मऊ में अगर आप मछली फ्राई खाने के शौकीन हैं और छोटे टुकड़ों की जगह पूरी मछली को कुरकुरा भूनकर खाना पसंद करते हैं, तो मऊ के रहने वाले नसीम की यह खास रेसिपी आपके बेहद काम आ सकती है। नसीम मछली फ्राई बनाने के लिए जाने जाते हैं और उनकी अनूठी शैली पूरी मछली को बेहद स्पाइसी और क्रिस्पी बना देती है। उनकी इस दुकान पर स्वाद लेने के लिए स्थानीय लोगों के अलावा दूर-दराज के अन्य जिलों से भी लोग आते हैं। आइए जानते हैं कि इस खास तरीके से घर पर ही स्वादिष्ट मछली फ्राई कैसे तैयार की जा सकती है।
सऊदी अरब से लौटने के बाद शुरू की दुकान
एक बातचीत के दौरान नसीम ने साझा किया कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत में सऊदी अरब में मछली फ्राई पकाने का काम किया था। विदेश में अनुभव हासिल करने के बाद वे स्वदेश लौटे और मऊ जिले के मुहम्मदाबाद गोहना इलाके में स्थित अंसार नगर गली में अपनी मछली फ्राई की दुकान का आगाज किया। उनका मछली पकाने और तलने का तरीका अन्य दुकानों से काफी अलग है। यहां ग्राहकों को छोटे टुकड़ों में कटी मछली के बजाय पूरी मछली फ्राई करके परोसी जाती है, जिससे उसका असली स्वाद और कुरकुरापन बरकरार रहता है।
ताजा मछलियों का होता है इस्तेमाल
नसीम की दुकान पर मुख्य रूप से पापलेट और प्यासी मछली को फ्राई किया जाता है। वे हमेशा ताजी मछलियों का ही चयन करते हैं। जानकारी के अनुसार, ताजी मछलियों को तालाब से सीधा दुकान पर लाया जाता है और उन्हें वहीं पाला जाता है, ताकि जब भी कोई ग्राहक आए तो उसे बिल्कुल ताजी मछली फ्राई करके दी जा सके। पापलेट मछली को बिना काटे पूरी तरह से डीप फ्राई किया जाता है, जबकि प्यासी मछली को छोटे-छोटे टुकड़ों में विभाजित करके तला जाता है।
मसाला लगाने और मैरिनेट करने की प्रक्रिया
पापलेट मछली को तैयार करने के लिए सबसे पहले उसे बहुत अच्छी तरह से साफ किया जाता है। मछली को बीच से खोलकर उसके अंदरूनी अवशेषों को बाहर निकाल दिया जाता है और फिर स्वच्छ पानी से धोया जाता है। इसके बाद मछली पर बाजार में मिलने वाला रेडीमेड मछली मसाला और उनके द्वारा खुद तैयार किया गया एक विशेष गुप्त मसाला लगाया जाता है। मसाला लगाने के बाद इस मछली को लगभग दो से तीन घंटे के लिए फ्रिज के अंदर रख दिया जाता है, ताकि सभी मसाले अंदर तक अच्छी तरह से रच-बस जाएं।
तलने की खास तकनीक और समय
जब मछली मसालों को अच्छी तरह से सोख लेती है, तब उसे फ्रिज से बाहर निकालकर एक अलग बर्तन में रख लिया जाता है। ग्राहक के ऑर्डर मिलने पर मछली का वजन किया जाता है। इसके बाद उस पर बहुत हल्की मात्रा में आटा लपेटा जाता है, ताकि कड़ाही में तलते समय मसाला अपनी जगह से हटे नहीं। फिर इस मछली को खौलते हुए गर्म तेल में डाला जाता है और लगभग 10 से 15 मिनट तक धीमी या मध्यम आंच पर फ्राई किया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया के परिणामस्वूप मछली बाहर से बेहद कुरकुरी और खाने में तीखी व स्वादिष्ट बनती है।
मसालों का मिश्रण और दुकान की टाइमिंग
नसीम के अनुसार, मछली के इस विशेष मसाले में लहसुन, प्याज, मिर्च और कई तरह के पारंपरिक मसालों का बारीक मिश्रण उपयोग किया जाता है। यही यूनीक मसाला उनकी मछली के स्वाद को सबसे अलग और शानदार बनाता है। हालांकि, मछली के आकार और उसकी मोटाई के आधार पर उसे पकने में लगने वाला समय थोड़ा बहुत बदल भी सकता है। उनकी दुकान पर पापलेट मछली फ्राई की कीमत 350 रुपये प्रति किलो और प्यासी मछली फ्राई 300 रुपये प्रति किलो तय की गई है।
दूर-दूर से पहुंचते हैं खाने के शौकीन
मछली को तैयार करने में थोड़ा वक्त लगता है, इसलिए उनके कई नियमित ग्राहक पहले से ही अपना ऑर्डर बुक करा देते हैं। उनकी यह दुकान दोपहर के करीब 2 बजे से लेकर रात के 8 बजे तक ग्राहकों के लिए खुली रहती है। नसीम बताते हैं कि उनकी दुकान का जायका चखने के लिए वाराणसी समेत कई अन्य पड़ोसी जिलों से भी लोग खिंचे चले आते हैं। जो लोग घर पर ही इसी तरह की स्पाइसी मछली फ्राई बनाना चाहते हैं, वे मछली को ठीक से साफ करके मसाले का लेप लगा सकते हैं, कुछ देर फ्रिज में रखने के बाद हल्का आटा लगाकर उसे गर्म तेल में तल सकते हैं।

















