दिल्ली कैपिटल्स से जुड़े चामिंडा वास, आईपीएल फ्रेंचाइजी ने बनाया नया बॉलिंग कोचअलेक्जेंडर ज्वेरेव ने रचा इतिहास, यूएस ओपन के फाइनल में बेन शेल्टन को हराकर जीता खिताबदौड़ और हाइकिंग के शौकीनों के लिए ऑफलाइन मैप वाले किफायती रनिंग वॉचघर पर बनाएं रेस्टोरेंट जैसा स्वादिष्ट खोया पनीर, जानिए आसान रेसिपीफरीदाबाद की टूटी सड़कों पर संभलकर चलें, जरा सा झटका दे सकता है रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटओमान ने खाड़ी-ईरान वार्ता टाली, होरमुज जलडमरूमध्य पर सहमति का इंतजार बढ़ास्वीडिश आम चुनाव में वामपंथी गठबंधन आगे, दूर-राइट के समर्थन में आई गिरावटकुंभ राशिफल 14 सितंबर: शनि का संदेश, धन और परिवार में संतुलन बेहद जरूरीदाल-बाटी से अलग हटकर ट्राई करें राजस्थानी ढोकला कढ़ी, घर पर ऐसे बनाएं पारंपरिक देसी स्वादगणेश चतुर्थी पर आज भी छाई है ऋतिक रोशन की फिल्म अग्निपथ के गाने देवा श्री गणेशा की धूम, यूट्यूब पर मिल चुके हैं 180 मिलियन से ज्यादा व्यूज
स्पेनिश खुफिया एजेंसी ने सेउटा में बड़े पैमाने पर प्रवासियों के घुसपैठ की दी थी चेतावनी, दस्तावेजों से हुआ बड़ा खुलासायूरोप
10 सित॰ 2026, 3:09 am (4 दिन पहले)· 3

स्पेनिश खुफिया एजेंसी ने सेउटा में बड़े पैमाने पर प्रवासियों के घुसपैठ की दी थी चेतावनी, दस्तावेजों से हुआ बड़ा खुलासा

स्पेन सरकार द्वारा हाल ही में सार्वजनिक किए गए गोपनीय दस्तावेजों से पता चला है कि सेउटा में हजारों प्रवासियों के दाखिल होने से ठीक एक दिन पहले राष्ट्रीय खुफिया सेवा ने चेतावनी दी थी। हालांकि, प्रधानमंत्री ने इस संकट की गंभीरता का अंदाजा न होने की बात कही है।

हाल ही में सार्वजनिक किए गए सरकारी दस्तावेजों से यह सनसनीखेज तथ्य सामने आया है कि स्पेनिश खुफिया सेवाओं ने सेउटा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर प्रवासियों के घुसपैठ की योजना को लेकर पहले ही आगाह कर दिया था। इस बात की जानकारी मोरक्को और सेउटा के अधिकारियों को उस बड़ी घटना से ठीक एक दिन पहले दी गई थी, जब हजारों की संख्या में लोग उस भूभाग में दाखिल हो गए थे। इन गोपनीय दस्तावेजों को सरकार द्वारा तब सार्वजनिक किया गया जब देश में इस बात को लेकर तीखी आलोचना हो रही थी कि सरकार ने इस प्रवासी संकट से जुड़ी पूरी और सही तस्वीर देश के सामने नहीं रखी थी।

खुफिया एजेंसी की पहले की चेतावनी और सोशल मीडिया संदेश

गत 29 जुलाई को स्पेन की नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस ने मोरक्को और सेउटा के प्रशासनिक अधिकारियों को एक आधिकारिक नोट भेजकर स्पष्ट किया था कि विभिन्न सोशल मीडिया समूहों के जरिए प्रवासियों को अगले दिन सीमा पार करने के लिए उकसाया जा रहा है। खुफिया एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, यह योजना सीमाई बाड़ और तैरकर दोनों तरीकों से स्पेनिश एन्क्लेव में प्रवेश करने की थी। उस दौरान करीब 180,000 लोग उन डिजिटल संदेशों को प्राप्त कर रहे थे, जिनमें से एक संदेश में लिखा था कि जो कोई भी सीमा पार करना चाहता है, उसके पास थ्रोन डे यानी 30 जुलाई को आखिरी मौका है क्योंकि उस दिन अधिकारी जश्न और परेड में व्यस्त रहेंगे। इसके अलावा, केंद्रीय सरकार के सेउटा स्थित कार्यालय और सिविल गार्ड को भी टेक्स्ट मैसेज के जरिए इस ऑनलाइन गतिविधि के बारे में विधिवत चेतावनी दी गई थी।

