कीव: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने एक साक्षात्कार के दौरान दावा किया है कि रूस की कार्यशैली और व्लादिमीर पुतिन के इरादों को उनका देश अमेरिका की तुलना में कहीं अधिक बेहतर ढंग से समझता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनका साझा उद्देश्य रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करना है, परंतु इस शांति को हासिल करने की कार्यनीति को लेकर दोनों नेताओं के दृष्टिकोण में अंतर है। बुधवार को दिए गए इस बयान के बाद से वैश्विक स्तर पर सियासी हलचल तेज हो गई है। जेलेंस्की के अनुसार, रूस के साथ यूक्रेन का लंबा और प्रत्यक्ष ऐतिहासिक अनुभव ही उसे रूसी नेतृत्व की मानसिक स्थिति को पूरी तरह भांपने में सक्षम बनाता है।
व्लादिमीर पुतिन की मानसिकता पर सोवियत दौर का साया
युद्ध को समाप्त करने के तरीकों पर चर्चा करते हुए जेलेंस्की ने रेखांकित किया कि राष्ट्रपति ट्रंप के साथ उनका गंतव्य एक ही है, लेकिन वहां तक पहुंचने के मार्ग भिन्न हैं। उन्होंने व्लादिमीर पुतिन के वैचारिक ढांचे का विश्लेषण करते हुए बताया कि रूसी राष्ट्रपति की सोच और उनकी कार्यप्रणाली पर सोवियत संघ के कालखंड का गहरा प्रभाव है। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने खुद को भी इसी पृष्ठभूमि से जोड़ते हुए कहा कि सोवियत संघ में जन्म लेने के कारण वह इस विशिष्ट मानसिकता को भली-भांति समझते हैं। उनके इस ताजा बयान ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है।
रूसी झूठ को तुरंत भांप लेता है यूक्रेन
यूक्रेनी राष्ट्रपति का कहना है कि जब भी व्लादिमीर पुतिन द्वारा कोई असत्य बोला जाता है, तो यूक्रेन का नेतृत्व उसे तुरंत भांप लेता है। उन्होंने पड़ोसी देश के साथ दशकों के लंबे सह-अस्तित्व का हवाला देते हुए कहा कि यही कारण है कि वे रूसियों को अमेरिकी नजरिए से ज्यादा स्पष्टता से परख सकते हैं। रूस के साथ सीधे और पुराने संपर्कों के कारण ही यूक्रेन के पास रूसी हुक्मरानों के व्यवहार का अनुमान लगाने की विशेष बढ़त मौजूद है।
रूसी सैनिकों और नागरिकों की विवशता
जेलेंस्की ने केवल शीर्ष नेतृत्व ही नहीं बल्कि रूसी सैनिकों और आम नागरिकों की मानसिक स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका वैश्विक सुरक्षा के व्यापक परिप्रेक्ष्य में रूस से विभिन्न मामलों पर चर्चा कर सकता है, लेकिन यूक्रेन जमीनी स्तर पर रूस के हर वर्ग की सोच से वाकिफ है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि रूसी सैनिक किस परिस्थिति में कदम उठाने को विवश होते हैं और कब वे व्लादिमीर पुतिन के खौफ के कारण ऐसा करते हैं। सैनिकों के सामने कानूनी कार्रवाई का खतरा मंडराता रहता है, और यदि वे यूक्रेनी नागरिकों पर हमले करने से इनकार करते हैं, तो पुतिन अपने अंदाज में उनके खिलाफ कठोर कदम उठाते हैं।
डोनाल्ड ट्रंप के साथ रणनीतिक मतभेद
संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका के साथ कूटनीतिक रिश्तों पर बात करते हुए जेलेंस्की ने स्वीकार किया कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक मामलों पर कुछ असहमतियां हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर उनका साथ दिया है, जबकि कुछ अन्य बिंदुओं पर दोनों के विचार अलग-अलग हैं। यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच आंशिक सीजफायर लागू होने का ऐलान किया था। उनके मुताबिक, युद्धग्रस्त इलाके के जरूरतमंदों तक मानवीय सहायता पहुंचाने के मकसद से इस संघर्षविराम को निर्धारित समय से 2 दिन पहले ही अमल में लाया गया।
मेलानिया ट्रंप द्वारा सीजफायर की घोषणा
मेलानिया ट्रंप ने X पर दी गई अपनी पोस्ट में उल्लेख किया था कि संघर्षविराम की शुरुआत हो चुकी है। उनके अनुसार, मॉस्को के समयानुसार यह सीजफायर 27 अक्टूबर, 2026 को सुबह 4 बजे प्रभावी हुआ। नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए इसे तय मियाद से पहले लागू किया गया। मेलानिया ने यह भी बताया कि खेरसॉन क्षेत्र के ओलेश्की से आगे तक इस संघर्षविराम के दायरे को बढ़ाया गया है ताकि सहायता काफिले सुरक्षित गुजर सकें। रूसी सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ के प्रमुख जनरल वालेरी वासिलीविच ने भी इस बात की पुष्टि की थी।



















