हवाई सुरक्षा को लेकर पैदा हुई गंभीर चिंता के बीच इजरायल से ऑस्ट्रिया जा रहे एक अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक यात्री विमान को बीच रास्ते में ही मार्ग बदलना पड़ा। विमान में विस्फोटक छिपाए जाने की चेतावनी मिलने के बाद उड़ान को आपातकालीन प्रोटोकॉल के तहत पड़ोसी देश बुल्गारिया की राजधानी सोफिया की ओर मोड़ दिया गया। आसमान में उपजे इस तनावपूर्ण संकट के दौरान सभी यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सैन्य स्तर पर भी तत्काल कदम उठाए गए।
रोमानिया के हवाई क्षेत्र से अचानक बदला गया रूट
यह घटनाक्रम रविवार देर शाम सामने आया, जब ऑस्ट्रियन एयरलाइंस का एक एयरबस A320 विमान तेल अवीव के बेन गुरियन हवाई अड्डे से अपनी नियमित यात्रा पर रवाना हुआ था। विमान का गंतव्य विएना था, लेकिन उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही सुरक्षा से जुड़ी एक बेहद संवेदनशील चेतावनी प्राप्त हुई। फ्लाइट ट्रैकिंग से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, ऑस्ट्रियन एयरलाइंस की फ्लाइट 82 ने तेल अवीव से उड़ान भरी थी और लगभग तीन घंटे की दूरी तय करने के बाद इसे सोफिया के वासिल लेवस्की हवाई अड्डे पर आपात स्थिति में उतरना पड़ा।
जब यह चेतावनी जारी हुई, उस समय यात्री विमान रोमानिया के हवाई क्षेत्र के ऊपर से गुजर रहा था। संकट का स्तर इतना गंभीर था कि अधिकारियों ने विएना तक का सफर जारी रखने के बजाय विमान को निकटतम उपयुक्त ठिकाने की ओर मोड़ने का फैसला किया। खतरे की पहली सूचना सामने आने के लगभग 30 मिनट के भीतर ही विमान को बुल्गारियाई हवाई क्षेत्र में सुरक्षित रूप से उतारने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
लड़ाकू विमान की एस्कॉर्ट और सोफिया में निकासी
बुल्गारिया के परिवहन मंत्रालय द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, नागरिक उड्डयन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बुल्गारियाई वायु सेना ने तुरंत प्रतिक्रिया दी। आसमान में यात्री विमान को सुरक्षा घेरा प्रदान करने और उसे आपात लैंडिंग के लिए रास्ता दिखाने के उद्देश्य से एक मिग-29 लड़ाकू विमान को आनन-फानन में रवाना किया गया। लड़ाकू विमान की कड़ी निगरानी में एयरबस A320 को सोफिया के वासिल लेवस्की हवाई अड्डे के रनवे पर उतारा गया।
हवाई अड्डे पर उतरते ही विशेष आपातकालीन टीमों ने मोर्चा संभाला और विमान से सभी लोगों को तेजी से बाहर निकालने का काम शुरू किया। ऑस्ट्रियन एयरलाइंस के एक प्रवक्ता ने इस बात की पुष्टि की कि विमान में एक सुरक्षा संबंधी धमकी मिली थी, हालांकि विस्तृत तकनीकी ब्योरा साझा नहीं किया गया। प्रवक्ता के मुताबिक, इस विमान में कुल 51 यात्री और 6 क्रू सदस्य मौजूद थे। सुरक्षित निकासी के तुरंत बाद सुरक्षा दस्तों ने पूरे विमान, कार्गो और यात्रियों के सामान की सघन तलाशी ली। राहत की बात यह रही कि इस पूरी आपात प्रक्रिया के दौरान किसी भी व्यक्ति के घायल होने की कोई खबर नहीं है।
यूरोपीय हवाई क्षेत्र में हालिया सुरक्षा संकट
इस पूरे मामले की आधिकारिक जांच शुरू कर दी गई है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह धमकी कहां से उत्पन्न हुई और इसके पीछे कौन लोग शामिल थे। ऑस्ट्रियन एयरलाइंस की मूल कंपनी लुफ्थांसा है, जिससे इस प्रकरण पर अतिरिक्त जानकारी मांगी गई है। बुल्गारिया और इजरायल के स्थानीय संचार माध्यमों ने भी स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई एक संदिग्ध बम की चेतावनी मिलने के बाद ही की गई थी।
हवाई यात्राओं के दौरान ऐसी आपातकालीन कार्रवाइयां हाल के हफ्तों में कई बार देखने को मिली हैं। बीते महीने भी एक बड़ा विमान संकट सामने आया था, जब तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक उड़ान में एक पायलट ने कैप्टन पर हमला करके विमान के अपहरण का प्रयास किया था। उस घटना में चालक दल के अन्य सदस्यों और यात्रियों ने साहस दिखाते हुए उस व्यक्ति पर काबू पा लिया था, जिसके बाद विमान को सऊदी अरब में सुरक्षित उतार लिया गया था।
इसके अलावा पिछले हफ्ते भी एक गंभीर भ्रम के कारण दो देशों की वायु सेनाएं हरकत में आ गई थीं। ग्रीस के छुट्टियां बिताने वाले द्वीप कोर्फू से जर्मनी के शहर नूर्नबर्ग जा रहे एक वाणिज्यिक यात्री विमान ने गलती से हाइजैकिंग का अलर्ट सिग्नल भेज दिया था। उस तकनीकी चूक के बाद क्रोएशिया और जर्मनी दोनों देशों ने अपने लड़ाकू विमानों को तुरंत हवा में भेज दिया था। सोफिया में हुई यह ताजा लैंडिंग एक बार फिर यह रेखांकित करती है कि हवाई क्षेत्र में किसी भी छोटे से संकेत पर अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र कितनी संवेदनशीलता और तेजी से काम करता है।


















