वाशिंगटन की कूटनीतिक प्राथमिकताओं में आए ताजा बदलाव के तहत रूस पर लागू कई प्रमुख पाबंदियों को निलंबित करने के फैसले का बचाव किया गया है। इस रणनीतिक फैसले के पीछे यह तर्क दिया गया है कि युद्धविराम और शांति वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए मॉस्को को वार्ता प्रक्रिया से जोड़े रखना बेहद आवश्यक है। अगर कड़े आर्थिक कदम जारी रखे जाते, तो वार्ता प्रक्रिया पूरी तरह पटरी से उतर सकती थी।
शांति वार्ता और कूटनीतिक संतुलन की दलील
ट्रुथ सोशल पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष को समाप्त कराने और शांति स्थापित करने की सक्रिय प्रक्रिया में जुटे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह ऐसा कोई भी कदम नहीं उठाना चाहते, जो रूस को मूर्खतापूर्ण तरीके से बातचीत की मेज से दूर धकेल दे। उनके अनुसार, कूटनीतिक समझौतों तक पहुँचने के लिए दोनों पक्षों को वार्ता में शामिल रखना पहली अनिवार्यता है।
इसी क्रम में ट्रंप ने यूक्रेनी नेतृत्व के पिछले रुख पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की इस युद्ध को खत्म नहीं करना चाहते और शायद उन्होंने कभी ऐसा चाहा भी नहीं था। ट्रंप ने यह भी कहा कि ज़ेलेंस्की के पास दो साल पहले मौजूदा समय की तुलना में कहीं बेहतर और अनुकूल समझौता करने का अवसर मौजूद था, जिसे उन्होंने गंवा दिया।
यूक्रेन का कड़ा विरोध और ऐतिहासिक गलती की चेतावनी
दूसरी तरफ, यूक्रेन ने इस ताजा अमेरिकी रुख का पुरजोर विरोध किया है। वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने एनबीसी न्यूज से बातचीत करते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का पक्ष लेना या उनके प्रति नरमी दिखाना एक ऐतिहासिक भूल साबित होगी। यूक्रेनी नेतृत्व का लगातार यह कहना रहा है कि जब से रूस ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर अपना पूर्ण स्तर का आक्रमण शुरू किया है, तब से पुतिन वास्तव में कभी शांति नहीं चाहते थे।
यूक्रेन ने यह भी रेखांकित किया है कि वह हमेशा से इस खूनी संघर्ष को समाप्त करने के पक्ष में रहा है, लेकिन न्यायसंगत शर्तों के बिना किसी भी तरह का समर्पण स्वीकार नहीं किया जा सकता। ब्रुसेल्स में शुक्रवार को आयोजित यूरोपीय संघ के नेताओं के शिखर सम्मेलन में भाग लेते हुए ज़ेलेंस्की ने अपनी बात रखी। इस दौरान ट्रंप की उस टिप्पणी के बाद, जिसमें उन्होंने ज़ेलेंस्की को पुतिन की तुलना में डील करने के लिहाज से अधिक कठिन बताया था, ज़ेलेंस्की ने कहा कि सच्चे और वास्तविक नेताओं के बीच उपस्थित होना सुखद अनुभव है।
रूस की सकारात्मक प्रतिक्रिया और वैश्विक बाजार का तर्क
अमेरिकी फैसले पर मॉस्को से बेहद अनुकूल प्रतिक्रिया देखने को मिली है। रूसी दूत किरिल दिमित्रिएव ने प्रतिबंधों को निलंबित करने के आदेश का स्वागत करते हुए इसे एक अत्यंत महत्वपूर्ण और सचमुच ऐतिहासिक क्षण करार दिया है। दिमित्रिएव ने यह भी रेखांकित किया कि यदि ये कठोर प्रतिबंध इसी तरह बरकरार रहते, तो इससे न केवल अमेरिकी अर्थव्यवस्था को बल्कि समग्र वैश्विक बाजार को भी गंभीर नुकसान पहुंचता।
वाशिंगटन और कीव के बीच गहराता तनाव
पिछले कुछ हफ्तों से वाशिंगटन और कीव के बीच राजनयिक रिश्तों में साफ तौर पर तल्खी महसूस की जा रही है। तनाव की शुरुआत तब और गहरी हो गई जब अमेरिका ने पिछले सप्ताह रूसी डीजल के आयात को लेकर एक विवादित समझौता किया। इस फैसले ने यूक्रेन और उसके पश्चिमी सहयोगियों को चौंका दिया था।
इसके तुरंत बाद यूक्रेन ने ट्रंप प्रशासन पर आरोप लगाया कि वह जंग के इस नाजुक मोड़ पर महत्वपूर्ण सैन्य सहायता वापस ले रहा है। सैन्य आपूर्ति में कटौती और प्रतिबंधों में ढील दिए जाने से युद्ध के मैदान और कूटनीतिक पटल दोनों जगह नए समीकरण बनने लगे हैं, जिससे यूरोप के सहयोगी देशों की चिंताएं भी बढ़ गई हैं।




















