मथुरा का नाम सुनते ही भगवान श्रीकृष्ण की नगरी, मंदिरों की घंटियों की गूंज और वहां मिलने वाले खास पेड़ों की खुशबू जेहन में उतर आती है। इन पारंपरिक पेड़ों का स्वाद ऐसा होता है कि एक बार जुबान पर चढ़ जाए तो लंबे समय तक याद रहता है। वैसे तो बाजारों में यह मिठाई आसानी से मिल जाती है, लेकिन घर पर तैयार ताजे और शुद्ध पेड़ों की बात ही कुछ और होती है। सबसे अच्छी बात यह है कि इन्हें बनाने के लिए आपको किसी भारी-भरकम उपकरण या लंबी फेहरिस्त वाली सामग्री की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है। रसोई में रखे कुछ बुनियादी सामान जैसे मावा, चीनी, थोड़ा सा घी और इलायची के दाने से ही आप लाजवाब पेड़े तैयार कर सकते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में सबसे ज्यादा ध्यान मावा भूनने की कला पर देना होता है, क्योंकि मावा जितना करीने से भुनेगा, पेड़ों का रंग और सोंधापन उतना ही बेहतरीन आएगा।
पेड़े बनाने के लिए जरूरी सामग्री और माप
अपने घर की रसोई में मथुरा स्टाइल के स्वादिष्ट पेड़े बनाने के लिए आपको 250 ग्राम मावा या खोया की जरूरत होगी। इसके साथ ही लगभग तीन-चौथाई कप पिसी हुई चीनी, आधा चम्मच शुद्ध घी, आधा चम्मच इलायची पाउडर और आवश्यकतानुसार थोड़े से दूध का इंतजाम करना होगा। मीठे की मात्रा आप अपने परिवार की पसंद के अनुसार थोड़ी कम या ज्यादा भी कर सकते हैं। अगर अचानक घर पर कोई मेहमान आ जाए या फिर किसी पावन त्योहार के मौके पर कुछ खास मीठा परोसने का मन हो, तो यह आसान रेसिपी आपके बेहद काम आ सकती है.
मावा भूनने की सही तकनीक और बरती जाने वाली सावधानी
पेड़ों के असली और पारंपरिक स्वाद की पूरी नींव मावा की भुनाई पर टिकी होती है। इस चरण के लिए एक भारी तले वाली कड़ाही का चुनाव करें और उसे गैस चूल्हे पर बिल्कुल धीमी आंच पर चढ़ा दें। अब इसमें मावा डालकर कलछी से लगातार चलाते रहना बेहद जरूरी है। यदि आप इसे तेज आंच पर भूनने की कोशिश करेंगे तो मावा नीचे से जल सकता है, जिससे इसका पूरा स्वाद बिगड़ जाएगा। धीरे-धीरे आहिस्ता-आहिस्ता मावा का रंग बदलने लगता है। जब यह सुनहरे भूरे रंग का होने लगे और कड़ाही से एक सोंधी सी महक उठने लगे, तो समझ लीजिए कि मावा बिल्कुल सही तरीके से भुन रहा है। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान आंच को धीमा ही रखना है और अगर मावा बहुत सूखा नजर आए तो नाममात्र का घी या दूध मिलाया जा सकता है, लेकिन इसकी मात्रा ज्यादा बिल्कुल न हो।
चीनी मिलाने का सही समय और तापमान का ध्यान
जब मावा अच्छी तरह भुन जाए तो गैस की फ्लेम को तुरंत बंद कर दें। इसके बाद सबसे अहम बात यह है कि भुने हुए मावा को गर्म कड़ाही में ही चीनी के साथ बिल्कुल न मिलाएं। कड़ाही की बची हुई गर्माहट के कारण मावा का तापमान काफी ऊंचा रहता है, और ऐसे गरम मिश्रण में चीनी डाल देने से वह तुरंत पिघल जाती है जिससे पूरा मिश्रण जरूरत से ज्यादा ढीला और चिपचिपा हो जाता है। इस परेशानी से बचने के लिए बेहतर यही होगा कि भुने हुए मावा को एक साफ प्लेट में निकाल लें और उसे थोड़ी देर के लिए ठंडा होने दें। जब मावा छूने पर हल्का गुनगुना महसूस हो, तभी आपको अपने अगले चरण की तरफ बढ़ना चाहिए।
अब इस गुनगुने मावा में पिसी हुई चीनी और इलायची पाउडर को शामिल करें। अपने हाथों की उंगलियों या फिर एक चम्मच की सहायता से इसे भली-भांति मिला लें। मिश्रण को हल्का-हल्का मसलते रहें ताकि चीनी और इलायची का हर एक अंश मावा के कोने-कोने तक पहुंच जाए। यदि इस दौरान आपको मिश्रण थोड़ा सूखा लगे तो दूध की कुछ बूंदें छिड़ककर इसे बांधा जा सकता है। इस बात का खास ख्याल रखें कि दूध की मात्रा ज्यादा न हो जाए, अन्यथा आपके पेड़े का आकार बिगड़ने लगेगा और वह ढीले पड़ जाएंगे।
पेड़ों को दें पारंपरिक मथुरा वाला खूबसूरत आकार
मिश्रण तैयार होने के बाद उससे छोटे-छोटे हिस्से तोड़कर छोटी लोइयां बना लें और उन्हें अपनी हथेलियों के बीच रखकर हल्के हाथों से गोल करें। इसके बाद उन्हें अंगूठे से थोड़ा सा दबाकर बिल्कुल पारंपरिक पेड़े का आकार दे दें। अगर आप चाहें तो सजावट के लिए ऊपर से थोड़ा सा इलायची पाउडर या फिर चुटकी भर पिसी चीनी छिड़क सकते हैं। इन पेड़ों को बनाते समय इन्हें बहुत ज्यादा जोर देकर दबाने की कोई जरूरत नहीं होती है। इन्हें हल्के हाथों से ही मनचाहा आकार देना चाहिए ताकि इनकी बनावट और दानेदार रूप बरकरार रहे। यदि मिश्रण बनाते वक्त आपके हाथों में चिपकने लगे, तो हथेलियों पर थोड़ा सा शुद्ध घी चुपड़ा जा सकता है.
स्वाद और बनावट को बेहतर बनाने के कुछ खास टिप्स
बाजार जैसे बेहतरीन मथुरा के पेड़े तैयार करने के लिए सबसे जरूरी बात यही है कि मावा को हमेशा धीमी आंच पर ही तसल्ली से भूनें। कभी भी जल्दबाजी दिखाते हुए तेज आंच का इस्तेमाल न करें, क्योंकि इससे मावा जल जाता है और पेड़ों में एक कड़वापन घुल जाता है। इसके अलावा दूसरी सबसे अहम बात यह है कि चीनी हमेशा मावा के पर्याप्त ठंडे होने के बाद ही मिलाई जानी चाहिए। अगर आप इन स्वादिष्ट पेड़ों को किसी खास अवसर, व्रत या त्योहार के लिए बना रहे हैं, तो इन्हें तैयार करने के बाद कुछ देर के लिए सामान्य कमरे के तापमान पर सेट होने के लिए छोड़ देना चाहिए। ऐसा करने से इनका स्वाद और इनकी मुंह में घुल जाने वाली बनावट और अधिक निखर कर सामने आती है। कम सामग्री में आसानी से बनने वाली यह मिठाई हर मौके की मिठास बढ़ा देती है।



















