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बलिया में खास गुड़ वाले आंवला हलवे की धूम, च्यवनप्राश को दे रहा कड़ी टक्करखानपान
25 अक्तू॰ 2026, 5:55 am (5 दिन पहले)· 2

बलिया में खास गुड़ वाले आंवला हलवे की धूम, च्यवनप्राश को दे रहा कड़ी टक्कर

उत्तर प्रदेश के बलिया में सर्दियों के मौसम में आंवले और गुड़ से बनने वाला विशेष हलवा काफी लोकप्रिय हो रहा है। इसे तैयार करने में एक हफ्ते का समय लगता है और इसकी मांग आसपास के कई शहरों तक है।

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में जैसे ही मौसम में बदलाव आता है, सेहत और स्वाद से भरपूर आंवले के हलवे की मांग काफी तेजी से बढ़ने लगती है। आम तौर पर लोगों ने सूजी, आटा, बेसन या गाजर का हलवा तो कई बार चखा होगा, लेकिन गुड़ और आंवले के मिश्रण से तैयार होने वाला यह खास व्यंजन न सिर्फ स्वाद में बेहतरीन है बल्कि सेहत के लिहाज से भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। पारंपरिक रूप से आंवले का इस्तेमाल तमाम घरेलू नुस्खों में किया जाता रहा है और ठंड के दिनों में इस अनोखे हलवे का लुत्फ उठाने के लिए दूर-दराज से लोग यहां पहुंचते हैं।

पूरी तरह प्राकृतिक सामग्री और कड़े तैयार करने की प्रक्रिया

दुकान के मालिक प्रियांशु मदनवाल के अनुसार, इस विशेष आंवले के हलवे को बनाने में पूरी तरह से गुड़ का इस्तेमाल किया जाता है और इसमें चीनी का बिल्कुल भी प्रयोग नहीं होता है। सेहत का पूरा ध्यान रखते हुए इसमें काजू और अन्य पौष्टिक मेवे भी मिलाए जाते हैं। इस स्वादिष्ट हलवे की कीमत 600 रुपये प्रति किलो रखी गई है, जिसे ग्राहक अपनी जरूरत के मुताबिक 60 रुपये में 100 ग्राम या 50 ग्राम की मात्रा में भी खरीद सकते हैं। इसे बनाने की प्रक्रिया काफी लंबी और मेहनत वाली होती है।

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एक हफ्ते में तैयार होता है यह स्वास्थ्यवर्धक हलवा

प्रियांशु बताते हैं कि इस हलवे को रोजाना सुबह महज एक चम्मच खाने से पूरे शरीर में दिनभर ऊर्जा बनी रहती है। इसे नेचुरल तरीके से च्यवनप्राश के विकल्प के रूप में तैयार किया जाता है और इसमें किसी भी प्रकार के केमिकल का उपयोग नहीं किया जाता है। बड़े आकार के देसी गुड़ के साथ उबले और पिसे हुए आंवले का उपयोग होता है। इसके अलावा इसमें कुछ गुप्त मसालों को भी मिलाया जाता है, जो इसके स्वाद और औषधीय गुणों को और बढ़ाते हैं। इस लजीज हलवे को पूरी तरह से तैयार होने में लगभग सात दिन का वक्त लगता है, जिसमें आंवले को क्रश करना, उबालना, पीसना और धूप में सुखाना जैसे कई चरण शामिल होते हैं।

दूर-दूर तक है मांग और कहां मिलेगी यह दुकान

स्थानीय स्तर पर लोकप्रिय होने के साथ-साथ इस सेहतमंद हलवे की मांग गोरखपुर, देवरिया और पटना जैसे दूरदराज के महानगरों तक फैली हुई है। अगर आप भी इसका स्वाद चखना चाहते हैं, तो बलिया में रेलवे स्टेशन से थोड़ी ही दूरी पर आर्य समाज रोड पर मनजीत सिंह कंपनी के ठीक सामने जा सकते हैं। राज स्वीट्स नाम की इस दुकान पर पहुंचकर लोग इस पारंपरिक और स्वास्थ्यवर्धक व्यंजन का आनंद लेते हैं।

सवाल-जवाब

बलिया में यह विशेष आंवला हलवा कहां मिलता है?
यह हलवा बलिया में रेलवे स्टेशन के पास आर्य समाज रोड पर मनजीत सिंह कंपनी के सामने स्थित राज स्वीट्स पर मिलता है।
आंवला हलवे की कीमत क्या है?
यह हलवा 600 रुपये प्रति किलो की दर से उपलब्ध है और ग्राहक इसे 60 रुपये में 100 ग्राम या 50 ग्राम भी खरीद सकते हैं।
इस हलवे को तैयार करने में कितना समय लगता है?
इस स्वादिष्ट हलवे को पूरी तरह तैयार करने में लगभग एक हफ्ते का समय लगता है।
क्या इस हलवे में चीनी का इस्तेमाल होता है?
नहीं, इस हलवे को पूरी तरह से गुड़ में तैयार किया जाता है और चीनी का बिल्कुल इस्तेमाल नहीं होता।
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टिप्पणियाँ 5

Kavya Nair@kavya-nair·4 दिन पहले

सर्दियों में च्यवनप्राश का ऐसा देसी विकल्प देखकर मज़ा आ गया! इसे बनाने में पूरा हफ्ता लगता है, तो क्या गर्मियों के मौसम में भी यह मिलता है या यह सिर्फ सर्दियों की ही खासियत है?

Yuki Tanaka@yuki-tanaka·4 दिन पहले

बनाने में एक हफ्ता और वो भी धूप में सुखाने का झंझट, रोज़ सुबह चम्मच भर खाने के चक्कर में कौन इतना इंतज़ार करे? वैसे स्वाद का तो पता नहीं, पर दाम थोड़ा ज़्यादा ही लग रहा है।

Li Wei@li-wei·4 दिन पहले

यूकी भाई, एक हफ्ता तो पारंपरिक च्यवनप्राश में भी लगता है। असली चीज़ के लिए थोड़ा सब्र तो करना ही पड़ता है।

Amit Patel@amit-patel·4 दिन पहले

बलिया के इस आंवले-गुड़ के हलवे को बनाने में पूरे सात दिन की मेहनत लगती है, तभी यह च्यवनप्राश को टक्कर दे रहा है। 600 रुपये किलो वाला यह पारंपरिक नुस्खा सर्दियों में एनर्जी का बढ़िया नेचुरल विकल्प है।

Laxmi Gupta@laxmi-gupta·4 दिन पहले

अमित जी, सात दिन की मेहनत वाकई कमाल है! गुड़ और आंवले का यह मेल सर्दियों में सेहत के लिए सचमुच अमृत जैसा है।

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