शाम के वक्त जब हल्की भूख सताने लगे या फिर बच्चों के टिफिन बॉक्स के लिए किसी नई और झटपट रेसिपी की तलाश हो, तो मैगी रोल कटलेट एक बेहतरीन विकल्प साबित होता है। आम तौर पर लोग ब्रेड पकौड़े, आलू टिक्की या सादे कटलेट बनाकर थक जाते हैं, ऐसे में यह खास व्यंजन स्वाद में नयापन लेकर आता है। इस स्नैक की खूबी यह है कि यह बाहर से करारा और भीतर से एकदम नरम रहता है, जिसे खाने के बाद हर उम्र के लोग अपनी उंगलियां चाटते रह जाते हैं।
इस स्नैक की लोकप्रियता की वजह
आज के समय में लोग ऐसी खानपान की चीजें पसंद करते हैं जो कम झंझट में बन जाएं और होटल जैसी स्वादिष्ट लगें। मैगी रोल कटलेट की सबसे बड़ी खूबी इसकी अनूठी परत है। इसमें मैगी नूडल्स के बारीक टुकड़े एक अलग तरह का क्रंच पैदा करते हैं, जो हर एक बाइट को मजेदार बना देता है। वीकेंड की पार्टी हो या बच्चों की टिफिन की चिंता, यह डिश हर मौके पर खरी उतरती है।
स्वादिष्ट आलू मसाला तैयार करने की विधि
इस रेसिपी को बनाने की शुरुआत उबले हुए आलू से होती है। सबसे पहले एक कढ़ाई में थोड़ा सा तेल गर्म किया जाता है। इसके बाद उसमें राई, जीरा और एक चुटकी हींग डाली जाती है। फिर बारीक कटे हुए करी पत्ते और हरी मिर्च डालकर उसे हल्का भूनते हैं। इसके बाद हल्दी मिलाई जाती है और उबले हुए आलू को अच्छी तरह से मैश करके कढ़ाई में डाला जाता है। स्वादानुसार नमक डालकर सभी मसालों को आपस में मिलाया जाता है। अंत में थोड़ा सा नींबू का रस और बारीक कटा हरा धनिया छिड़कने से आलू का स्वाद और भी ज्यादा चटपटा हो जाता है। यदि कोई चाहे तो इसमें अपनी पसंद के अनुसार बारीक कटा हुआ प्याज या टमाटर भी जोड़ सकता है।
रोल का आकार देना और स्लरी तैयार करना
जब आलू का यह सारा मिश्रण अच्छी तरह ठंडा हो जाए, तब इसके छोटे-छोटे हिस्से लेकर लंबे बेलनाकार रोल या फिर मनपसंद आकार तैयार किए जाते हैं। ऐसा करने से तलते समय ये रोल बिखरते नहीं हैं और उनकी बनावट बरकरार रहती है। इसके बाद एक अलग बर्तन में लगभग चार चम्मच मैदा और दो चम्मच कॉर्नफ्लोर लिया जाता है। इसमें थोड़ा सा नमक डालकर धीरे-धीरे पानी मिलाते हुए एक चिकना घोल तैयार किया जाता है। यह ध्यान रखना जरूरी है कि घोल न तो बहुत ज्यादा पतला हो और न ही अत्यधिक गाढ़ा, क्योंकि इसकी सही बनावट ही रोल पर कोटिंग को टिकाए रखती है।
मैगी की क्रिस्पी कोटिंग से बढ़ाएं स्वाद
इसके बाद मैगी के एक पैकेट को निकालकर छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ लिया जाता है। तैयार किए गए हर आलू रोल को पहले मैदे के घोल में डुबोया जाता है और फिर उसे टूटे हुए मैगी के टुकड़ों में अच्छी तरह लपेट दिया जाता है। मैगी की यह परत पकने के बाद बेहद कुरकुरी हो जाती है। अगर घर में मैगी उपलब्ध न हो तो इसकी जगह ब्रेड क्रम्ब्स या मोटे पोहे का इस्तेमाल भी किया जा सकता है, हालांकि मैगी से मिलने वाला स्वाद बिल्कुल अलग होता है।
फ्राई करते समय रखें ये जरूरी सावधानियां
कढ़ाई में तेल गर्म करते वक्त यह ध्यान रखना चाहिए कि तेल बहुत ज्यादा खौला हुआ न हो। मध्यम आंच पर एक-एक करके इन रोल्स को कढ़ाई में डालना चाहिए। इन्हें धीरे-धीरे पलटते रहना बेहद जरूरी है और केवल हल्का सुनहरा होने तक ही इन्हें तलना चाहिए। ज्यादा देर तक आंच पर रखने से बाहरी सतह जरूरत से ज्यादा कड़ी हो सकती है। तलने के बाद इन रोल्स को टिश्यू पेपर पर निकाला जाता है ताकि अतिरिक्त तेल सोख लिया जाए।
बच्चों के टिफिन के लिए उत्तम विकल्प
आजकल माता-पिता इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि बच्चों को रोज टिफिन में क्या दिया जाए, ऐसे में यह रेसिपी राहत देती है। इसे टोमैटो सॉस, हरी चटनी या घर की बनी दही की डिप के साथ परोसा जा सकता है। अगर सुबह के वक्त समय की कमी हो, तो आलू का मसाला एक रात पहले ही तैयार करके फ्रिज में रखा जा सकता है। अगले दिन केवल रोल तैयार करके कोटिंग करनी होती है और झटपट नाश्ता तैयार हो जाता है। कम सामग्री और बेहद आसान तरीके से बनने वाला यह स्नैक हर रसोई की शान बन सकता है।




















