मानसून में तला-भुना नहीं, ये 6 चटपटे स्नैक्स रखेंगे सेहत का भी ख्यालखानपान
2 घंटे पहले· 1

मानसून में तला-भुना नहीं, ये 6 चटपटे स्नैक्स रखेंगे सेहत का भी ख्याल

बारिश के मौसम में समोसे-पकौड़े की जगह ये 6 हल्के और सेहतमंद स्नैक्स ट्राई करें, जो स्वाद के साथ पाचन का भी ख्याल रखेंगे।

बारिश का मौसम शुरू होते ही मन समोसे, कचौड़ी और गरमा-गरम पकौड़ों की तरफ खिंचने लगता है, लेकिन डॉक्टर और न्यूट्रिशनिस्ट बार-बार यही सलाह देते हैं कि मानसून में तला-भुना खाना पेट के लिए भारी पड़ सकता है। इस मौसम में नमी बढ़ने से बैक्टीरिया और इंफेक्शन फैलने का खतरा भी ज़्यादा रहता है, इसलिए हल्का, साफ़-सुथरा और घर का बना खाना खाना सबसे सुरक्षित माना जाता है। अच्छी बात यह है कि हेल्दी खाने का मतलब बेस्वाद खाना नहीं होता, यहां 6 ऐसे स्नैक्स दिए जा रहे हैं जो बारिश के मज़े को भी बरकरार रखेंगे और सेहत का भी पूरा ख्याल रखेंगे।

भुना हुआ मक्का सबसे पहली पसंद

बारिश और भुट्टे का रिश्ता तो जगजाहिर है। कोयले पर सिका हुआ मक्का जब उसमें नींबू का रस, काला नमक और लाल मिर्च पाउडर मिलाया जाता है, तो यह सिर्फ़ स्वाद में ही बेहतरीन नहीं लगता, बल्कि इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट पाचन तंत्र को भी दुरुस्त रखने में मदद करते हैं। यही वजह है कि गरमा-गरम भुना मक्का बारिश के मौसम में सबसे भरोसेमंद स्नैक्स में गिना जाता है।

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मखाना भेल, हल्का और कुरकुरा दोनों

जिन्हें कम कैलोरी वाला नाश्ता चाहिए, उनके लिए मखाना एक शानदार विकल्प है। मखाने को घी में तब तक भूनना है जब तक वे कुरकुरे न हो जाएं। इसके बाद इसमें बारीक कटा हुआ प्याज़, टमाटर, हरी मिर्च, ताज़ा हरा धनिया, थोड़ा सा चाट मसाला और नींबू का रस मिला दें। तैयार है चटपटी और सेहतमंद मखाना भेल, जो बारिश की शाम में चाय के साथ बेहतरीन जोड़ी बनाती है।

ओट्स या सूजी का चीला

अगर बारिश की शाम में कुछ गरम और पेट भरने वाला खाने का मन करे, तो ओट्स या सूजी का चीला बनाया जा सकता है। इसके घोल में काली मिर्च, बारीक कद्दूकस की हुई गाजर और अपनी पसंद के मसाले मिलाए जा सकते हैं। इसे पुदीने की चटनी के साथ परोसने पर स्वाद और भी बढ़ जाता है और यह विकल्प तली हुई चीज़ों के मुकाबले कहीं ज़्यादा हल्का रहता है।

चने की चाट से मिलेगी भरपूर एनर्जी

काले चने या सफेद छोले यानी काबुली चने से बनी चाट प्रोटीन का बड़ा स्रोत मानी जाती है। उबले हुए छोलों में खीरा, टमाटर, प्याज़, नींबू का रस और भुना हुआ जीरा पाउडर मिला दिया जाए, तो यह चाट न सिर्फ़ स्वादिष्ट बनती है बल्कि पेट को लंबे समय तक भरा रखती है और शरीर को एनर्जी भी देती है।

बेक्ड या एयर-फ्राइड शकरकंद फ्राइज़

जिन्हें फ्राइज़ पसंद हैं, वे आम आलू की जगह शकरकंद आज़मा सकते हैं। शकरकंद को लंबी स्ट्रिप्स में काटकर उस पर थोड़ा जैतून का तेल लगाया जाए, फिर नमक और पेरी-पेरी मसाला छिड़ककर इसे एयर फ्रायर या ओवन में बेक कर लिया जाए। यह फ्राइज़ न सिर्फ़ खाने में मज़ेदार लगते हैं, बल्कि इनमें विटामिन A और फाइबर भी भरपूर मात्रा में मौजूद होता है।

भाप में पके स्नैक्स सबसे सुरक्षित

वेज मोमोज़ या मिनी इडली जैसे भाप में पके स्नैक्स बारिश के मौसम के लिए एक बेहतरीन विकल्प माने जाते हैं। सूजी की छोटी-छोटी इडली बनाकर आखिर में उसमें करी पत्ते का तड़का लगाया जा सकता है। ये स्नैक्स न सिर्फ़ हल्के होते हैं, बल्कि आसानी से पच भी जाते हैं, जिससे मानसून में पेट संबंधी दिक्कतों का खतरा भी कम रहता है।

सवाल-जवाब

बारिश के मौसम में तला-भुना खाना क्यों नुकसानदायक माना जाता है?
मानसून में नमी बढ़ने से इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है और तली हुई चीज़ें पाचन पर भारी पड़ सकती हैं, इसलिए हल्का खाना खाने की सलाह दी जाती है।
भुने हुए मक्के को और स्वादिष्ट कैसे बनाया जा सकता है?
गरमा-गरम भुने मक्के पर नींबू का रस, काला नमक और लाल मिर्च पाउडर डालकर खाया जा सकता है।
मखाना भेल बनाने के लिए क्या-क्या चाहिए?
घी में भुना हुआ कुरकुरा मखाना, बारीक कटा प्याज़, टमाटर, हरी मिर्च, हरा धनिया, चाट मसाला और नींबू का रस चाहिए।
ओट्स या सूजी के चीले को किसके साथ परोसा जा सकता है?
इसे पुदीने की चटनी के साथ परोसा जा सकता है, जिससे इसका स्वाद और बढ़ जाता है।
चने की चाट सेहत के लिए क्यों फायदेमंद मानी जाती है?
यह प्रोटीन से भरपूर होती है, पेट को लंबे समय तक भरा रखती है और शरीर को एनर्जी देती है।
शकरकंद फ्राइज़ आम आलू के फ्राइज़ से बेहतर क्यों हैं?
शकरकंद में विटामिन A और फाइबर भरपूर मात्रा में होता है और इन्हें एयर फ्रायर या ओवन में बेक करके कम तेल में बनाया जा सकता है।
बारिश में कौन से स्नैक्स भाप में पकाकर खाए जा सकते हैं?
वेज मोमोज़ और करी पत्ते के तड़के वाली सूजी की मिनी इडली जैसे स्नैक्स भाप में पकाए जा सकते हैं।

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