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घर पर तैयार करें चटपटा भिंडी का अचार, साधारण खाने का जायका भी बन जाएगा लाजवाबखानपान
19 सित॰ 2026, 9:30 pm (20 मिनट पहले)· 0

घर पर तैयार करें चटपटा भिंडी का अचार, साधारण खाने का जायका भी बन जाएगा लाजवाब

भिंडी की रोजमर्रा की भुजिया या रसेदार सब्जी से अलग अगर कुछ नया चखना चाहते हैं, तो मसालों और सिरके के संतुलन से बना भिंडी का तीखा अचार एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है।

भिंडी की भुजिया, भरवां सब्जी या कढ़ी तो भारतीय घरों की रसोई में अक्सर बनती रहती है, लेकिन क्या आपने कभी भिंडी के चटपटे अचार का स्वाद चखा है? अधिकांश लोग केवल आम, नींबू, आंवला या मिर्च का ही अचार डालते हैं और भिंडी के अचार का नाम सुनकर चौंक जाते हैं। दरअसल बहुत कम लोग इस अनोखे अचार को बनाना जानते हैं, जबकि इसका स्वाद सामान्य पकी हुई भिंडी की तुलना में बिल्कुल जुदा और बेहद लाजवाब होता है। अगर आप भी रसोई में कुछ नया और तीखा प्रयोग करना चाहते हैं, तो घर पर आसानी से उपलब्ध मसालों के साथ यह खास अचार बना सकते हैं।

अचार के लिए सही भिंडी का चुनाव क्यों जरूरी है

भिंडी का अचार लंबे समय तक टिका रहे और खाने में रेशेदार न लगे, इसके लिए सबसे अहम पड़ाव बाजार से सही सामग्री चुनना है। फूड एक्सपर्ट निशि के अनुसार जब भी इस अचार के लिए खरीदारी करें, तो हमेशा छोटी, ताजी, हरी और कच्ची भिंडी ही चुनें। बड़ी और पकी हुई भिंडी में अक्सर कड़े बीज और मोटे रेशे बन जाते हैं, जो अचार के मजे को किरकिरा कर देते हैं। छोटी और नाजुक भिंडी मसालों को अपने भीतर आसानी से सोख लेती है और इसका खट्टा-तीखा स्वाद लंबे समय तक बरकरार रहता है।

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धोने और काटने की सही विधि

बाजार से लाई गई भिंडी पर बारीक धूल-मिट्टी और गंदगी चिपकी रह सकती है। इसलिए सबसे पहले इसे हल्के गुनगुने पानी में अच्छी तरह धोकर पूरी तरह साफ कर लें। धोने के बाद इसे किसी साफ कपड़े से पोंछकर सुखाना बेहद जरूरी है। इसके बाद हर भिंडी के पिछले हिस्से यानी डंठल को चाकू से काटकर अलग कर दें। फिर प्रत्येक भिंडी के बीचोंबीच लंबाई में एक गहरा चीरा लगाएं। यह कट ऐसा होना चाहिए जिससे भिंडी दो टुकड़ों में अलग न हो, बल्कि उसके अंदर मसाला भरने के लिए एक सुरक्षित जगह बन जाए।

सामग्री का सटीक माप और हरी मिर्च का मेल

लगभग 400 ग्राम भिंडी का संतुलित अचार तैयार करने के लिए आपको नीचे बताए गए मसालों की आवश्यकता होगी

  • खड़े मसाले: 2 बड़े चम्मच साबुत धनिया, 3 साबुत लाल मिर्च, डेढ़ बड़े चम्मच सौंफ, 1 छोटा चम्मच जीरा, आधा छोटा चम्मच अजवाइन, आधा छोटा चम्मच मेथी दाना और 20-25 काली मिर्च के दाने।
  • पिसे मसाले व नमक: डेढ़ बड़े चम्मच कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर, आधा छोटा चम्मच अमचूर पाउडर, 1/8 छोटा चम्मच हींग, आधा छोटा चम्मच हल्दी, सादा नमक और काला नमक स्वादानुसार।
  • तड़के व अतिरिक्त मसाले: 1 छोटा चम्मच साबुत जीरा, कलौंजी और मेथी दाना का मिश्रण।
  • तरल सामग्री: आधा कप सफेद सिरका, आधा कप सरसों का तेल और आधे नींबू का रस।

