सावन के सुहावने मौसम और मानसून की फुहारों के बीच अक्सर चटपटे और करकरे जायके की तलब बढ़ जाती है। जयपुर के जवाहर कला केंद्र में आयोजित उमंग शिल्प एक्सपो में इन दिनों देश भर के कोने-कोने से आए कारीगर और खान-पान के पारखी अपनी-अपनी खासियतें लेकर पहुंचे हैं। उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और गुजरात के साथ-साथ मध्य प्रदेश के स्वादिष्ठ व्यंजनों की यहां जबर्दस्त धूम मची है। इनमें सबसे ज्यादा ध्यान खींच रही है इंदौर से आई मामा नमकीन, जिसके पास एक-दो नहीं बल्कि पूरे एक हजार तरह के नमकीन का अनूठा संग्रह मौजूद है।
इंदौर के सोनू चंदवानी और उनकी एक हजार नमकीनों का जादू
इंदौर निवासी सोनू चंदवानी को लोग प्यार से मामाजी कहते हैं। वे अपनी इस विशाल नमकीन रेंज के साथ जयपुर के लोगों को हर बार एक नया स्वाद चखाने आते हैं। उनके स्टॉल पर नमकीन के शौकीनों के लिए बुफे जैसी स्थिति बन जाती है। सोनू बताते हैं कि जयपुर के लोग चटपटे जायके के बहुत बड़े मुरीद हैं, इसलिए वे हर एक-दो महीने में अपनी नई-नई किस्में लेकर यहां खिंचे चले आते हैं। शुरुआती दिनों में उनके पास गिने-चुने उत्पाद ही थे, लेकिन ग्राहकों के सुझावों और अलग-अलग तरह के अनाजों से बनी नमकीन की मांग को देखते हुए उन्होंने अपना दायरा बढ़ाया और देखते ही देखते 1000 तरह के रोस्टेड नमकीन तैयार कर डाले।
सावन के व्रत के लिए 150 विशेष फलाहारी किस्में
सावन के पवित्र महीने में बड़ी संख्या में लोग उपवास रखते हैं। उपवास के दौरान खाने-पीने के सीमित विकल्प होते हैं, लेकिन सोनू चंदवानी ने इस जरूरत को भांपते हुए केवल फलाहारी नमकीन की ही 150 अलग-अलग किस्में तैयार की हैं। सावन के दिनों में इन फलाहारी नमकीनों की मांग सबसे ज्यादा रहती है। खास बात यह है कि इनकी सभी नमकीनें डीप-फ्राई करने के बजाय मुख्य रूप से रोस्टेड यानी भुनी हुई होती हैं। इन्हें बनाने में मक्का, बाजरा और रागी जैसे मोटे अनाजों का इस्तेमाल किया जाता है, जिन्हें शुद्ध पिसे हुए देसी मसालों के साथ पकाया जाता है। इसके अलावा डायबिटीज के मरीजों और सेहत के प्रति जागरूक लोगों के लिए शुगर फ्री नमकीन की विशेष व्यवस्था भी की गई है।
पनीर सेव से लेकर जेठालाल के फाफड़े तक अनोखे नाम और स्वाद
सोनू चंदवानी की नमकीन की सूची इतनी लंबी है कि कोई भी चकित रह जाए। चिवड़े की बात करें तो यहां प्याज चिवड़ा, गेहूं चिवड़ा, चावल चिवड़ा, मक्का चिवड़ा और दाल चिवड़ा उपलब्ध है। सेव की वैरायटी में दूध पनीर सेव, पानी पूरी सेव, लेमन सेव, मैगी सेव, कचौरी सेव, पालक सेव, टमाटर सेव, लौंग सेव, कढ़ी पत्ता सेव, हींग सेव, जीरावन सेव, रागी लहसुन सेव और बुरहानपुरी सेव जैसी अनगिनत किस्में शामिल हैं। टीवी धारावाहिक के लोकप्रिय किरदार पर आधारित जेठालाल का फाफड़ा, चाट गांठिया और चटोरा गांठिया भी लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं। फलाहार में साबुदाना खिचड़ी और धनिया साबुदाना लोकप्रिय हैं। इसके अलावा हींग मिक्सचर, गुजराती मिक्सचर, नागपुरी मिक्सचर, लहसुन मिक्सचर, खट्टा-मीठा मिक्सचर, केला चिप्स, आलू चिप्स, धनिया चिप्स, टमाटर-पुदीना लच्छा, चीज़ आलू स्टिक, सोया चिप्स और सोया स्टिक जैसी वैरायटी ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं।
घरेलू शुद्धता, 3 महीने की शेल्फ लाइफ और किफायती दाम
सोनू चंदवानी का कहना है कि बाजार में कई बड़े और नामी ब्रांड मौजूद हैं, लेकिन उनकी प्राथमिकता शुद्धता और स्वास्थ्यप्रद सामग्री है। वे अपनी नमकीन को घर के शुद्ध तेल और खुद तैयार किए गए मसालों से बनाते हैं। तेल और मसालों की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाता है ताकि यह पेट को नुकसान न पहुंचाए। इन सभी नमकीनों की एक बड़ी खासियत यह है कि ये पूरे तीन महीने तक खराब नहीं होतीं और इनका स्वाद तथा खस्तापन बिल्कुल वैसा ही बना रहता है। इन नमकीनों की कीमत ₹200 प्रति किलो से लेकर ₹500 प्रति किलो तक है, जो आम लोगों की जेब के बिल्कुल अनुकूल है। यही वजह है कि इंदौर और जयपुर ही नहीं, बल्कि पूरे देश में सोनू चंदवानी की नमकीन की भारी मांग रहती है।


















