पंजाब की राजनीति में उस वक्त गर्माहट आ गई जब जालंधर से जुड़ा एक बड़ा विरोध सामने आया। आम आदमी पार्टी के भीतर ही चल रही नाराजगी और विरोध के स्वर अब सड़कों और दीवारों तक पहुंच चुके हैं। इस घटनाक्रम के दौरान जालंधर में पार्टी के एक सांसद के घर के बाहर प्रदर्शन देखने को मिला और उनकी दीवार पर आक्रोशित लोगों द्वारा आपत्तिजनक शब्द लिखे गए। इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है और पार्टी के भीतर की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अशोक मित्तल भी बने विरोध का निशाना
इस विरोध प्रदर्शन की चपेट में केवल सांसद ही नहीं आए, बल्कि अशोक मित्तल का नाम भी इसमें सामने आया है। स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच उपजा असंतोष अब खुलकर सामने आ रहा है, जिससे पार्टी संगठन के भीतर समन्वय और अनुशासन पर भी असर पड़ रहा है। इस तरह की घटनाएं राजनीतिक दलों के लिए अंदरूनी कलह और जनता के बीच बढ़ती नाराजगी का संकेत देती हैं, जिसे लेकर स्थानीय प्रशासन और पुलिस भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रही है।
पार्टी नेतृत्व और कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया
एक तरफ जहां पार्टी के शीर्ष नेता सोशल मीडिया के जरिए शोक संदेश और अन्य जरूरी मुद्दों पर अपनी बात रख रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पार्टी कार्यकर्ता अशोक जी के निधन पर शोक व्यक्त किया था। लेकिन दूसरी ओर जालंधर में पार्टी के भीतर चल रहा असंतोष और दीवार पर गद्दार लिखे जाने जैसी घटनाएं यह दिखाती हैं कि पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है और आने वाले दिनों में राजनीतिक पारा और चढ़ सकता है।
जनता की प्रतिक्रिया
इस पूरी घटना पर आम जनता और सोशल मीडिया यूजर्स की तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, जहां कुछ लोग इसे आंतरिक लोकतंत्र की कमी बता रहे हैं तो वहीं तमाम लोग इसे अनुशासनहीनता करार दे रहे हैं।





