अचार में चटपटापन और तीखा स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें करीब 50 ग्राम ताजी हरी मिर्च भी मिलाई जाती है। इन हरी मिर्चों को भी धोकर बीच से चीरा लगा लें, ताकि इनके अंदर भी तैयार मसाला भरा जा सके।

मसाला पीसने और भरने का तरीका

अगर मसालों में हल्की भी सीलन या नमी महसूस हो, तो पीसने से पहले उन्हें किसी सूखे बर्तन या पैन में डालकर धीमी आंच पर हल्का भून लें। ऐसा करने से मसालों की नमी पूरी तरह खत्म हो जाती है और उनका प्राकृतिक तेल सक्रिय हो जाता है। इसके बाद सभी साबुत मसालों को मिक्सी के जार में डालकर दरदरा या बारीक पीस लें। अब इस पिसे हुए मसाले में हल्दी, नींबू का रस, नमक, काला नमक और अन्य सूखे मसाले अच्छी तरह मिला लें। तैयार मसाले के इस मिश्रण को चीरा लगी हुई भिंडी और हरी मिर्च के अंदर अच्छी तरह दबाकर भर दें।

पीली सरसों के तेल का इस्तेमाल और जरूरी सावधानी

अचार को सुरक्षित रखने और पारंपरिक स्वाद देने के लिए पीली सरसों के तेल का उपयोग करें। गैस जलाकर तेल को एक बर्तन में अच्छी तरह गर्म करें। तेल का प्राकृतिक रंग गहरा करने और पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने के लिए गर्म करते समय इसमें रतनजोत मिलाया जा सकता है। रतनजोत से तेल का रंग खूबसूरत लाल नजर आने लगता है। तेल जब अच्छी तरह पक जाए, तो गैस बंद कर दें और उसे सामान्य तापमान पर पूरी तरह ठंडा होने दें।

यहाँ सबसे बड़ी सावधानी यह बरतनी है कि अचार में कभी भी खौलता या हल्का गर्म तेल न डालें। अगर गर्म तेल भरा गया तो भिंडी गल जाएगी और अचार बहुत जल्दी सड़ सकता है। जब पीली सरसों का तेल बिल्कुल ठंडा हो जाए, तभी इसे मसालेदार भिंडी और हरी मिर्च के साथ मिलाएं।

जार में भरने और सुरक्षित रखने का नियम

अब एक शीशे या चीनी मिट्टी का पूरी तरह सूखा और रोगाणुरहित जार लें। भरी हुई भिंडी और मिर्च को इस जार में करीने से रखें। इसके ऊपर बचा हुआ ठंडा सरसों का तेल और सफेद सिरका इस प्रकार डालें कि सारी भिंडी और मसाले तेल में पूरी तरह डूब जाएं। सिरका और तेल का यह घेरा अचार को फफूंद से बचाता है। जार का ढक्कन कसकर बंद कर दें और इसे किसी सूखी जगह पर करीब 10 दिनों के लिए रख दें। 10 दिन पूरे होने पर भिंडी मसालों और खटास को पूरी तरह सोख लेगी और यह जायकेदार अचार परोसने के लिए तैयार हो जाएगा। यदि नमी से बचाया जाए, तो यह कई महीनों तक ताजा बना रहता है।

सवाल-जवाब

भिंडी का अचार बनाने के लिए किस तरह की भिंडी खरीदनी चाहिए?
हमेशा छोटी, कच्ची, ताजी और बिना कड़े बीजों वाली भिंडी चुनें। छोटी भिंडी मसालों को अच्छे से सोखती है और उसका स्वाद बेहतर आता है।
भिंडी के अचार में हरी मिर्च का इस्तेमाल क्यों किया जाता है?
लगभग 50 ग्राम हरी मिर्च डालने से अचार में तीखापन और स्वाद दोनों बढ़ जाते हैं।
अचार में गर्म तेल डालने से मना क्यों किया जाता है?
गर्म तेल डालने से भिंडी गल सकती है और अचार जल्दी खराब हो सकता है, इसलिए तेल को हमेशा ठंडा करके ही डालना चाहिए।
सरसों के तेल में रतनजोत मिलाने का क्या फायदा होता है?
रतनजोत से तेल का रंग गहरा और आकर्षक बनता है, साथ ही यह पाचन तंत्र के लिए भी गुणकारी माना जाता है।
यह अचार कितने दिनों में खाने लायक तैयार हो जाता है?
जार को अच्छी तरह बंद करके 10 दिनों तक रखने के बाद यह अचार पूरी तरह तैयार हो जाता है।
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