ये भी पढ़ें

राजनीतिक घमासान और सरकार का आधिकारिक पक्ष

इन दस्तावेजों के सामने आने के बाद स्पेन की राजनीति में भूचाल आ गया है और प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज के बयानों पर गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री सांचेज ने पहले संसद में यह दावा किया था कि जुलाई के आखिरी दो दिनों में आने वाले संकट की भयावहता और विशालता के बारे में उनके पास कोई पूर्व सूचना नहीं थी। इसके विपरीत, विपक्ष के नेताओं ने इन declassified दस्तावेजों को सरकार के दावों की पोल खोलने वाला करार दिया है। कंज़र्वेटिव पीपल्स पार्टी की एस्टर मुनोज़ ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि सरकार के पास पूरी जानकारी थी और वे सेउटा में हुए इस आक्रमण तथा जान गंवाने वालों के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। उधर, फार-राइट वॉक्स पार्टी के जॉर्ज बुझादे ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि दस्तावेजों से साबित होता है कि सांचेज और उनके साथियों को देशद्रोह तथा सुरक्षा से जुड़े अपराधों के लिए सुप्रीम कोर्ट के सामने खड़ा किया जाना चाहिए।

प्रशासनिक अधिकारियों की प्रतिक्रिया और बचाव

विपक्षी दलों के कड़े हमलों के बीच सरकार अपने इस रुख पर कायम है कि उसने उपलब्ध जानकारियों के आधार पर ही उचित कदम उठाए थे। विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस ने बयान दिया कि उन्हें किसी भी ऐसी रिपोर्ट की जानकारी नहीं थी जो 30 जुलाई की घटनाओं के इस विकराल रूप का पूर्वानुमान लगा सके। एक सरकारी सूत्र ने भी स्पष्ट किया कि सार्वजनिक किए गए दस्तावेजों से यह साफ होता है कि इस संकट के पैमाने का अंदाजा लगाना या इसके लिए पर्याप्त समय रहते तैयारी करना पहले से संभव नहीं था। इसके अलावा, सेउटा में केंद्रीय सरकार के प्रतिनिधि मिगुएल एंजेल पेरेज़ ट्रियानो ने 29 जुलाई को नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस द्वारा भेजे गए संदेशों पर सफाई देते हुए कहा कि व्हाट्सएप पर आए वे संदेश किसी तरह की चेतावनी या रिपोर्ट नहीं थे, बल्कि वह केवल सूचनाओं का आपसी आदान-प्रदान मात्र था।

सवाल-जवाब

सेउटा में बड़े पैमाने पर प्रवासियों का प्रवेश कब हुआ था?
सेउटा में 30 और 31 जुलाई को कम से कम 72,000 प्रवासी दाखिल हुए थे।
स्पेन की किस खुफिया एजेंसी ने चेतावनी दी थी?
स्पेन की नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस ने 29 जुलाई को मोरक्को और सेउटा के अधिकारियों को आगाह किया था।
खुफिया एजेंसी को चेतावनी में क्या जानकारी मिली थी?
एजेंसी को पता चला था कि व्हाट्सएप और फेसबुक समूहों के जरिए लगभग 180,000 लोगों को सीमा पार करने के लिए उकसाया जा रहा है।
प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज का इस मामले में क्या कहना है?
प्रधानमंत्री ने दावा किया था कि उनके पास इस संकट की विशालता का संकेत देने वाली कोई पूर्व सूचना नहीं थी।
सीमा पार करने के दौरान कितने लोगों की जान गई?
सेउटा के मेयर के आंकड़ों के अनुसार, सीमा पार करने की कोशिश में कम से कम 100 लोगों की मौत हो गई थी।
सरकार ने कितने सुरक्षा दस्तावेजों को सार्वजनिक किया है?
सरकार ने इस संकट से जुड़े 40 से अधिक सुरक्षा दस्तावेजों को डीक्लासिफाई किया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR