यूक्रेन के पूर्व रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव ने सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार के मामलों और राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की की जवाबदेही को लेकर अपनी राय सार्वजनिक की है। रक्षा मंत्रालय में हाल ही में हुए बदलावों और यूक्रेन की सेना के शीर्ष नेतृत्व के साथ मतभेदों की खबरों के बाद पिछले महीने पद से हटाए गए 35 वर्षीय फेडोरोव ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति को अपने करीबी सहयोगियों के बारे में उठ रहे सवालों का खुलकर उत्तर देना चाहिए। हाल ही में सामने आए मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले ने यूक्रेनी प्रशासन के भीतर वित्तीय अनियमितताओं की चर्चा को तेज कर दिया है।
भ्रष्टाचार की जांच और आंतरिक जवाबदेही
यूक्रेन की भ्रष्टाचार विरोधी एजेंसी ने हाल ही में एक ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश किया है जिसमें 30 लाख डॉलर से अधिक की यूक्रेनी मुद्रा का हेरफेर किया गया। इस राशि का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी एक पूर्व ऊर्जा मंत्री की जमानत राशि के भुगतान के लिए किया जाना था। इस मामले में राष्ट्रपति कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का नाम सामने आने के बाद उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था।
फेडोरोव का कहना है कि रक्षा खरीद प्रक्रिया से भ्रष्टाचार मिटाने के उनके प्रयासों के बावजूद, यह समस्या अब भी अग्रिम मोर्चे पर सैन्य क्षमताओं को प्रभावित कर रही है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की के व्यक्तिगत रूप से भ्रष्टाचार में लिप्त होने का उनके पास कोई सबूत नहीं है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्हें राष्ट्रपति से कभी कोई गैर-कानूनी निर्देश नहीं मिला, लेकिन वर्तमान परिदृश्य में राष्ट्रपति की यह नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि वे स्थिति स्पष्ट करें।
वहीं राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता ने इन बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि 2019 से सरकार का हिस्सा रहे पूर्व मंत्री का अचानक इस तरह सवाल उठाना अजीब है, जबकि पद पर रहते हुए उन्होंने ऐसी बातें नहीं कही थीं।
युद्धकाल में लोकतंत्र और चुनाव पर बहस
रूस के 2022 के पूर्ण आक्रमण के बाद से यूक्रेन में मार्शल लॉ लागू है, जिसके तहत देश में चुनाव स्थगित हैं। इसके बावजूद फेडोरोव ने देश में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर चर्चा शुरू करने को अपना नैतिक अधिकार बताया है। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर प्रशासनिक सुधारों और जनता के समक्ष निर्णयों की पारदर्शिता पर बल दिया।
फेडोरोव के अनुसार युद्ध के कारण लोकतंत्र को बंधक नहीं बनाया जाना चाहिए। यदि नागरिक यह नहीं समझ पाएंगे कि फैसले क्यों लिए जा रहे हैं, तो शासन प्रणाली की विश्वसनीयता प्रभावित होगी। भविष्य में राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल होने की संभावना पर उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र की बहाली, जनता के विश्वास और सही समय पर निर्भर करेगा।
ड्रोन तकनीक और इलोन मस्क के साथ आगामी बैठक
रक्षा मंत्री और उससे पहले डिजिटल परिवर्तन मंत्री के रूप में फेडोरोव ने यूक्रेन के सैन्य अभियानों में आधुनिक तकनीक का व्यापक समावेश किया। उन्होंने सैनिकों के स्थान पर ड्रोन के इस्तेमाल को प्राथमिकता दी, जिससे सीमा पार हजारों किलोमीटर दूर रूसी सैन्य ठिकानों, तेल रिफाइनरियों और रसद गोदामों पर दूरगामी हमले संभव हो सके।
आगामी हफ्तों में अमेरिका की अपनी यात्रा के दौरान वे उद्योगपति इलोन मस्क से मिलने की योजना बना रहे हैं। उनकी मंशा स्टारलिंक उपग्रह संचार प्रणाली की सेवाओं का दायरा रूसी हवाई क्षेत्र तक बढ़ाने पर चर्चा करने की है, ताकि यूक्रेनी हमलों को सटीक बनाया जा सके। फेडोरोव का मानना है कि वैश्विक टेक कंपनियों का सहयोग यूक्रेन की विजय के लिए निर्णायक साबित होगा।
पश्चिमी सैन्य सहायता और नौकरशाही की चुनौतियां
यूक्रेन को पश्चिमी सहयोगियों से मिलने वाली सैन्य सहायता की गति पर फेडोरोव ने चिंता व्यक्त की है। युद्ध शुरू होने के बाद से ब्रिटेन द्वारा 16 अरब पाउंड की हथियार सहायता दिए जाने के बावजूद, प्रशासनिक लालफीताशाही के कारण वास्तविक आपूर्ति में देरी हो रही है। कई बार घोषित सहायता साल के अंत तक भी मोर्चे पर नहीं पहुंच पाती।
उन्होंने सहयोगी देशों से आग्रह किया कि वे पुरानी सैन्य तकनीकों या अनावश्यक मरम्मत के बजाय यूक्रेन के घरेलू ड्रोन उत्पादन को सीधे वित्तीय सहायता प्रदान करें। फेडोरोव के अनुसार समय पर मिलने वाली तकनीक न केवल यूक्रेनी सैनिकों की जान बचाएगी, बल्कि पश्चिमी देशों को आधुनिक युद्ध अभियानों का मूल्यवान अनुभव भी प्रदान करेगी।



















