जमशेदपुर के प्रसिद्ध डिमना गोल चक्कर पर खान-पान के शौकीनों के लिए एक बेहद अनोखा और चटपटा व्यंजन लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। यहां स्थित अपनी दुकान पर स्थानीय विक्रेता सूरज जी एक फीट आकार वाली विशाल सत्तू कचौड़ी चाट तैयार करते हैं। सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक मिलने वाली इस चाट का स्वाद लेने के लिए रोज दर्जनों लोग पहुंचते हैं। आकार में विशाल होने के साथ-साथ यह चाट एक वक्त के पूरे भोजन की कमी को आसानी से पूरा कर देती है। यही वजह है कि डिमना गोल चक्कर से गुजरने वाले लोग इस जायके का आनंद उठाने के लिए जरूर रुकते हैं।
कचौड़ी की अनूठी बनावट और खास सामग्री
इस विशालकाय कचौड़ी को तैयार करने की प्रक्रिया सामान्य कचौड़ी से काफी अलग और खास है। सूरज जी इसे बनाने के लिए हल्के गेहूं के आटे और मैदा का एक संतुलित मिश्रण इस्तेमाल करते हैं। कचौड़ी के भीतर सत्तू की स्वादिष्ट भराई की जाती है, जो इसे अंदर से पोषण और अनूठा स्वाद प्रदान करती है। करीब एक फीट लंबी और चौड़ी होने के बावजूद यह कचौड़ी बेहद खस्ता और हल्की रहती है। तलने के बाद भी इसमें भारीपन महसूस नहीं होता, जिससे ग्राहक इसे बहुत चाव और सुगमता से खाते हैं।
मसाले, घुघनी और चटनी का बेहतरीन संगम
कचौड़ी को सही तरीके से तलने के बाद इसे एक बड़ी प्लेट में रखकर चाट का रूप दिया जाता है। सबसे पहले कचौड़ी के ऊपर गरमा-गरम सफेद या हरी मटर की गाढ़ी घुघनी डाली जाती है। इसके बाद सूरज जी अपने घर पर खास तौर पर तैयार किए गए सीक्रेट मसाले छिड़कते हैं। स्वाद को और बेहतर बनाने के लिए ताजा गाढ़ा दही, इमली की तीखी-खट्टी चटनी और गुड़-खजूर से बनी मीठी चटनी का संयोजन किया जाता है। अंत में बारीक कटे हुए प्याज, हरी मिर्च और धनिया पत्ती से इसे सजाया जाता है। इन सभी सामग्रियों का मिश्रण कचौड़ी के हर निवाले को बेहद चटपटा और स्वादिष्ट बना देता है।
ग्राहकों की प्रतिक्रिया और डिमना गोल चक्कर का पता
पहली बार इस स्टॉल पर आने वाले लोग जब एक फीट बड़ी कचौड़ी को देखते हैं तो वे हैरान रह जाते हैं। लेकिन जैसे ही वे इसका पहला निवाला लेते हैं, इसकी कुरकुरी परत, गरमा-गरम घुघनी और खट्टी-मीठी चटनियों का संतुलन उन्हें मंत्रमुग्ध कर देता है। स्थानीय ग्राहकों का कहना है कि यह व्यंजन सिर्फ दिखाने के लिए बड़ा नहीं है, बल्कि इसका स्वाद भी अव्वल दर्जे का है। चाट प्रेमियों के लिए एक ही प्लेट में पेट भर जाने और मन खुश होने का यह बेहतरीन साधन बन चुका है। जो लोग डिमना गोल चक्कर के आसपास रहते हैं या वहां से गुजरते हैं, वे सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे के बीच सूरज जी की इस अनोखी सत्तू कचौड़ी चाट का अनुभव ले सकते हैं।



















