पारंपरिक भारतीय रसोई में मीठे व्यंजनों की एक खास जगह रही है, जिनमें गेहूं के आटे और गुड़ से बनने वाला गुलगुला बेहद लोकप्रिय है। विशेष त्योहारों और पारिवारिक अवसरों पर घरों में तैयार होने वाली यह पारंपरिक मिठाई न केवल स्वाद में लाजवाब होती है, बल्कि इसे बहुत कम सामग्री के साथ झटपट तैयार किया जा सकता है। रांची की गृहिणी उर्मिला ने इस पारंपरिक पकवान को सही तरीके से पकाने की पूरी प्रक्रिया साझा की है।
मिश्रण तैयार करने और चाशनी बनाने का तरीका
गुलगुले बनाने की शुरुआत सूखे मिश्रण को सही अनुपात में मिलाने से होती है। सबसे पहले एक गहरे बर्तन में गेहूं का आटा लें, उसमें थोड़ा मैदा मिलाएं और साथ ही बेहतरीन खुशबू व स्वाद के लिए पिसी हुई इलायची का पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें। इसके बाद गुड़ का मीठा पानी तैयार करने के लिए एक अलग पैन में दो गिलास पानी डालें और उसमें गुड़ डालकर आंच पर चढ़ाएं। पानी को तब तक गर्म होने दें जब तक कि गुड़ पूरी तरह घुलकर एकसार न हो जाए।
घोल की बनावट और तलने की विधि
गुड़ का पानी तैयार हो जाने के बाद, उसे आटे, मैदे और इलायची के सूखे मिश्रण में धीरे-धीरे डालें। इस मिश्रण को मिलाते समय ध्यान रखना जरूरी है कि घोल ज्यादा पतला न होने पाए, बल्कि गाढ़ा और एकसमान बना रहे ताकि तलते समय इसका आकार सही बने। घोल तैयार करते वक्त ही गैस पर कढ़ाई चढ़ाकर तलने के लिए तेल गर्म होने रख दें।
जब तेल अच्छी तरह गर्म हो जाए, तो तैयार गाढ़े पेस्ट को हाथों की मदद से छोटी-छोटी लोई के रूप में तेल में छोड़ें। आंच को नियंत्रित रखते हुए इन्हें तब तक तलें जब तक कि इनका रंग चारों तरफ से सुनहरा न हो जाए। पूरी तरह पकने और सुनहरा रंग आने के बाद इन्हें तेल से बाहर निकाल लें। यह देसी डोनट स्वाद में कुरकुरा और अंदर से बेहद मुलायम बनता है, जिसे हर उम्र के लोग चाव से खाते हैं।



















