भारतीय खानपान में खड़े मसालों का इस्तेमाल सदियों से होता आ रहा है। दालचीनी, लौंग, इलायची, तेजपत्ता और जीरा जैसे साबुत मसाले किसी भी साधारण व्यंजन के स्वाद और महक को कई गुना बढ़ा देते हैं। अमूमन ज्यादातर घरों में खाना बनाते वक्त कड़ाही में तेल गर्म होते ही सबसे पहले खड़े मसाले डाल दिए जाते हैं। हालांकि, खाना पकाने की यह आम आदत आपकी पसंदीदा डिश का स्वाद खराब कर सकती है। शेफ कुलदीप राणा ने तड़के से जुड़ी इस आम चूक के पीछे के कारणों को समझाया है और बताया है कि मसालों का असली जायका हासिल करने के लिए उन्हें कब और कैसे पकाना चाहिए।
खौलते तेल में खड़े मसाले डालने से क्यों होता है नुकसान?
अक्सर देखा जाता है कि जब कड़ाही में तेल तेज गर्म हो जाता है और उससे धुआं निकलने लगता है, तब सीधे उसमें खड़े मसाले डाल दिए जाते हैं। बहुत अधिक तापमान पर मसाले डालते ही वे एक ही सेकंड में जल जाते हैं। खड़े मसालों की असली खूबी उनके अंदर मौजूद प्राकृतिक एसेंशियल ऑयल्स में होती है। जब मसाले जल जाते हैं, तो ये प्राकृतिक तेल पूरी तरह नष्ट हो जाते हैं। इसके चलते खाने में मसालों की भीनी सुगंध आने के बजाय कड़वा स्वाद घुल जाता है और आपकी सारी मेहनत बेकार हो जाती है।
शेफ के अनुसार, सीधे गर्म तेल में खड़े मसाले डालने का तरीका केवल कुछ चुनिंदा खास रेसिपीज के लिए ही सही माना जाता है, जहां जानबूझकर मसालों को हल्का जलाकर स्मोकी फ्लेवर लाना मुख्य मकसद होता है। लेकिन अगर आप रोजाना की दाल, सब्जी, कढ़ी या ग्रेवी तैयार कर रहे हैं, तो यह तरीका भोजन की पौष्टिकता और स्वाद दोनों को नुकसान पहुंचाता है।
मसालों को भूनने का सही और आसान तरीका
सब्जी या दाल में मसालों की महक और स्वाद को पूरी तरह बरकरार रखने के लिए शेफ कुलदीप राणा ने कुछ बेहद उपयोगी चरण बताए हैं
- तापमान पर नियंत्रण: तेल को बहुत अधिक गर्म न करें। खाना बनाते समय आंच हमेशा मध्यम रखें ताकि सामग्री जले नहीं।
- प्याज, लहसुन और अदरक को दें प्राथमिकता: तेल गर्म होने के बाद सबसे पहले कटी हुई प्याज, लहसुन या अदरक का पेस्ट डालें और उसे सुनहरा होने तक भूनें। प्याज में मौजूद प्राकृतिक नमी तेल के अत्यधिक तापमान को संतुलित कर देती है।
- सही वक्त पर मिलाएं साबुत मसाले: जब प्याज हल्की भुन जाए और उसका पानी थोड़ा कम हो जाए, तब कड़ाही में लौंग, हरी इलायची, दालचीनी और जीरा जैसे खड़े मसाले डालें।
- धीमी आंच पर पकाएं: प्याज की हल्की नमी मसालों को जलने से बचाती है। धीमी आंच पर पकने से मसालों का मूल स्वाद और प्राकृतिक तेल ग्रेवी में अच्छी तरह समा जाते हैं।
छोटी सी सावधानी से बदल जाएगा रोज का स्वाद
कुकिंग एक ऐसी कला है जिसमें सही समय और सही तापमान का तालमेल बेहद अहम होता है। जब आप प्याज के भुनने के बाद खड़े मसाले डालते हैं, तो उनकी प्राकृतिक खुशबू लंबे समय तक भोजन में बनी रहती है। अगली बार जब भी आप रसोई में खाना बनाएं, तो तेल में सीधे साबुत मसाले झोंकने की जल्दबाजी से बचें और सही तकनीक अपनाकर भोजन को स्वादिष्ट बनाएं।



















