पेरिस के ऐतिहासिक ओपेरा गार्नियर में आयोजित एक भव्य विवाह समारोह में पहुंचे मेहमान उस समय हैरान रह गए, जब उनकी नज़र एक अनोखी विशाल रचना पर पड़ी। इसे देखकर पहली नज़र में यह पहचानना मुश्किल था कि यह कोई खाने योग्य केक है या फिर किसी कला संग्रहालय में रखी गई बेहतरीन मूर्ति। स्पेन के प्रसिद्ध पेस्ट्री शेफ मार्क सुआरेज ने इस हैरतअंगेज़ कृति को तैयार किया है। इस विशाल निर्माण का ऑर्डर सऊदी अरब के एक परिवार ने अपनी शाही शादी के जश्न के लिए दिया था। 3.5 मीटर की ऊंचाई और 1.8 मीटर की चौड़ाई वाली इस भव्य कलाकृति ने पेरिस के इस ऐतिहासिक स्थान पर मौजूद हर इंसान को अचंभित कर दिया।
शाही शादी और फ्रांसीसी वास्तुकला से प्रेरित अनोखा विचार
सऊदी अरब के नवविवाहित जोड़े की स्पष्ट इच्छा थी कि उनका यह केक पारंपरिक शादियों में दिखने वाले आम केक जैसा बिल्कुल न लगे। वे एक ऐसी भव्य और यादगार कृति चाहते थे, जो उनके विवाह के इस ऐतिहासिक अवसर का जश्न मनाने के साथ-साथ पेरिस के ओपेरा गार्नियर की शानदार वास्तुकला को भी सम्मानित करे। इस चुनौतीपूर्ण सोच को हकीकत में बदलने के लिए मार्क सुआरेज को केवल डिज़ाइन और कॉन्सेप्ट तैयार करने में ही लगभग डेढ़ महीने का समय लग गया। उन्होंने इस बात की गहन योजना बनाई कि इस रचना का प्रत्येक हिस्सा किस तरह आयोजन स्थल के भव्य माहौल के साथ तालमेल बिठाएगा।
चार महीने की मेहनत और सहकर्मियों के परिवारों का सहयोग
कागज़ पर तैयार की गई इस योजना को हकीकत का रूप देने में लगभग चार महीने की लगातार मेहनत लगी। हालांकि मार्क सुआरेज आमतौर पर अपने सभी प्रोजेक्ट्स पर अकेले ही काम करना पसंद करते हैं, लेकिन इस निर्माण के विशाल आकार को देखते हुए अकेले काम करना पूरी तरह असंभव था। इसलिए उन्होंने मदद के लिए अपने कई पेस्ट्री शेफ दोस्तों को आमंत्रित किया। काम का बोझ इतना अधिक था कि समय पर काम पूरा करने के लिए शेफ दोस्तों के माता-पिता और उनके परिवार के अन्य सदस्यों को भी इस काम में शामिल होना पड़ा। सभी ने मिलकर दिन-रात मेहनत की और इस विशाल प्रोजेक्ट को मुकाम तक पहुंचाया।
हाथ से बनाई गईं 33 हजार पंखुड़ियां और महीन नक्काशी
इस 3.5 मीटर ऊंची कलाकृति की सबसे आकर्षक और हैरान कर देने वाली विशेषता इसकी सतह पर की गई नक्काशी और सजावट है। इसे तैयार करने के लिए पूरी टीम ने लगभग 33,000 पंखुड़ियां पूरी तरह हाथ से बनाईं। हर एक पंखुड़ी को अलग से गढ़ा गया, फिर हाथों से रंगा गया और इसके बाद बेहद सावधानी के साथ एक-एक करके केक की शाखाओं व फूलों पर लगाया गया। इस काम में अत्यधिक धैर्य और बारीक कारीगरी की ज़रूरत थी, क्योंकि थोड़ी सी भी गलती इस विशाल कलाकृति के संतुलन और सुंदरता को बिगाड़ सकती थी।
500 किलोग्राम की इस संरचना का असली सच और 1800 घंटे की कारीगरी
इस पूरी कलाकृति को पूरा करने में कुल मिलाकर लगभग 1,800 घंटे का समय लगा। जब यह भव्य ढांचा पूरी तरह बनकर तैयार हुआ, तो इसका कुल वजन करीब 500 किलोग्राम दर्ज किया गया। हालांकि, इस कहानी का सबसे बड़ा मोड़ इस विशाल ढांचे के निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्रियों से जुड़ा है। देखने में भले ही यह एक विशाल केक जैसा प्रतीत होता है, लेकिन असल में इसका केवल 0.1 प्रतिशत हिस्सा ही असली केक से बना है। इस पूरी संरचना का बाकी हिस्सा हाथ से तैयार शुगर पेस्ट और सफेद चॉकलेट से निर्मित किया गया है, ताकि यह भारी-भरकम और जटिल ढांचा अपनी जगह पर पूरी मजबूती के साथ खड़ा रह सके।


















