छोले के साथ अगर गरमागरम और मक्खन में लिपटा कुलचा मिल जाए, तो साधारण भोजन का आनंद भी किसी दावत जैसा हो जाता है। ज्यादातर लोगों को लगता है कि ढाबे जैसी जालीदार बनावट और सौंधी महक पाने के लिए तंदूर होना अनिवार्य है। इसी गलतफहमी के चलते लोग इसे घर में पकाने का विचार छोड़ देते हैं। सच्चाई यह है कि यदि खमीर उठाने की प्रक्रिया सही रहे और तवे की गर्माहट पर नियंत्रण हो, तो सामान्य घरेलू तवे पर भी रुई जैसा लचीला और स्वादिष्ट कुलचा तैयार किया जा सकता है।
नरम बनावट के लिए आवश्यक सामग्री का सटीक अनुपात
उत्तम परिणाम पाने के लिए सामग्री का सही माप होना बेहद जरूरी है। इसके लिए चार कप मैदा, आधा कप हल्का गर्म पानी, डेढ़ कप गुनगुना दूध, दो बड़े चम्मच ऑलिव ऑयल, एक छोटा चम्मच ड्राई यीस्ट, दो छोटे चम्मच चीनी और आधा छोटा चम्मच नमक की आवश्यकता होगी। इसके अतिरिक्त कुलचे को सेंकते समय और परोसते वक्त लगाने के लिए करीब एक-चौथाई कप मक्खन अलग रख लें। सजावट और ताजगी भरे स्वाद के लिए बारीक कटी हुई हरी धनिया पत्ती का उपयोग भी किया जा सकता है।
यीस्ट सक्रिय करने और आटा लगाने की विधि
तैयारी की शुरुआत यीस्ट को सक्रिय करने से होती है। आधे कप गुनगुने पानी में चीनी और ड्राई यीस्ट अच्छी तरह घोलकर पांच से दस मिनट के लिए ढककर रख दें। जब मिश्रण की ऊपरी सतह पर बुलबुले और हल्का झाग दिखने लगे, तो समझें कि खमीर उठने के लिए तैयार है। अब इस घोल में मैदा, गुनगुना दूध और नमक मिलाएं।
इन सभी चीजों को एक साथ मिलाकर आटा गूंधना शुरू करें। शुरुआती दौर में आटा हाथों पर चिपचिपा महसूस हो सकता है, परंतु इसमें अतिरिक्त सूखा आटा न मिलाएं। इसे हथेली की मदद से खींचते हुए और मोड़ते हुए लगभग पांच मिनट तक लगातार गूंधें। धीरे-धीरे खिंचाव से आटा चिकना और लचीला बन जाएगा। अंत में आटे पर दो बड़े चम्मच ऑलिव ऑयल लगाकर किसी गर्म जगह पर ढककर रख दें, ताकि वह फूलकर अपने सामान्य आकार से करीब दोगुना हो जाए।
बेलने की तकनीक और तवे पर सेंकने के नियम
जब आटा पूरी तरह फूल जाए, तब अपनी हथेलियों से हल्के दबाव के साथ उसकी अतिरिक्त गैस बाहर निकाल दें। इसके बाद आटे को एक से दो मिनट के लिए दोबारा गूंधें और समान आकार की गोल लोइयां काट लें। एक लोई उठाकर उसे सूखे मैदे में लपेटें और बेलन की सहायता से थोड़ा मोटा गोल या अंडाकार आकार दें।
सेंकने के लिए तवे को पहले से अच्छी तरह गर्म कर लें और आंच को मध्यम से धीमा कर दें। बेले हुए कुलचे को तवे पर डालें। कुछ ही क्षणों में कुलचे की ऊपरी सतह पर छोटे-छोटे उभार या बुलबुले उभरने लगेंगे। यही सही संकेत है कि इसे दूसरी तरफ पलट दिया जाए। दोनों तरफ हल्के सुनहरे चकत्ते आने तक इसे धैर्यपूर्वक पकाएं। आंच कभी भी तेज न रखें, क्योंकि तेज आंच पर सतह तुरंत रंग पकड़ लेगी और भीतरी हिस्सा कच्चा रह जाएगा।
परोसने का तरीका और स्वाद बढ़ाने के उपाय
तवे से उतारते ही गरमागरम कुलचे पर भरपूर मात्रा में मक्खन लगाएं। मक्खन लगते ही कुलचे की बनावट बेहद मुलायम बनी रहती है और उसकी चमक निखर आती है। ढाबा शैली का रूप देने के लिए ऊपर से बारीक कटा हरा धनिया छिड़कें। यह व्यंजन तीखे छोले, चना मसाला, ताजा दही या किसी भी मसालेदार तरी वाली सब्जी के साथ परोसा जा सकता है। साथ में कटे हुए प्याज के छल्ले और नींबू का टुकड़ा रखने से भोजन का जायका कई गुना बढ़ जाता है।



















