थाली में रोज एक ही तरह की सब्जियां देखकर कई बार खाने का मन फीका पड़ जाता है। ऐसे में भोजन का स्वाद बदलने के लिए किसी जटिल रेसिपी के बजाय पारंपरिक दही मिर्च बनाई जा सकती है। यह व्यंजन न केवल खाने की रंगत और जायका बढ़ाता है, बल्कि इसे बेहद कम समय और घर में मौजूद बुनियादी सामग्री से तैयार किया जा सकता है। दही की हल्की खटास, भुने हुए मसालों की सुगंध और हरी मिर्च का तीखापन मिलकर इसे एक लाजवाब साइड डिश बनाते हैं।
आवश्यक सामग्री का विवरण
दही मिर्च तैयार करने के लिए रसोई में मिलने वाले बुनियादी मसालों का उपयोग होता है। इसके लिए 10 से 12 हरी मिर्च, 1 कप ताजा दही और 1 से 2 चम्मच बेसन की आवश्यकता होती है। तड़के और मसाले के लिए 1 चम्मच जीरा, आधा चम्मच हल्दी पाउडर, आधा चम्मच धनिया पाउडर, थोड़ा सा लाल मिर्च पाउडर, स्वादानुसार नमक और 1 से 2 बड़े चम्मच तेल की जरूरत पड़ेगी। अगर आप तड़के को और अधिक खुशबूदार बनाना चाहते हैं, तो थोड़ी सी राई और एक चुटकी हींग का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
मिर्च की तैयारी और भूनने की प्रक्रिया
रेसिपी की शुरुआत में 10 से 12 हरी मिर्चों को पानी से अच्छी तरह साफ करें और कपड़े से पोंछकर सुखा लें। इसके बाद प्रत्येक मिर्च में लंबाई के अनुदिश चीरा लगाकर उसे दो हिस्सों में विभाजित करें। यदि आप अधिक तीखा खाना पसंद नहीं करते हैं, तो मिर्च के अंदर से बीजों को निकालकर अलग कर सकते हैं। अब एक पैन में थोड़ा सा तेल गरम करें और कटी हुई मिर्चों को उसमें डालें। मिर्चों को हल्की आंच पर तब तक भूनें जब तक कि उनकी ऊपरी त्वचा का रंग थोड़ा बदलने न लगे और उनमें से धीमी सुगंध आने न लगे। इसके बाद भुनी हुई मिर्चों को पैन से निकालकर एक अलग प्लेट में रख लें।
दही और मसालों का घोल तैयार करना
एक साफ कटोरे में 1 कप ताजा दही लें और उसे मथनी या चम्मच की सहायता से अच्छी तरह फेंट लें ताकि उसमें कोई गांठ न रहे। अब इस फेंटे हुए दही में 1 से 2 चम्मच बेसन, आधा चम्मच हल्दी, आधा चम्मच धनिया पाउडर, थोड़ा सा लाल मिर्च पाउडर और हल्का सा नमक मिलाएं। इस पूरे मिश्रण को एकसार करने के लिए इसमें आवश्यकतानुसार थोड़ा सा पानी मिलाएं और एक चिकना व पतला घोल तैयार करें। दही में बेसन मिलाने का मुख्य कारण यह है कि इससे पकाने के दौरान ग्रेवी को एक बेहतरीन गाढ़ापन और अच्छा टेक्सचर मिलता है।
तड़का लगाना और पकाने की विधि
जिस पैन में मिर्च भुनी गई थी, उसी में आवश्यकतानुसार थोड़ा सा और तेल डालकर गरम करें। जब तेल गरम हो जाए तो उसमें जीरा और हींग डालें। जीरे के चटकते ही गैस की आंच को धीमा कर दें। अब तैयार किया गया दही का घोल पैन में डालते जाएं और दूसरी तरफ से इसे लगातार चलाते रहें। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि दही डालते समय आंच तेज न हो, क्योंकि तेज आंच पर दही के फटने की पूरी संभावना रहती है। धीमी से मध्यम आंच पर मिश्रण को बिना रुके कुछ मिनटों तक चलाते हुए पकाएं।
ग्रेवी में मिर्च मिलाना और परोसना
जब दही की ग्रेवी धीरे-धीरे गाढ़ी होने लगे और पकने की महक आने लगे, तब इसमें पहले से भुनी रखी हरी मिर्च मिला दें। मिर्च और ग्रेवी को आपस में अच्छी तरह मिला लें और धीमी आंच पर ढंककर या खुला 3 से 4 मिनट तक पकने दें ताकि मिर्च में मसालों और दही का स्वाद अच्छी तरह समा जाए। इस चरण पर स्वादानुसार नमक की जांच कर लें और आवश्यकता हो तो थोड़ा और नमक मिला लें। अंत में ताजी कटी हरी धनिया पत्ती डालकर डिश को सजाया जा सकता है। तैयार राजस्थानी दही मिर्च को गरमागरम गेहूं की रोटी, बाजरा रोटी, पराठे या दाल चावल के साथ परोसें। दही का खट्टापन और मिर्च की चटपटाहट साधारण भोजन को भी खास बना देती है।



















