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गाजीपुर के बाजारों में दिवाली सजावट की बहार, 30 रुपये की लड़ी से लेकर राजस्थानी तोरण की मची धूमत्योहार
5 नव॰ 2026, 3:19 pm (6 मिनट पहले)· 0

गाजीपुर के बाजारों में दिवाली सजावट की बहार, 30 रुपये की लड़ी से लेकर राजस्थानी तोरण की मची धूम

गाजीपुर में सिंचाई विभाग के पास दिवाली सजावट का बड़ा बाजार सजा है, जहां 30 रुपये से लेकर 460 रुपये तक में 1000 तरह के तोरण, बंदरवार और फूलों की लड़ियां बिक रही हैं।

दीपावली के त्योहार को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ गई है, जहां घरों की सजावट के लिए लोग खास तैयारी कर रहे हैं। सनातन परंपरा में दिवाली के अवसर पर घर के मुख्य प्रवेश द्वार को सजाने का विशेष महत्व माना जाता है। इसी मांग को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश के गाजीपुर स्थित सिंचाई विभाग के पास सजावटी तोरण, फूलों की रंग-बिरंगी लड़ियों और कलात्मक झूमरों का एक विशाल बाजार सज गया है। इस बार बाजार में लगभग 1000 अलग-अलग डिजाइन की सजावटी वस्तुएं ग्राहकों के लिए उपलब्ध कराई गई हैं, जिनमें राजस्थानी कला से प्रेरित बंदरवार से लेकर मोतियों और कपड़ों से बने खूबसूरत तोरण शामिल हैं।

मुख्य द्वार की रौनक बढ़ा रहे 1000 से अधिक अनूठे डिजाइन

घर के प्रवेश द्वार और पूजा स्थल की सुंदरता में चार चांद लगाने के लिए दुकानों पर दूर से ही आकर्षक सजावटी सामग्री नजर आ रही है। यहां पीले, नारंगी, गुलाबी, सफेद और हरे जैसे जीवंत रंगों में तैयार फूलों की लड़ियां विशेष रूप से उपलब्ध हैं। इन कृत्रिम लड़ियों में से कुछ को बिल्कुल प्राकृतिक गेंदे के फूलों जैसा रूप दिया गया है, जबकि कुछ मोगरे की सुगंधित कलियों की तरह दिखाई देती हैं। इन सजावटी सामानों का उपयोग घर के मुख्य गेट, अंदरूनी प्रवेश द्वार और पूजा घर को सजाने के लिए बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। इसके अलावा मोतियों, कपड़ों और अन्य सजावटी सामग्री से तैयार किए गए तोरण भी ग्राहकों को काफी आकर्षित कर रहे हैं।

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मोतियों और कपड़े से तैयार तोरण की बढ़ी मांग

बाजार में बिक रहे कपड़ों और मोतियों के तोरण की अपनी एक अलग पहचान बनी हुई है। स्टॉल संचालक सत्यप्रकाश ने जानकारी दी कि कपड़े और बारीक मोतियों के मेल से बने तोरण मुख्य रूप से घर के बाहरी गेट की खूबसूरती बढ़ाने के काम आते हैं। इस खास तोरण की कीमत 460 रुपये तय की गई है। सत्यप्रकाश के अनुसार, किसी भी बड़े मुख्य द्वार को ज्यादा आकर्षक और भव्य रूप देने के लिए ग्राहक ऐसे 5 से 6 पीस एक साथ लगा सकते हैं। ग्राहक अपने दरवाजे के आकार, चौड़ाई और अपनी सजावटी पसंद के हिसाब से इन तोरणों की संख्या का चयन कर रहे हैं।

राजस्थानी बंदरवार और झूमर से चमकेगी घर की सजावट

गाजीपुर के इस बाजार में राजस्थानी हस्तकला और पारंपरिक डिजाइनों से सजे सामान भी लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बने हुए हैं। इनमें पारंपरिक झूमर और बंदरवार प्रमुख हैं। सजावटी झूमरों को दरवाजे के बीचों-बीच या घर के किसी खास हिस्से में लटकाया जाता है, जबकि बंदरवार को प्रवेश द्वार के ठीक ऊपरी हिस्से पर सजाने के लिए डिजाइन किया गया है। इन पारंपरिक सजावटी सामानों पर रंग-बिरंगे फूलों, चमकदार मोतियों और बारीक क्राफ्ट का काम किया गया है। दुकानदारों का कहना है कि जब इन पर रोशनी पड़ती है, तो इनकी चमक और निखर आती है। इसी वजह से लोग इन्हें अपने घरों के साथ-साथ स्थानीय मंदिरों को सजाने के लिए भी काफी पसंद कर रहे हैं।

30 रुपये की शुरुआती कीमत में फूलों की विविध लड़ियां

सजावटी सामानों के इस बाजार में गेंदे के फूल जैसी दिखने वाली कृत्रिम लड़ियां पीले, नारंगी, लाल और बहुरंगी डिजाइनों में मौजूद हैं। इसके साथ ही मोगरे के फूलों जैसी दिखने वाली सफेद रंग की लड़ियां भी सजावट के शौकीनों के लिए रखी गई हैं। सत्यप्रकाश के मुताबिक, उनके पास फूलों की लड़ियों की ही लगभग 30 से 35 अलग-अलग वैरायटी उपलब्ध हैं। इनकी कीमतें काफी किफायती रखी गई हैं, जो केवल 30 रुपये प्रति पीस से शुरू होकर 120 रुपये प्रति पीस तक जाती हैं।

मुख्य प्रवेश द्वार को आकर्षक बनाने की खास योजना

कृत्रिम फूलों की ये लंबी लड़ियां दरवाजे के दोनों तरफ लटकाई जाती हैं या ऊपर की ओर सजाई जाती हैं। बाजार के मुख्य व्यवसाय का प्रबंधन संभाल रहे अभिषेक ने बताया कि कपड़े और मोतियों से बने तोरणों का उपयोग मुख्य रूप से मेन गेट को सजाने के लिए किया जाता है। वहीं, पारंपरिक लटकन वाले बंदरवार दरवाजे के ऊपरी हिस्से को ढकते हैं और झूमर प्रवेश द्वार के बीच में लटककर पूरे माहौल को उत्सवमय बना देते हैं। इस प्रकार गाजीपुर में हर बजट और पसंद के अनुसार दिवाली सजावट का सामान उपलब्ध है।

सवाल-जवाब

गाजीपुर में दिवाली सजावट का यह बाजार कहां लगा है?
यह बाजार गाजीपुर में सिंचाई विभाग के पास लगा है, जहां सजावटी सामानों की विस्तृत रेंज मौजूद है।
बाजार में फूलों की लड़ियों की शुरुआती कीमत क्या है?
कृत्रिम फूलों की लड़ियों की शुरुआती कीमत 30 रुपये प्रति पीस है, जो अधिकतम 120 रुपये तक जाती है।
कपड़े और मोतियों से बने तोरण की कीमत क्या रखी गई है?
कपड़े और मोतियों से तैयार किए गए तोरण की कीमत 460 रुपये प्रति पीस है।
बाजार में सजावटी सामान की कितनी वैरायटी उपलब्ध है?
बाजार में लगभग 1000 तरह के डिजाइन और 30 से 35 वैरायटी की फूलों की लड़ियां उपलब्ध हैं।
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