एक नया और सीधा जमीनी मार्ग तैयार हो सके।

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वैकल्पिक रास्तों की जरूरत क्यों पड़ी

इस तरह के वैकल्पिक परिवहन मार्गों की आवश्यकता महसूस होने के पीछे वैश्विक व्यापारिक और रणनीतिक कारण जुड़े हुए हैं। रूस के नेतृत्व का मानना है कि हिंद महासागर तक सीधी रेल लाइन होने से बोस्फोरस और होर्मुज स्ट्रेट जैसे संवेदनशील समुद्री रास्तों पर निर्भरता कम होगी और इनसे जुड़े परिवहन जोखिमों से बचा जा सकेगा। भारत तक पहुंच सुनिश्चित करने वाले हर व्यावहारिक विकल्प पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

होर्मुज स्ट्रेट पर प्रतिबंध और भू-राजनीतिक तनाव

वैकल्पिक व्यापार मार्गों का यह प्रस्ताव ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे सैन्य संघर्ष के कारण होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री गतिविधियों पर गंभीर रोक लग गई है। गत 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ संयुक्त सैन्य कार्रवाई की गई थी, जिसमें तेहरान समेत कई प्रमुख शहरों को निशाना बनाया गया था। इसके जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बहरीन, जॉर्डन, इराक, कतर, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और सऊदी अरब में स्थित इजराइली ठिकानों और अमेरिकी सैन्य अड्डों पर जवाबी मिसाइल और ड्रोन हमले किए।

इन घटनाओं के बाद तेहरान ने अमेरिका, इजरायल और उनके सहयोगी देशों के उन जहाजों के लिए होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी की औपचारिक घोषणा कर दी जो ईरान के खिलाफ अभियानों में शामिल रहे हैं। यह रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 25 प्रतिशत और वैश्विक स्तर पर लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की शिपमेंट का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा संभालता है, जिसके बाधित होने से वैश्विक लॉजिस्टिक्स पर भारी असर पड़ा है।

घरेलू निर्माण क्षेत्र और आर्थिक ढांचे पर जोर

अंतर्राष्ट्रीय व्यापार कॉरिडोर और रेल नेटवर्क के साथ-साथ, मरात खुसनुलिन ने देश के भीतर आर्थिक और निर्माण ढांचे को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि रूस के निर्माण क्षेत्र को लगातार और दीर्घकालिक वित्तीय सहायता की सख्त जरूरत है। उनके अनुसार, घरेलू निर्माण उद्योग में सालाना अतिरिक्त एक ट्रिलियन रूबल का निवेश संभालने की पूरी क्षमता मौजूद है।

इस संबंध में उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि यद्यपि निर्माण क्षेत्र पहले से ही हर साल इतनी अतिरिक्त राशि को प्रभावी ढंग से उपयोग में लाने में सक्षम है, तथापि यदि आने वाले 5 वर्षों के लिए यह वित्तीय सहायता लगातार सुनिश्चित हो जाती है, तो उद्योग की कुल कार्यक्षमता का दायरा काफी हद तक बढ़ाया जा सकेगा और देश भर में बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे का विस्तार करना संभव होगा।

सवाल-जवाब

रूस से भारत तक ट्रेन चलाने का सुझाव किसने दिया?
यह सुझाव रूस के उप-प्रधानमंत्री मरात खुसनुलिन ने एक साक्षात्कार के दौरान दिया।
यह प्रस्तावित रेल कॉरिडोर किन देशों से होकर गुजर सकता है?
यह संभावित रूट तुर्कमेनिस्तान, ईरान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के रास्ते गुजर सकता है।
वैकल्पिक परिवहन रास्तों की आवश्यकता क्यों पड़ी?
बोस्फोरस और होर्मुज स्ट्रेट जैसे प्रमुख समुद्री रास्तों पर बढ़ते जोखिमों और नाकेबंदी के कारण वैकल्पिक रास्तों की जरूरत महसूस हुई है।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के किस व्यापार का प्रमुख हिस्सा संभालता है?
यह मार्ग दुनिया के तेल व्यापार का लगभग 25 प्रतिशत और एलएनजी शिपमेंट का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा संभालता है।
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