रोज़ सुबह वही पोहा, इडली या पराठा खाकर मन ऊब गया हो तो बिहार की एक पुरानी डिश आपकी थाली का स्वाद बदल सकती है। इसका नाम है बगिया, जो चना दाल और चावल के आटे से बनती है और सीधे भाप में पकाई जाती है। तेल का इस्तेमाल न के बराबर होने की वजह से यह हल्की भी रहती है और सेहत के लिहाज़ से भी फायदेमंद मानी जाती है। जिन लोगों को घर पर देसी और हेल्दी रेसिपी आज़माना पसंद है, उनके लिए बगिया एक बेहतरीन विकल्प बन सकती है। एक बार बनाकर चखने के बाद इसे बार-बार टेबल पर देखने का मन करेगा।
बगिया इतनी खास क्यों मानी जाती है
बगिया की सबसे बड़ी खूबी इसका बनने का तरीका है। मोमोज या समोसे जैसी चीज़ों के उलट इसे तलने की कोई ज़रूरत नहीं पड़ती, पूरी डिश भाप में ही पक जाती है। इससे न सिर्फ कैलोरी कम होती है बल्कि चना दाल की स्टफिंग से प्रोटीन भी भरपूर मिलता है। स्वाद में हल्दी, जीरा, हरी मिर्च और लहसुन-अदरक का जो मसालेदार तड़का इसमें भरा जाता है, वह इसे हल्का होते हुए भी बेहद चटपटा बना देता है।
बगिया बनाने के लिए क्या-क्या चाहिए
इसे बनाने के लिए ज़्यादा सामान की ज़रूरत नहीं पड़ती और ज्यादातर चीज़ें किचन में पहले से मौजूद रहती हैं। 2 कप चावल का आटा, ढाई कप पानी, 1 कप पहले से भीगी हुई चना दाल, 3-4 हरी मिर्च, 5-6 लहसुन की कलियां और 1 इंच अदरक का टुकड़ा लेना होता है। इसके अलावा 1/2 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर, 1/2 छोटा चम्मच जीरा पाउडर, स्वादानुसार नमक और 2 बड़े चम्मच बारीक कटा हरा धनिया भी चाहिए होता है। स्टीमर की जाली पर लगाने के लिए थोड़ा-सा तेल अलग से रख लेना चाहिए ताकि बगिया भाप में चिपके नहीं। इतनी सामग्री से घर पर आसानी से एक स्वादिष्ट और सेहतमंद बैच तैयार हो जाता है।
स्टफिंग और चावल के आटे की लोई तैयार करने का तरीका
सबसे पहले भीगी हुई चना दाल का पूरा पानी निकाल दें। इसके बाद चना दाल, हरी मिर्च, लहसुन और अदरक को बिना पानी डाले दरदरा पीस लें, ताकि स्टफिंग का टेक्सचर बना रहे। इस पिसे हुए मिश्रण में हल्दी पाउडर, जीरा पाउडर, नमक और बारीक कटा हरा धनिया डालकर अच्छी तरह मिला लें, स्टफिंग तैयार है। अब आटे के लिए एक बर्तन में पानी और नमक डालकर उबाल लें। पानी उबलते ही धीरे-धीरे चावल का आटा डालें और साथ ही लगातार चलाते रहें ताकि गुठलियां न बनें। गैस बंद करने के बाद इस मिश्रण को 5 मिनट तक ढककर रख दें। जब यह हल्का ठंडा हो जाए, तो हाथ से अच्छी तरह गूंथकर एक मुलायम आटा तैयार कर लें। यही आटा बगिया की बाहरी परत बनेगा, जिसमें दाल की स्टफिंग भरी जाएगी।
बगिया को आकार कैसे दें
तैयार आटे से छोटी-छोटी लोइयां तोड़ लें और हथेली से हल्का दबाकर उन्हें कटोरी जैसा आकार दें। अब हर कटोरीनुमा लोई के बीच में एक चम्मच चना दाल की स्टफिंग रखें और किनारों को उंगलियों से अच्छी तरह बंद कर दें, ताकि भाप में पकते समय भरावन बाहर न निकले। जिन्हें थोड़ा और सजावटी लुक पसंद है, वे इसे गुझिया की तरह मोड़कर कलात्मक आकार भी दे सकते हैं।
स्टीम करने और परोसने का सही तरीका
स्टीमर में पहले पानी गर्म कर लें और उसकी जाली पर हल्का-सा तेल लगा दें, इससे बगिया चिपकेगी नहीं। अब तैयार बगिया को जाली पर थोड़ी-थोड़ी दूरी बनाकर रखें और ढक्कन बंद करके 12 से 15 मिनट तक भाप में पकने दें। जब बगिया अच्छी तरह पक जाए और छूने पर नरम महसूस हो, तो इसे सावधानी से बाहर निकाल लें। इसे गरमागरम ही हरी चटनी, धनिया की चटनी या टमाटर की चटनी के साथ परोसना चाहिए। जो लोग स्वाद को और बढ़ाना चाहते हैं, वे ऊपर से थोड़ा-सा घी डाल सकते हैं, इससे बगिया का स्वाद और भी लाजवाब हो जाता है।











