केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने साल 2027 की 10वीं बोर्ड परीक्षा में बैठने वाले विद्यार्थियों के लिए विज्ञान विषय के मूल्यांकन और उत्तर पुस्तिका जांच प्रणाली में एक बड़ा संशोधन लागू कर दिया है। परीक्षा कक्ष में होने वाली एक छोटी सी असावधानी भी पूरे साल की मेहनत को प्रभावित कर सकती है, क्योंकि नए नियमों के अनुसार पूरी तरह सही उत्तर लिखने के बाद भी परीक्षार्थी को शून्य अंक मिलने का खतरा बना रहेगा। बोर्ड परीक्षा देने जा रहे छात्रों के साथ उनके अभिभावकों को भी इस बदलाव की पूरी बारीकी समझना बेहद जरूरी है, ताकि उत्तर लिखने के दौरान कोई तकनीकी भूल न हो।
बोर्ड परीक्षाओं के दौरान कई बार परीक्षार्थी घबराहट में, जल्दबाजी में या पन्ने पर जगह खत्म होने की स्थिति में एक खंड का उत्तर किसी दूसरे खंड के लिए निर्धारित जगह पर दर्ज कर देते हैं। साल 2027 के इम्तिहान में ऐसी आदत बेहद नुकसानदेह साबित होगी, क्योंकि मूल्यांकन के तरीके को पूरी तरह विषय विशेषज्ञों पर केंद्रित कर दिया गया है। नियमों की अनदेखी करने पर विद्यार्थी के अंक कटने और परिणाम प्रभावित होने की आशंका बढ़ जाएगी।
विषय विशेषज्ञों की देखरेख में होगी उत्तर पुस्तिकाओं की जांच
अब तक चली आ रही व्यवस्था के अनुसार, विज्ञान विषय की पूरी उत्तर पुस्तिका की जांच एक ही परीक्षक द्वारा पूरी कर ली जाती थी। इस पुरानी प्रक्रिया को बदलते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने अनुशासन आधारित मूल्यांकन प्रणाली लागू कर दी है। इस व्यवस्था के अंतर्गत एक ही उत्तर पुस्तिका के अलग-अलग हिस्सों का परीक्षण केवल उन्हीं विषयों के विशेषज्ञ शिक्षक करेंगे। जीव विज्ञान के हिस्से की जांच केवल जीव विज्ञान के शिक्षक करेंगे, रसायन विज्ञान वाले भाग को रसायन विज्ञान के विशेषज्ञ जांचेंगे और भौतिक विज्ञान से संबंधित सवालों का मूल्यांकन केवल भौतिक विज्ञान के अध्यापक ही करेंगे।
तीन अलग-अलग खंडों में तैयार किया गया है विज्ञान का प्रश्नपत्र
बोर्ड ने 10वीं कक्षा के विज्ञान के पूरे प्रश्नपत्र को स्पष्ट तौर पर तीन मुख्य खंडों में विभाजित कर दिया है, ताकि मूल्यांकन सुव्यवस्थित रहे
- सेक्शन ए: यह खंड पूरी तरह से जीव विज्ञान के प्रश्नों के लिए निर्धारित है।
- सेक्शन बी: इस हिस्से में केवल रसायन विज्ञान के सवाल पूछे जाएंगे।
- सेक्शन सी: यह खंड भौतिक विज्ञान के थ्योरी और न्यूमेरिकल सवालों के लिए रखा गया है।
निर्धारित खंड से बाहर उत्तर लिखने पर मिलेंगे शून्य अंक
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के नए नियम के तहत, यदि किसी छात्र ने भौतिक विज्ञान यानी सेक्शन सी से जुड़ा कोई गणितीय सवाल या थ्योरी उत्तर गलती से रसायन विज्ञान यानी सेक्शन बी वाले स्थान पर हल कर दिया, तो रसायन विज्ञान की कॉपी जांचने वाले शिक्षक उसे सीधे काट देंगे। उस सही उत्तर पर कोई अंक नहीं दिया जाएगा और छात्र को शून्य अंक थमाते हुए उसे अनुत्तरित या अमान्य प्रयास मान लिया जाएगा। परीक्षा कक्ष में प्रश्नपत्र हाथ में आते ही छात्रों को अपनी उत्तर पुस्तिका में मानसिक रूप से खाका खींच लेना चाहिए कि किस खंड का उत्तर कहां लिखना है। उत्तर पुस्तिका में ओवरराइटिंग से बचना और प्रत्येक प्रश्न को उसके तयशुदा सेक्शन में ही लिखना अनिवार्य होगा।
ऐसा रहेगा सीबीएसई 10वीं साइंस का नया परीक्षा पैटर्न
बोर्ड ने केवल कॉपियां जांचने की व्यवस्था ही नहीं बदली है, बल्कि विद्यार्थियों की वैचारिक समझ को जांचने के लिए प्रश्नपत्र के प्रारूप में भी विशेष अनुपात तय किया है
- 50 प्रतिशत बुनियादी सवाल: प्रश्नपत्र का आधा हिस्सा छात्रों की मूलभूत अवधारणाओं और आधारभूत जानकारी की स्पष्टता परखने पर केंद्रित रहेगा।
- 30 प्रतिशत व्यावहारिक प्रश्न: यह हिस्सा वैज्ञानिक नियमों और थ्योरी के दैनिक जीवन में होने वाले प्रायोगिक इस्तेमाल पर आधारित होगा।
- 20 प्रतिशत योग्यता आधारित सवाल: इस भाग में विद्यार्थियों की विश्लेषण क्षमता, मूल्यांकन कौशल और रचनात्मक सोच के आधार पर उत्तर देने की आवश्यकता होगी।
आधिकारिक वेबसाइटों पर जल्द उपलब्ध होगी डेटशीट और सैंपल पेपर
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड बहुत जल्द 10वीं की मुख्य परीक्षाओं की आधिकारिक डेटशीट अपने पोर्टल cbse.gov.in पर जारी करने की तैयारी में है। अपनी तैयारी को सटीक दिशा देने के लिए विद्यार्थी शैक्षणिक पोर्टल cbseacademic.nic.in पर जाकर नया साइंस सैंपल पेपर और पूरा सिलेबस डाउनलोड कर सकते हैं। 2027 के सैंपल पेपर का अध्ययन करने से छात्रों को यह स्पष्ट समझ मिल सकेगी कि इस बार बोर्ड किस तरह के विश्लेषणात्मक और घुमावदार प्रश्न पूछने जा रहा है।





















