ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर दर्दनाक सड़क हादसा, डिवाइडर तोड़कर कार पर पलटा ट्रक और चार लोगों की मौतफरीदाबाद में दर्दनाक हादसा, मां की कैंसर से मौत के बाद सदमे में युवक ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जाननेपाल में प्रलयकारी आपदा से 788 की मौत और 2500 से ज्यादा लापता, रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटीं टीमेंगाजियाबाद में एनएच-9 पर दर्दनाक हादसा, तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार पति-पत्नी को कुचलाउत्तरी साइप्रस तट के पास पलटी 270 यात्रियों से भरी फेरी, हादसे में आठ लोगों की मौतउत्तराखंड के हल्द्वानी में राहुल गांधी पर एफआईआर, एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्जकैटरीना कैफ और विक्की कौशल की प्रेम कहानी, ऐसे परवान चढ़ी थी दोनों की रोमानियाई लव स्टोरीजहानाबाद का अनूठा गांव, जहां नाम में धनी होने के बावजूद नहीं रहता एक भी करोड़पतिजयपुर में भाजपा के डेढ़ सौ वार्डों के उम्मीदवारों पर मंथन पूरा, टिकटों के ऐलान का इंतजारजर्मनी ने चौथी बार जीता हॉकी वर्ल्ड कप, खिताबी मुकाबले में स्पेन को दी मात
फरीदाबाद में दर्दनाक हादसा, मां की कैंसर से मौत के बाद सदमे में युवक ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जानहरियाणा
30 अग॰ 2026, 11:58 pm (47 मिनट पहले)· 3

फरीदाबाद में दर्दनाक हादसा, मां की कैंसर से मौत के बाद सदमे में युवक ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान

हरियाणा के फरीदाबाद में एक युवक ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। डेढ़ महीने पहले उसकी मां की कैंसर से मौत हो गई थी, जिसके बाद से वह गहरे मानसिक तनाव में था।

हरियाणा के फरीदाबाद से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक युवक ने गंभीर मानसिक तनाव के चलते ट्रेन के आगे छलांग लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। शुरुआती जांच में सामने आया है कि करीब डेढ़ महीने पहले ही उसकी मां का कैंसर की बीमारी के कारण निधन हो गया था, जिसके बाद से वह लगातार गहरे सदमे और अवसाद में चल रहा था। त्योहार के दिन परिवार के साथ सामान्य रूप से रहने के बाद अचानक उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया, जिससे पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया और पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया है।

रक्षाबंधन के दिन घर पर बिताया समय

घटना के संदर्भ में पुलिस ने रविवार को पूरी जानकारी साझा करते हुए बताया कि एक युवक ने चलती हुई ट्रेन के सामने कूदकर अपनी जान दे दी। पुलिस के मुताबिक मृतक की पहचान 26 वर्षीय प्रवेश के रूप में हुई है, जो अपनी मां की अचानक हुई मौत के बाद से भारी मानसिक तनाव से जूझ रहा था। परिवार के सदस्यों ने बताया कि घटना वाले दिन रक्षाबंधन का पर्व था और सुबह के समय प्रवेश की बहन ने उसे बेहद प्रेम से कलाई पर राखी बांधी थी। विष्णु कॉलोनी में रहने वाला प्रवेश इस पारिवारिक पर्व के दौरान दिन भर घर पर ही मौजूद रहा और सब कुछ सामान्य नजर आ रहा था।

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पिता से पैसे लेकर घर से निकला था युवक

पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई है कि रक्षाबंधन की शाम को प्रवेश ने अपने पिता के लिए अपने हाथों से खाना तैयार किया और उन्हें बड़े आदर के साथ परोसा भी। खाना खाने के बाद उसने अपने पिता से कहा कि वह कुछ देर में टहलकर वापस लौट रहा है और बाहर जाने के लिए उनसे 100 रुपये भी लिए। इसके बाद वह घर से निकल गया लेकिन काफी देर रात तक जब वह वापस नहीं लौटा तो परिजनों की चिंता बढ़ने लगी। परिवार के लोगों ने उसकी तलाश शुरू की लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया।

अगली सुबह रेलवे पुलिस से मिली मनहूस खबर

अगली सुबह परिवार वालों के पास रेलवे पुलिस की ओर से एक दुखद सूचना पहुंची, जिसने सबको हिलाकर रख दिया। रेलवे पुलिस ने बताया कि पटरियों के पास एक युवक का शव मिला है जो ट्रेन की चपेट में आ गया था। परिजन तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और मृतक की शिनाख्त प्रवेश के रूप में की। रेलवे पुलिस ने नियमानुसार पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया और पूरे मामले की गहराई से जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।

सवाल-जवाब

यह घटना कहां की है?
यह घटना हरियाणा के फरीदाबाद की है।
मृतक की पहचान क्या थी?
मृतक की पहचान 26 वर्षीय प्रवेश के रूप में हुई है, जो विष्णु कॉलोनी का रहने वाला था।
युवक मानसिक तनाव में क्यों था?
डेढ़ महीने पहले उसकी मां की कैंसर से मौत हो जाने के कारण वह गहरे तनाव में था।
घटना के दिन कौन सा त्योहार था?
घटना के दिन रक्षाबंधन का त्योहार था।
युवक घर से कब निकला था?
वह रक्षाबंधन की शाम को अपने पिता से 100 रुपये लेकर बाहर जाने की बात कहकर निकला था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·7 मिनट पहले

यह घटना मानसिक स्वास्थ्य और गहरे अवसाद की अनदेखी के गंभीर खतरों को उजागर करती है। किसी अपने को खोने के बाद उत्पन्न होने वाला सदमा अक्सर जानलेवा साबित होता है, जैसा कि इस मामले में देखा गया। परिवारों और समाज को ऐसे मामलों में मनोचिकित्सकीय सहायता और समय पर काउंसलिंग की तत्काल आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह की त्रासदियों को रोका जा सके और बहुमूल्य जानें बचाई जा सकें।

Rohan Verma@rohan-verma·7 मिनट पहले

यह ह्रदयविदारक घटना दिखाती है कि त्योहारों की रौनक के पीछे भी गहरा मानसिक संघर्ष छुपा हो सकता है। जब कोई युवा अपने माता-पिता के बिछड़ने के बाद अवसाद से गुजरता है, तो उसके परिवार और मित्रों की भूमिका बेहद अहम हो जाती है। सिर्फ पारिवारिक सांत्वना काफी नहीं होती, बल्कि ऐसे समय में पीड़ित व्यक्ति को पेशेवर परामर्श और मनोवैज्ञानिक सहयोग समय पर मिलना अनिवार्य है, ताकि किसी को भी इस तरह अचानक अपनी जान न गंवानी पड़े।

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