यूक्रेन की राजधानी कीव के आसपास के क्षेत्र में रूसी सेना ने बड़े पैमाने पर विध्वंस मचाया है, जिसके चलते बुचा जिले में कम से कम 27 लोगों की जान चली गई है। क्षेत्रीय सैन्य प्रशासन के प्रमुख टिमुर टकाचेंको के अनुसार, इन क्रूर हमलों के कारण एक भयंकर आग भड़क उठी जो तेजी से आसपास के कई आवासों और एक रेस्तरां तक जा पहुंची। टिमुर टकाचेंको ने जानकारी दी कि रूसी गोलाबारी की चपेट में आने से लगभग 50 आवासीय इमारतों को भारी क्षति पहुंची है।
लगातार तीसरे दिन भी जारी रहे हवाई हमले
कीव क्षेत्र में हवाई हमलों का सिलसिला लगातार तीसरे दिन शनिवार को भी बिना रुके जारी रहा। यूक्रेन और रूस के बीच जारी इस विनाशकारी संघर्ष को साढ़े चार साल का वक्त बीत चुका है, और इन ताज़ा हमलों ने राजधानी कीव की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से पंगु बना दिया है। इस लंबी जंग की वजह से आम नागरिकों का दैनिक जीवन अत्यंत कठिन और कष्टदायक हो गया है.
शुक्रवार और गुरुवार को भी हुई थी भारी तबाही
इससे पहले शुक्रवार को रूसी फौजों ने लगातार दूसरे दिन कीव और उसके नजदीकी इलाकों को निशाना बनाते हुए ड्रोन हमलों की झड़ी लगा दी थी। उस दौरान एक दर्जन से अधिक अपार्टमेंट परिसरों और भंडारण गृहों को खासतौर पर निशाना बनाया गया था। यूक्रेनी विदेश मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, बीते गुरुवार को कीव में लंबी अवधि तक चले हवाई हमलों ने यूक्रेनी राजधानी की गतिविधियों को करीब 15 घंटों तक पूरी तरह से ठप कर दिया था, जिससे समूची आर्थिक व्यवस्था अवरुद्ध हो गई थी।
वायु रक्षा प्रणालियों की कमी और रूसी रणनीतिक बदलाव
मौजूदा हालात यह हैं कि यूक्रेन के पास रूसी बैलिस्टिक मिसाइलों को बीच रास्ते में ही नाकाम करने वाली अमेरिकी पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम की भारी किल्लत महसूस हो रही है। दूसरी तरफ, रूस के उच्च गति वाले जेट इंजन चालित ड्रोन्स ने यूक्रेनी सुरक्षा तंत्र के सामने एक गंभीर और नई चुनौती खड़ी कर दी है।
मिसाइल भंडार बढ़ाने का दावा और जवाबी कार्रवाई
यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि रूस अपने मिसाइल जखीरे को लगातार मजबूत कर रहा है। हर कुछ दिनों के अंतराल पर बड़े पैमाने पर हमले किए जा रहे हैं ताकि भारी संख्या में आक्रमण करके यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली को थका दिया जाए और उसे पस्त कर दिया जाए। हालांकि, इस सबके बीच यूक्रेन की तरफ से भी जवाबी कार्रवाई करते हुए रूस के भीतर कुछ महत्वपूर्ण और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया गया है।



















