दिन की शुरुआत के लिए या शाम की हल्की भूख मिटाने के लिए ऐसा कुछ चाहिए जो झटपट बन जाए, स्वाद में लाजवाब हो और शरीर को फौरन ताकत भी दे, तो नमकीन साबूदाना खिचड़ी से बेहतर शायद ही कोई विकल्प हो। कोडरमा की गृहिणी राधिका प्रजापति ने बातचीत में बताया कि यह व्यंजन न सिर्फ कम समय में तैयार हो जाता है, बल्कि इसे सुबह के नाश्ते और शाम के हल्के भोजन, दोनों के तौर पर आसानी से बनाया जा सकता है।
साबूदाने की सबसे बड़ी खूबी यही है कि इसमें कार्बोहाइड्रेट भरपूर मात्रा में होता है, जिसकी वजह से खाते ही शरीर को जल्दी ऊर्जा मिल जाती है। साथ ही यह पेट पर हल्का रहता है और बड़ी आसानी से पच भी जाता है। यही कारण है कि इसे हर उम्र के लोग चाव से खाते हैं।
पकाने से पहले की तैयारी
राधिका प्रजापति के मुताबिक सबसे पहला और सबसे जरूरी काम है साबूदाने को सही तरीके से भिगोना। इसके लिए साबूदाने को अच्छी तरह धोकर करीब आधे घंटे तक पानी में भिगोकर रख दें। आधा घंटा पूरा होने पर अतिरिक्त पानी निकाल दें और भीगे हुए साबूदाने को छलनी में डाल दें, ताकि वह हल्का सूख जाए और हर दाना एक-दूसरे से अलग रहे। यही वह छोटी सी तरकीब है जिससे खिचड़ी चिपचिपी नहीं बनती।
इसी बीच बाकी सामग्री भी तैयार कर लें। प्याज, टमाटर, लहसुन और उबले हुए आलू को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। जब सारी चीजें पहले से कटी और तैयार रखी हों, तो खिचड़ी बनाने में न तो ज्यादा वक्त लगता है और न ही कोई झंझट रहती है।
बनाने की आसान विधि
अब एक कड़ाही में तेल गर्म करें। सबसे पहले इसमें उबले आलू के टुकड़े डालकर उन्हें हल्का सुनहरा होने तक तल लें और फिर निकालकर अलग रख दें। बचे हुए उसी तेल में लाल मिर्च, बारीक कटा लहसुन, प्याज और करी पत्ता डालकर मध्यम आंच पर अच्छी तरह भूनें।
जैसे ही प्याज हल्का सुनहरा हो जाए, उसमें कटे हुए टमाटर डाल दें। अब इसमें स्वादानुसार नमक, काली मिर्च पाउडर और हल्दी पाउडर मिलाएं। मसाले को तब तक पकने दें जब तक टमाटर पूरी तरह गल न जाए और मिश्रण से अच्छी खुशबू आने न लगे। यही वह पल है जब खिचड़ी का असली स्वाद तय होता है।
इसके बाद पानी से अच्छी तरह छना हुआ साबूदाना कड़ाही में डाल दें और सारी सामग्री को धीरे-धीरे मिलाएं, ताकि दाने टूटें नहीं। अब कुछ मिनट तक लगातार चलाते हुए मध्यम आंच पर पकाते रहें। जब साबूदाने के दाने पारदर्शी या जेली जैसे दिखने लगें, तो समझ जाइए कि आपकी खिचड़ी पककर पूरी तरह तैयार है।
ऊर्जा और स्वाद का बेहतरीन मेल
राधिका बताती हैं कि तैयार नमकीन साबूदाना खिचड़ी को हरी धनिया और नींबू के रस के साथ परोसना सबसे अच्छा रहता है। अगर स्वाद में थोड़ी और जान और कुरकुरापन चाहिए, तो इसमें भुनी हुई मूंगफली भी मिलाई जा सकती है।
चूंकि साबूदाना कार्बोहाइड्रेट का अच्छा स्रोत माना जाता है, इसलिए यह शरीर को तुरंत ऊर्जा देने में मदद करता है। यही वजह है कि इसे सुबह हो या शाम, किसी भी समय नाश्ते के रूप में खाया जा सकता है और बच्चों के टिफिन में भी बेझिझक रखा जा सकता है।













