झारखंड में लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन आयोग की भर्ती परीक्षाओं में सामने आई कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। राजधानी रांची में पिछले कई दिनों से हजारों परीक्षार्थी सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। अब इस राज्यव्यापी छात्र आंदोलन को फिल्म उद्योग से भी समर्थन मिला है। बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान ने सोशल मीडिया के माध्यम से आंदोलनकारी युवाओं की आवाज उठाई है और आम जनता तथा प्रशासन से उनकी चिंताओं पर ध्यान देने की अपील की है।
सोशल मीडिया के जरिए तंज और सार्वजनिक ध्यान
अभिनेता इमरान खान ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक विशेष स्टोरी साझा करते हुए झारखंड के अभ्यर्थियों के संघर्ष की ओर देश का ध्यान आकृष्ट किया। उन्होंने अपनी पोस्ट में व्यंग्यात्मक लहजे का इस्तेमाल करते हुए लिखा, “झारखंड में छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, चलो हम सब उन्हें इग्नोर कर दें, क्या गलत हो सकता है।” इस तंज के जरिए उन्होंने यह संदेश देने का प्रयास किया कि युवाओं की जायज मांगों को नजरअंदाज करना गंभीर परिणाम पैदा कर सकता है। उनसे पहले भी कला जगत के कुछ प्रमुख व्यक्तित्वों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अभ्यर्थियों की मांगों के पक्ष में अपनी आवाज उठाई थी।
रांची में डटे अभ्यर्थी और आंदोलन का स्वरूप
परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ जारी यह विरोध प्रदर्शन रांची स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में केंद्रित है, जहां बड़ी संख्या में छात्र अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रियाओं में बार-बार हो रही गड़बड़ियों के कारण लाखों युवाओं का भविष्य और करियर अधर में लटक जाता है। इस आंदोलन को दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शनों की तर्ज पर आगे बढ़ाया जा रहा है। अपनी आवाज को मजबूती देने के लिए परीक्षार्थियों ने मशाल जुलूस निकालने के साथ-साथ कई तरह के शांतिपूर्ण और रचनात्मक कार्यक्रम भी आयोजित किए हैं। उनकी स्पष्ट मांग है कि विवादित जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं को तुरंत रद्द किया जाए और पेपर लीक की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।
विभिन्न संगठनों और अन्य राज्यों से समर्थन
रांची में चल रहे इस आंदोलन को केवल स्थानिक स्तर पर ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी समर्थन मिल रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) समेत कई सामाजिक और नागरिक संगठनों ने अभ्यर्थियों की मांगों का खुलकर समर्थन किया है। इसके अलावा देश के विभिन्न राज्यों के छात्र संगठनों और युवाओं ने भी झारखंड के परीक्षार्थियों के साथ एकजुटता व्यक्त की है। छात्रों का स्पष्ट मानना है कि जब तक भर्ती प्रणाली में पारदर्शी सुधार नहीं होते, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री का आश्वासन और विपक्ष का हमला
छात्रों के बढ़ते आक्रोश के बीच राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पूरे मामले पर प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि राज्य सरकार परीक्षार्थियों की सभी समस्याओं और चिंताओं से भलीभांति अवगत है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय नहीं होने देगी। मामले की गहन जांच की जा रही है और जांच प्रक्रिया पूरी होते ही स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया जाएगा। दूसरी ओर, इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक सरगर्मी भी तेज हो गई है। विपक्षी दलों के नेताओं ने भर्ती प्रक्रियाओं में लगातार आ रही गड़बड़ियों को लेकर सरकार पर जोरदार हमला बोला है और प्रशासनिक नाकामी पर तुरंत जवाब मांगा है।



















