भारत निर्वाचन आयोग ने 1 जनवरी 2027 को पात्रता तिथि मानते हुए 6 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) की प्रक्रिया शुरू करने का विस्तृत आदेश जारी किया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल किया जाए तथा मतदाता नामावलियों को पूरी तरह सटीक और पारदर्शी बनाया जा सके। आयोग की समयसारिणी के अनुसार, पुनरीक्षित अंतिम मतदाता सूची का औपचारिक प्रकाशन 21 जनवरी 2027 को किया जाएगा।
छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चुनावी मतदाता सूची का पुनरीक्षण
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किए गए आधिकारिक कार्यक्रम के तहत जिन छह क्षेत्रों में SSR प्रक्रिया का संचालन किया जाएगा, उनमें चार राज्य और दो केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं। इन क्षेत्रों की सूची इस प्रकार है
- अरुणाचल प्रदेश
- चंडीगढ़
- दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव
- मिजोरम
- ओडिशा
- सिक्किम
अग्रिम आवेदन और युवा मतदाताओं के लिए अवसर
इस पुनरीक्षण अभियान के तहत 1 जनवरी 2027 तक 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले सभी युवा नागरिक अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने के पात्र होंगे। इसके अतिरिक्त, निर्वाचन आयोग ने युवा नागरिकों को अग्रिम रूप से आवेदन करने का अवसर भी प्रदान किया है। जिन युवाओं की आयु 1 अप्रैल 2027, 1 जुलाई 2027 और 1 अक्टूबर 2027 को 18 वर्ष पूरी हो रही है, वे भी अपने फॉर्म पहले से ही जमा कर सकेंगे ताकि निर्धारित तिथि पर उनका नाम मतदाता सूची में स्वतः जुड़ सके।
अन्य राज्यों और विशेष परिस्थितियों के लिए नियम
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वर्तमान में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया चल रही है अथवा पूरी हो चुकी है, वहां SSR का कार्यक्रम बाद की तारीखों में अलग से घोषित किया जाएगा। इस श्रेणी में आंध्र प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मेघालय, नागालैंड, दिल्ली, त्रिपुरा और तेलंगाना शामिल हैं।
इसके अलावा, प्रतिकूल मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख के लिए भी SSR की समयसारिणी बाद में निर्धारित की जाएगी।
विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की पूरी समयसारिणी
निर्वाचन आयोग द्वारा SSR के लिए चरणबद्ध कार्यक्रम निर्धारित किया गया है, जिसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं
- पोलिंग स्टेशनों का युक्तिकरण: मतदान केंद्रों का पुनर्गठन और सुदृढ़ीकरण 20 नवंबर 2026 तक पूरा किया जाएगा।
- एकीकृत प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन: ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन 30 नवंबर 2026 को होगा।
- दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि: आम नागरिक और राजनीतिक दल 30 नवंबर 2026 से लेकर 30 दिसंबर 2026 तक अपने दावे या आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।
- अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन: सभी दावों और आपत्तियों के निपटारे के पश्चात 21 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची सार्वजनिक की जाएगी।
चुनावी अधिकारियों के लिए कड़े प्रशासनिक निर्देश
पुनरीक्षण कार्य को निष्पक्ष, त्रुटिरहित और समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के उद्देश्य से चुनाव आयोग ने संबंधित प्रशासनिक मशीनरी को कड़े दिशा-निर्देश दिए हैं। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 (RPA 1950) की धारा 13CC के तहत मतदाता सूची तैयार करने के कार्य में तैनात सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को इस अवधि के दौरान निर्वाचन आयोग में प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) पर माना जाएगा।
आयोग ने सभी संबंधित मुख्य सचिवों को निर्देश दिया है कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO), जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO), निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) और बूथ लेवल अधिकारी (BLO) के रिक्त पदों को तुरंत भरा जाए। SSR प्रक्रिया के दौरान आयोग की पूर्वानुमति के बिना किसी भी अधिकारी का स्थानांतरण नहीं किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, ERO पर यह व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी कि कोई भी पात्र नागरिक सूची से छूटने न पाए और किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में न रहे।














